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मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी .. | Matwali Mehendi Ae.. Dadi Ke Hatha Rachgi | Dadi Bhajan : 180

  मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी तर्ज : नखरालो देवरियो  मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी हाथां रचगी...माँ के हाथां रचगी... कामण गारी मेंहदी ए,दादी के हाथां रचगी... हे अनमोल सुहाग निशानी,तेरी किस्मत न्यारी दादी जी के हाँथ रची तू,लागे प्यारी प्यारी श्यामल गारी मेंहदी ए,हाथां की शोभा बणगी मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी घनी राचणी मेंहदी गंगाजल में म्हे घुलवायी चांदी की चौकी पर बैठी दादी हाँथ मण्डाई जादूगारी मेंहदी ए,दादी पर जादू करगी मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी सर्व-सुहागन हे बड़भागान तन्ने हाँथ रचावे लाल सुरंगी रचकर तू हाथां को मान बढ़ावे बड़ी प्यारी मेंहदी ए,दादी के मन बसगी मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी मेंहदी तेरा भाग अनोखा,दादी के मन भायी दादी जी किरपा ताईं तरसे लोग-लुगाई प्यारी-प्यारी मेंहदी ए,हरष के हिये रमगी मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी हाथां रचगी...माँ के हाथां रचगी... कामण गारी मेंहदी ए,दादी के हाथां रचगी...

Bhajan 162 | कभी दुर्गा बन के कभी काली बन के ... | Kabhi Durga Ban ke Kabhi Kaali Ban Ke ...

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कभी दुर्गा बन के कभी काली बन के चली आना मईया जी चली आना  ॥ ब्रह्मचारिणी रूप में आना ॥ भक्ति हाथ ले के, शक्ति साथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ तुम दुर्गा रूप में आना ॥ सिंह साथ ले के, चक्क्र हाथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ तुम काली रूप में आना ॥ खप्पर हाथ ले के, योगिन साथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ तुम शीतला रूप में आना ॥ झाड़ू हाथ ले के, गधा साथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ तुम गौरां रूप में आना ॥ माला हाथ ले के, गणपति साथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ कभी दुर्गा बन के कभी काली बन के चली आना मईया जी चली आना  ॥

मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है | Bhajan 153 | Mere Sar Pe Jhunjhunwali Ki Chundi Lehraati He ...

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नज़दीक मेरे आने से -3 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है नज़दीक मेरे आने से -2 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 चाहें लाख़ मुसीबत आये,चाहें छाए गम के बादल2 मुझकों चिंता है कैसी,मेरे सर पे माँ का आचल-2 अपने भक्तों को दुःख में-3 माँ देख ना पाती है-2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 मैं थाम के माँ पल्ला,चलता हूँ पीछे-पीछे-2 मैं तो हूँ किस्मत वाला ,रहता हूँ चुनड़ी के निचे-2 मुझे गोद बिठा के मईया-3 सर पे हाथ फिरती है-2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 हमने तो इतना जाना,जब से है होस सम्भाला-2 एक माँ ने जन्म दिया,और एक माँ ने हमको पाला-2 संकट आने से पहले-3 दादी खुद आ जाती है माँ खुद आ जाती है मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 नज़दीक मेरे आने से -2 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2

हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो | Bhajan 152 | He Maa Mujhko Aisa Ghar Do Jisme Tumhara Mandir Ho ...

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हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ x2 हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो। हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ, x3 जय जय माँ, जय जय माँx3  ॥ इक कमरा जिसमे तुम्हारा, आसन माता सजा रहे, हर पल हर छिन भक्तो का वहां, आना जान लगा रहे। छोटे बड़े का माँ उस घर में, एक सामान ही आदर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ इस घर से कोई भी खाली, कभी सवाली जाए ना, चैन ना पाऊं तब तक दाती, जब तक चैन वो पाए ना। मुझको दो वरदान दया का, तुम तो दया का सागर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ हर एक प्राणी उस घर का माँ, तेरी महिमा गाता रहे, तू रखे जिस हाल मैं दाती, हर पल शुक्र मनाता रहे  । कभी न हिम्मत हारे माता, चाहे शमा भयंकर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो। हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ,...

जब कोई ना हो अपना,बस दादी दादी जपना | Bhajan 151 | Jab Koi Na Ho Apna, Bas Dadi Dadi Japna ...

