ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है || Bhajan 144 | O Dadi Mhane Kai Koni Jhunjhunu Bulawe Hai..

 



न्यारी दादी प्यारी दादी म्हारी दादी,

मैं भी मैया थारी बेटी, माँ से नजर चुरावे है,
ओ दादी म्हाने, काई को नहीं झुंझुनू बुलावे है,
मखमल जैया गोदी माहि, माने भी सुलाले,
ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है ||


दादी थारी नगरी माहने, पिहरियो सो लागे x3,
ऐसो पीहर, ससरियो भी, रोज ही जानो चाहे x3,
जद जद याद करू मैं थाने x2, जोर सु हिचकी आवे है,
ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है ||

सारी सारी रात ओ मैया, नैना मैं झुंझुन घूमे x3
पलको से निंदिया की चिड़ियाँ, हर दम उड़ जावे x3
भूख लगे न प्यास लगे माँ x2, हिवड़ो भर भर आवे है,
ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है ||

अडोसी पडोसी सगळा कोसे, कैसो है रिश्तो अपनों x3,
माँ अपनी बेटी ने खुद से, दूर रखे दिन कितनो x3
आइए न धूड़कार के इब तो x2, दुनिया हासी उड़ावे है  
ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है ||

Comments

Popular posts from this blog