गले से लगा लो मुझे मावड़ी | Bhajan 150 | Gale Se Laga Lo Mujhe Mawdi ...
दादी बताओ यही लिखा है क्या मेरी तकदीर में,
मुझे दिखाई दोगे क्या केवल अपनी तस्वीर में,
तस्वीर से बहार आओ ना - 2, अपनी इक झलक दिखाओ न,
गले से लगा लो मुझे मावड़ी -2 ||
जब जब भी देखी मैंने दादी तुम्हारी सूरत है,
बढ़ ती जाए दिल में मेरे तुम से मिलने की चाहत है ,
मेरे दिल की प्यास बुझाओ न, इक बार करीब आ जाओ न
गले से लगा लो मुझे मावड़ी ||
यु तो सपने में मेरा तुमसे मिलना हो जाता है,
पर सपना तो सपना है टूटे तो दिल घबराता
सपने को सच कर जाओ न, मेरे सिर पे हाथ फिराओ ना,
गले से लगा लो मुझे मावड़ी ||
दादी अपने बेटे को तुम इतना तो अधिकार दो,
"सोनू/भक्त" तुम को कुल देवी मुझे दर्शन तुम इक वार दो,
बच्चों को यु तरसाओ ना, जरा प्रीत की रीत निभाओ न,
गले से लगा लो मुझे मावड़ी ||
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