अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता, ...| Bhajan 121 | Agar Shyam Sundar Ka Sahara Na Hota ...



अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता,

तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ।

मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम,
मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम ।


जबसे मिली है दया हमको इनकी,
तो राहें बदल दी मेरी जिन्दगी की ।
नजारे करम का इशारा ना होता,
तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ॥
॥ अगर श्याम सुन्दर का...॥

मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम,
मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम ।

इन्ही के सहारे जीए जा रहे है,
नाम का अमृत पीए जा रहे हैं ।
मेरा बिगड़ा जीवन संवारा ना होता,
तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ॥
॥ अगर श्याम सुन्दर का...॥

मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम,
मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम ।


कोई नहीं था दुनियाँ में अपना,
कन्हिया से मिलना लगता है सपना ।
कन्हिया ने हमको जो पुकारा ना होता,
तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ॥
॥ अगर श्याम सुन्दर का...॥

मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम,
मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम ।


भँवर में थी नैया, दिया है किनारा,
इन्ही की कृपा से चले है गुजारा ।
कृपा भरी दृष्टि से निहारा ना होता,
तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ॥
॥ अगर श्याम सुन्दर का...॥

मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम,
मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम ।

अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता,
तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ।

मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम,
मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम ।

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