जब कोई ना हो अपना,बस दादी दादी जपना | Bhajan 151 | Jab Koi Na Ho Apna, Bas Dadi Dadi Japna ...

Based on above song.. I have modified it to Dadi Song...

जब कोई ना हो अपना,बस दादी दादी जपना
तू दादी दादी नाम जपना....
विश्वास सदा रखना x4
बस दादी दादी जपना,तू दादी दादी जपना....

झूठे ये रिश्ते,झूठे ये नाते
वक़्त पड़े तो तेरे कोई काम नहीं आते
कौन यहाँ संगी,कौन यहाँ साथी
स्वारथ की ये दुनिया,यहाँ सब हैं मतलबी
सब दो दिन का है सपनाss x4
तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना

तू किसके लिए यहाँ रोता है
क्यूँ गहरी नींद में सोता है
क्यूँ भूल गया तू उसके करम
किस कारण तेरा हुआ ये जनम
तुझे दादी से है मिलनाss x4
तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना

क्यूँ तू घबराये,क्यूँ तू भरमाये
"सौरभ मधुकर/भक्त " दादी शरण में क्यूँ तू ना आये
ये अपनाएगी,गले लगाएगी...
दिनों का ये नाथ तेरा साथ निभाएगी
चरणो में सदा रहनाss x4
तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना


विश्वास सदा रखना x4
तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना

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