शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। Bhajan 139 | Sharan Main Aaye He Hum Tumhari ....


शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन।

सम्हालो बिगड़ी दशा हमारी, दया करो हे दयालु भगवन।

न हम में बल है, न हम में शक्ति।
न हम में साधन, न हम में भक्ति।
तुम्हारे दर के हैं हम भिखारी, दया करो हे दयालु भगवन।
शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन।

प्रदान कर दो महान शक्ति, भरो हमारे में ज्ञान भक्ति।
तभी कहाओगे ताप हारी, दया करो हे दयालु भगवन।
शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन।

जो तुम पिता हो, तो हम हैं बालक।
जो तुम हो स्वामी, तो हम हैं सेवक।
जो तुम हो ठाकुर, तो हम पुजारी।
दया करो हे दयालु भगवन।
शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन।

भले जो हैं हम, तो हैं तुम्हारे।
बुरे जो हैं हम, तो हैं तुम्हारे।
तुम्हारे हो कर भी हम दुखारी।
दया करो हे दयालु भगवन।
शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन।

शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन।
सम्हालो बिगड़ी दशा हमारी, दया करो हे दयालु भगवन।

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