सीताराम, सीताराम, सीताराम कहिये .....| Bhajan - 90 | Shri Sita Ram Kirtan | Sitaram Sitaram sitaram Kahiye Jahi Vidhi Raakhe Ram ...
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सीताराम, सीताराम, सीताराम कहिये ।
जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये ।।
मुख में हो राम नाम, राम सेवा हाथ में ।
तू अकेला नाहीं प्यारे, राम तेरे साथ में ।
विधि का विधान जान, हानि लाभ सहिये ।
जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये ।।१।।
किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा।
होगा प्यारे वही जो श्री रामजी को भायेगा ।
फल आशा त्याग शुभ कर्म करते रहिये ।
जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये ।।२।।
जिन्दगी की डोर सौंप, हाथ दीनानाथ के ।
महलों में राखे चाहे झोपड़ी में वास दे ।
धन्यवाद निर्विवाद, राम राम कहिये ।
जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये ।।३।।
आशा एक रामजी से, दूजी आशा छोड़ दे ।
नाता एक रामजी से, दूजा नाता तोड़ दे ।
साधु-संग, राम-रंग, अंग अंग रंगिये ।
जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये ।।४।।
सीताराम, सीताराम, सीताराम कहिये ।
जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये ।।
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