जिसके जीवन मैं, मिला सत्संग हैं | Bhajan 117 | Jisko Jeevan Main Mila Satsang Hai




जिसके जीवन मैं, मिला सत्संग हैं,

उसे हर घड़ी, आनंद ही आनंद है।


जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,
उसे हरदम आनंद ही आनंद है। - x2

जिसका हरी से, जुड़ा संबंध हैं,
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है। - x4

सूरदास मीरा कबीरा ने गया,
तुलसी नानक ने भी दर्शन पाया। - x2

जिसके हृदय मे राम नाम बंद है,
जिसके हृदय मे राम नाम बंद है,
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है। - x2

जिसके जीवन मैं मिला सत्संग हैं,
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है।


जिसका जीवन सच्चाई में ढल गया,
उसके पापों का पर्वत भी ढल गया,
उसके रोम रोम मे बस गोविंद 
है।

संत और ऋषियो की वाणी को मानो,
तत्व क्या है जगत का ये मन मे पहचानो।

जिसका चौरासी कट जाए फंद है
उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है।

जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,
उसे हरदम आनंद ही आनंद है। - x2


स्वर्ग जाने की इच्छा नहीं है 

मुक्ति पाने की इच्छा नहीं है 

उसे ही मिलता यहाँ परमानंद है 

उसे हर घड़ी आनंद ही आनंद है।

जिसे जीवन मैं मिला सत्संग हैं,
उसे हरदम आनंद ही आनंद है। - x2

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