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Based on above song.. I have modified it to Dadi Song... जब कोई ना हो अपना,बस दादी दादी जपना तू दादी दादी नाम जपना.... विश्वास सदा रखना x4 बस दादी दादी जपना,तू दादी दादी जपना.... झूठे ये रिश्ते,झूठे ये नाते वक़्त पड़े तो तेरे कोई काम नहीं आते कौन यहाँ संगी,कौन यहाँ साथी स्वारथ की ये दुनिया,यहाँ सब हैं मतलबी सब दो दिन का है सपनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना तू किसके लिए यहाँ रोता है क्यूँ गहरी नींद में सोता है क्यूँ भूल गया तू उसके करम किस कारण तेरा हुआ ये जनम तुझे दादी से है मिलनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना क्यूँ तू घबराये,क्यूँ तू भरमाये "सौरभ मधुकर/ भक्त  " दादी शरण में क्यूँ तू ना आये ये अपनाएगी,गले लगाएगी... दिनों का ये नाथ तेरा साथ निभाएगी चरणो में सदा रहनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना विश्वास सदा रखना x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना

गले से लगा लो मुझे मावड़ी | Bhajan 150 | Gale Se Laga Lo Mujhe Mawdi ...

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दादी बताओ यही लिखा है क्या मेरी तकदीर में, मुझे दिखाई दोगे क्या केवल अपनी तस्वीर में, तस्वीर से बहार आओ ना - 2, अपनी इक झलक दिखाओ न, गले से लगा लो मुझे मावड़ी -2 || जब जब भी देखी मैंने दादी तुम्हारी सूरत है, बढ़ ती जाए दिल में मेरे तुम से मिलने की चाहत है , मेरे दिल की प्यास बुझाओ न,  इक बार करीब आ जाओ न गले से लगा लो मुझे मावड़ी || यु तो सपने में मेरा तुमसे मिलना हो जाता है, पर सपना तो सपना है टूटे तो दिल घबराता सपने को सच कर जाओ न, मेरे सिर पे हाथ फिराओ ना, गले से लगा लो मुझे मावड़ी || दादी अपने बेटे को तुम इतना तो अधिकार दो, "सोनू/भक्त" तुम को कुल देवी मुझे दर्शन तुम इक वार दो, बच्चों को यु तरसाओ ना, जरा प्रीत की रीत निभाओ न, गले से लगा लो मुझे मावड़ी ||

दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | Bhajan 149 | Dadi Ki Kirpa Uss Par Thodi Si Khas He ...

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दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है, जिसका मेरी दादी पर अटल विश्वाश है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | सच्ची श्रद्धा निश्च्ता से, जिस ने दादी को धाया, उसने फिर हर कदम पर, माँ को है साथ पाया, हर घडी हर पल दादी, उस के आस पास है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | रहे निष्काम जो भी, सेवा जो करता जाए, जीवन की हर ख़ुशी, वो दादी से पाता जाए, अपनी दादी से जिसकी, बंधी हर आस है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | "सुनील/भक्त" कहना "हमारा", लगन ऐसी लगाना लक्ष्य हो अंत समय में, दादी चरणों में ठिकाना, भरोसा जिनका अटल है, होवे न निराश है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है |

दादी दादी जपेजा सुबहो शाम भगत सुख पायेगा | Bhajan 147 | Dadi Dadi Japeja Suboho Shaam Bhagat Sukh Payegaa ...

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जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. दादी दादी जपेजा सुबहो शाम, भगत सुख पायेगा दादी दादी जपेजा सुबहो शाम, भगत सुख पायेगा दादी संग में..ss दादी संग में रहेगी आठो आम,  भगत सुख पायेगा दादी संग में रहेगी आठो आम,  भगत सुख पायेगा जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. सारे जग की सेठानी यें.. सारे जग की सेठानी यें, झोली सब की भर्ती सारे जग की सेठानी यें, झोली सब की भर्ती चुनड़ी के पल्ले से दादी सुख की वर्षा करती चुनड़ी के पल्ले से दादी सुख की वर्षा करती तेरे हर लेगी..ss तेरे हर लेगी दुखड़े का मान, भगत सुख पायेगा, दादी दादी जपेजा सुबहो शाम, भगत सुख पायेगा, जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. झूठे सारे जग के नाते.. हाँ.. झूठे सारे जग के नाते सुख में साथ निभाएं हाँ.. झूठे सारे जग के नाते सुख में साथ निभाएं संकट के घड़ियों में लेकिन दादी दौड़ी आये संकट के घड़ियों में लेकिन दादी दौड़ी आये सांचा सांचा है.. सांचा सांचा है दादी जी का नाम भगत सुख पायेगा, दादी दादी जपेजा सुबहो शाम भगत सुख पायेगा, जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. अन...

तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है | मेरी दादी झुंझनुवाली है | Bhajan 146 | Tu Kitni Sundar He, Tu Kitni Pyaari He ...

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[ तर्ज : संदेशे आते है हमे तड़पाते है ] तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है, नहीं कोई तुझ जैसा, तू जग से न्यारी है, तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है । जय जय दादी माँ, जय जय दादी माँ, जय जय दादी माँ, बोलो जय जय दादी माँ ॥ की जब भी भगतों पे मुसीबत आयी है, की सर पे माँ तेरी चुनड़ लहराई है । तेरे आँचल की छइयां में हमें चिंता नहीं कोई , संभालेगी, सम्भाला है, हमें शंका नहीं कोई । तू करती भगतों की सदा रखवाली है, कोई ना तेरे दर से माँ लौटा है खाली है । तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है ।  तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है || मेरी नईया की है ओ मईया मांझी तू, सहारा भगतों का है केवल दादी तू । तेरे बिन "सौरभ मधुकर/भक्तों " का नहीं दूजा ठिकाना माँ, की तेरे चरणों से जुड़ा है ये रिश्ता पुराना माँ । तेरे ही हाथों में ये डोर हमारी है, तुझको ही सौंपा है ये जिम्मेदारी है, तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है ।  तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है ||

लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम | Bhajan 141 | Shree Rani Sati Bhajan

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लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम, दादी जी के चरना में तो माहरा चारो धाम, लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम || झुंझनू नगर में दादी जी को मंदिर बड़ो ही भारी, बैठी है दरबार लगा के जगत सेठानी म्हारी, दर्शन करता ही हो जावे भगता रो कल्याण, लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम || नाम जप्या दादी को म्हारे विपदा कभी न आवे, आने से पहले ही म्हारा सब संकट कट जावे, अब तो झुँझन वाली मैया राखे मारो ध्यान, लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम || मैया के दरबार मैं तो जब से बना हु चाकर, चकम गई है किस्मत म्हारी शरण में इनकी आकर, देखके ठाठ बाठ महारा दुनिया है हैरान , लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम ||

दादी इतनो लाड करे .. | Bhajan - 111 | Shri Rani Sati Bhajan | Dadi Itno Lad Kare ...

Song Link Click Here थारो म्हारो मावड़ी कोई घणो पुराणों सीर - 2 झुंझनु आवां तो लागे आग्या म्हे तो पीर , दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, माँ अपनो हाथ धरे | दादी कितनो लाड करे || घर मे दादी थारी चर्चा,  सगळा ही देखे निशदिन पर्चा 2 सासरिये भी म्हारो थारी जयजयकार करे 2 झुंझनु आवन ने सगळा पल में हामी भरे  दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, माँ अपनो हाथ धरे | दादी कितनो लाड करे || निश दिन की चिंता में फशकर,  उलझ रहवा दादी ऐसो हो चक्कर 2 सासरिये में काम घनेरा उरे करा आराम 2 सुबह शाम म्हे बैठ के दादी करा थारा गुणगान दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, माँ अपनो हाथ धरे | दादी कितनो लाड करे || मंगला आरती पर दिन उगे, शयन आरती पर दिन डूबे 2 बेरो कोनी चाले बीते बेगा बेगा दिन2 फेर दुबारा आवन ताई थक जावा दिन गिन 2 दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, माँ अपनो हाथ धरे | दादी कितनो लाड करे || मावस के दिन धोक लगा कर, बोला दादी महाने बिदा कर 2 घड़ी बिदाई की जद आवे झरझर बरसे नीर 2 कहे विकास की दादी बोले आती रहिजे पीर  दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, म...

म्हे म्हारी माँ का लाडला ....| Bhajan - 82 | Shri Rani Sati Dadi Bhajan | Mhe Mhari Maa Ka Ladla Ji ...

For Audio Click Here :  Mhe Mhari Maa Ka Ladla म्हे   म्हारी   माँ   का   लाडला जी , म्हाने   राखिजे संभाल    - २ हरो -भरो   रहवे परिवार,  मैया   म्हारी   रानी   सती - २   आओ नी पधारो , म्हारे आंगणे जी , म्हापे   मैहर   करो  - २ था   बिन   कुन   म्हारो   आज ,   मैया   म्हारी रानी   सती । म्हे   म्हारी   माँ   का .....।   चुनड़   मैं   लाया , चूड़ो   लाल , ओ महेंदी राचणी  - २ कर   लो   थे   भेंट   स्वीकार , मैया   म्हारी रानी   सती । म्हे    म्हारी    माँ    का .....।   ध्यावाँ म्हे   थाने , दिन   रात,  घडी   कोनी   भूल्या   मेरी   मात थे   भी   दीजो   न   भुलाए,   मैया    म्हारी रानी    सती । म्हे    म्हारी    माँ    का .....।

मैया लक्ष्मी आजा .... | Bhajan - 98 | Shri Lakshmi Maa Bhajan | Maiya Lakshmi Aaja Bigdi Aaj Bana Ja ...

(तर्ज : लला लला लोरी ) अंतरा मैया  लक्ष्मी   आजा, बिगड़ी  आज  बना  जा , हैं किस्मत  के  मारे , सोये  भाग्य  जगा  जा (२) || अस्थाई  रत्नाकर  से  प्रकट  हुई  माँ , सिन्धुसुधा  कहलाती  हो | चिरसमुंद्र  सैश  नाग  पर,  विष्णु  चरण  दबती  हो || सुर  नर  मुनि  जान  ध्यावें, हो  तुम  भाग्य  विधाता | हैं किस्मत  के  मारे , सोये  भाग्य  जगा  जा || मैया  लक्ष्मी   आजा, बिगड़ी  आज  बना  जा , हैं किस्मत  के  मारे , सोये  भाग्य  जगा  जा (२) || तेरे  आगे  पीछे  मैया, दौड़े  दुनिया  सारी | खुल  जाती  है  किस्मत  उनकी , जिनपे  तू  बलिहारी || हम  भी  तुझे  बुलाएँ, छम छम करती  आजा | हैं किस्मत  के  मारे , सोये  भाग्य  जगा  जा || मैया  लक्ष्मी   आजा, बिगड़ी...

देवी दुर्गा उमा, विश्व जननी रमा ...| Bhajan - 85 | Shri Devi Durga Maa Bhajan | Devi Durge Uma Viswa Janani Rama Mat Tara ...

For Audio Click Here :  Devi Durge Uma Viswa Janani Rama देवी दुर्गा उमा , विश्व जननी रमा , मात तारा , एक जगदम्बा तेरा सहारा ! (२) तू ही वैष्णवी मोह माया , तूने सारे जग को बनाया। चरण कमलों में माँ , रहता मस्तक नवा , यह हमारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! शैलजा स्कन्द माता भवानी , पार्वती भद्रकाली मृडाणी। सर्व बुद्धि प्रदे , अष्ट सिद्धि वर दे , त्रिपुरारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! पुण्यवानों के घर सम्पदा तू , पापियों के   भवन आपदा तू। कुल की लज्जा तू ही , साधु श्रद्धा तू ही , गुण अपारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! जिनके मुंडन की गले मालिका हैं , सृञ्जति सञ्जति तालिका हैं। रूप विकराली का , चण्डिका कालिका रुद्रतारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! मन वचन दोनों ने हार खाई , तेरा माया नहीं पार पाई। क्या करें निर्वचन , वेद नेति कथन , करके हारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! हैं हज़ारों ही अपराध मेरा , हूँ अधम पातकी तो भी तेरा। दुष्ट होवे यदा , तो भी माँ को सदा , पुत्र प्यारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! तेरी ज्योति से उदज्योति दिवाकर , तव प्रभा से सुशोभित सुधाकर। ...

चुनड़ तो ओढ़ म्हारी दादी ....| Bhajan - 73 | Shri Rani Sati Dadi Maa Bhajan | Chunad To Odh Mhari Dadi ...

चुनड़ तो ओढ़ म्हारी दादी , सिंहासन बैठी जी । कोई , देवा भोत सहराई दादी म्हारी जी , सिंहासन बैठी जी । ।   हीरा पन्ना(मोती-मूंगा) सू जड़यो , थारो सिंहासन जी कोई ऊपर छतर हजार , दादी म्हारी जी। सिंहासन...   अंग कसूमल थारे , कब्जो तो सोवे जी , कोई गले में हीरा को हार , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   हाथां म दादी थारे मेहन्दी रची है जी , कोई बाजुबन्द की महिमा अपार , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   काना में कुण्डल थारे , हृद के विराज जी , कोई हाथा में लाल चूड़ो सोहे , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   चुनड़ का अल्ला-पल्ला , भोत लुभावे जी , कोई मांय तारी को सोहे जाल , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   हाथां म चूड़ो थारे , बायां में बाजुबन्द जी , कोई माथे पे लाल टीको सोहे , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   मन में ले आशा दादी, कीर्तन में आया जी , कोई भक्ता री आश पुरावो ,  दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   भक्ता,री अर्जी दादी, मर्जी है थारी जी , कोई थारे बिना कुण सुणशी , म्हार...

नाचौ गावो, खुशी मनाओ ... | Bhajan - 72| Shri Rani Sati Dadi Maa Bhajan | Naacho Gao Khushi Manao ...

नाचौ गावो , खुशी मनाओ , झूमो रे सब आज , दादी आई है। आई है दादी आई है , भक्ता के घर आई है। टैर।।   झुंझनूवाली दादी मां , सिंह पर चढ़ कर आई है , सिंह पर चढ़ कर आई मां , रूप अनोखो सजाई है। महिमा भारी , लीला न्यारी , कलयुग की अवतार … . दादी आई है ... ।१।   सिर पे चुनड़ियां तारां की , माथै बोरलो न्यारो है। गल बिच हार है हीरां को , लागै सब नै प्यारो है। काना कुण्डल रंग-बिरंगा , गल फूलों को हार.. .  दादी आई है ...  ।२।   लाल चूड़लो हाथों में , मेंहदी लाल रचाई है। हीरां जड़ी नथ अति प्यारी , माथे बिन्दिया लगाई है। झन-झन करती पायल बाजै , देखो हर्ष अपार.. .  दादी आई है ... ।३।   ऐसो रूप सजाकर माँ , भक्तां क घर आई है। जो चाहो थे मांगल्यो , आज खजानो ल्याई है। झोली भरल्यो , दर्शन करल्यो , है माँ लखदातार. .  दादी आई है ... ।४ ।   ' भक्तवृन्द भी ' दर्शन न माँ , दौडकर थारै आयी है। दु:ख विपदा सब दूर करो , या फरियाद ल्यायी है। थे ही दुर्गा , थे ही काली , थारो यो संसार.  .  दादी आई है ...  ।५।

जगदम्बे भवानी मैया ....| Bhajan - 71 | Shri Devi Maa Bhajan | Jagdambe Bhavani Maiya ...

जगदम्बे भवानी मैया! तेरा त्रिभुवन में छाया राज है। सोहे वेष कसुमल नीको , तेरे रत्नों का सिर पै ताज है ।।टेर।।   अन्तरा जब जब भीड़ पड़ी भक्तन पर , तब-तब आय सहाय करे। अधम उद्धारण तारण मैया , युग-युग रूप अनेक धरे।। सिद्ध करती तूं भक्तों के काज है , नाम तेरो गरीब नवाज है।। सोहे वेष कसुमल... || १ ||   जल पर थल और थल पर सृष्टि , अदभुत थारी माया है। सुर नर मुनिजन ध्यान धरे नित , पार नहीं कोई पाया है। थारे हाथों में सेवक की लाज है , लियो शरणों तिहारो मैया आज है।।। सोहे वेष कसुमल... | | २ ||   जरा सामने तो आओ मैया , छुप-छुप छलने में क्या राज है। यूं छुप ना सकोगी मेरी मैया , मेरी आत्मा की ये आवाज है।।   मैं तुझको बुलाऊँ , तुम नहीं आओ , ऐसा कभी ना हो सकता। बालक अपनी , मैया से बिछुड़कर , सुख से कभी ना सो सकता।।   मेरी नईया पड़ी मझधार है , अब तूं ही तो खेवनहार है। यूछुप ना सकोगी मेरी मैया , मेरी आत्मा की ये आवाज है।। जगदम्बे भवानी मैया ... ।।