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मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे राम आएँगे | Meree Jhopadee Ke Bhaag, Aaj Khul Jaenge, Ram Aaenge | Bhajan 177

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मेरी झोपड़ी के भाग ,  आज खुल जाएंगे , राम आएँगे , राम आएँगे आएँगे ,  राम आएँगे , मेरी झोपडी के भाग ,  आज खुल जाएंगे , राम आएँगे ॥ राम आएँगे तो ,  आंगना सजाऊँगी , दिप जलाके ,  दिवाली मनाऊँगी , मेरे जन्मो के सारे ,  पाप मिट जाएंगे , राम आएँगे , मेरी झोपडी के भाग ,  आज खुल जाएंगे , राम आएँगे ॥   राम झूलेंगे तो ,  पालना झुलाऊँगी , मीठे मीठे मैं ,  भजन सुनाऊँगी , मेरी जिंदगी के ,  सारे दुःख मिट जाएँगे , राम आएँगे , मेरी झोपडी के भाग ,  आज खुल जाएंगे , राम आएँगे ॥   मैं तो रूचि रूचि ,  भोग लगाऊँगी , माखन मिश्री मैं ,  राम को खिलाऊंगी , प्यारी प्यारी राधे ,  प्यारे श्याम संग आएँगे , श्याम आएँगे , मेरी झोपडी के भाग ,  आज खुल जाएंगे , राम आएँगे ॥   मेरा जनम सफल ,  हो जाएगा , तन झूमेगा और ,  मन गीत गाएगा , राम सुन्दर मेरी ,  किस्मत चमकाएंगे , राम आएँगे , मेर...

Bhajan 164 | मंगल भवन, अमंगल हारी ... | Mangal Bhavan Amangal Haari ....

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  मंगल भवन, अमंगल हारी, द्रबहु सु दसरथ, अजिर बिहारी l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll हो, होइहै वही जो, राम रचि राखा, को करे तर्क, बढ़ाए साखा l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll हो, धीरज धरम, मित्र अरु नारी, आपद काल, परखिए चारी l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll हो, जेहिके जेहि पर, सत्य सनेहू, सो तेहि मिलय न, कछु सन्देहू l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll हो, जाकी रही, भावना जैसी, रघु मूरति, देखी तिन तैसी l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll हो, रघुकुल रीत, सदा चली आई, प्राण जाए पर, वचन न जाई l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll हो, हरि अनन्त, हरि कथा अनन्ता, कहहि सुनहि, बहुविधि सब संता l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll मंगल भवन, अमंगल हारी, द्रबहु सु दसरथ, अजिर बिहारी l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll

Bhajan - 160 | राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई .. | Ram Naam Sukh Daayi..

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राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥ ये तन है जंगल की लकड़ी, ये तन है जंगल की लकड़ी आग लगे जल जाए, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥ ये तन है कागज की पूडिया, ये तन है कागज की पुडिया हवा चले उड़ जाई, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥ ये तन है माटी का ढेला, ये तन है माटी का ढेला बूँद पड़े गल जाई, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥ ये तन है फूलो का बगीचा, ये तन है फूलो का बगीचा धूप पड़े मुरझाई, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥ ये तन है कच्ची है हवेली, ये तन है कच्ची है हवेली पल मे टूट जाई, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥ ये तन है सपनो की माया, ये तन है सपनो की माया आँख खुले कुछ नाही, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥ राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥

शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। Bhajan 139 | Sharan Main Aaye He Hum Tumhari ....

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शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। सम्हालो बिगड़ी दशा हमारी, दया करो हे दयालु भगवन। न हम में बल है, न हम में शक्ति। न हम में साधन, न हम में भक्ति। तुम्हारे दर के हैं हम भिखारी, दया करो हे दयालु भगवन। शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। प्रदान कर दो महान शक्ति, भरो हमारे में ज्ञान भक्ति। तभी कहाओगे ताप हारी, दया करो हे दयालु भगवन। शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। जो तुम पिता हो, तो हम हैं बालक। जो तुम हो स्वामी, तो हम हैं सेवक। जो तुम हो ठाकुर, तो हम पुजारी। दया करो हे दयालु भगवन। शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। भले जो हैं हम, तो हैं तुम्हारे। बुरे जो हैं हम, तो हैं तुम्हारे। तुम्हारे हो कर भी हम दुखारी। दया करो हे दयालु भगवन। शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। सम्हालो बिगड़ी दशा हमारी, दया करो हे दयालु भगवन।

मेरे राम मेरे घर आएंगे, आएंगे प्रभु आएंगे | Bhajan 138 | Mere Ram Mere Ghar Aayenge | Shree Ram Bhilni Bhajan ...

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(तर्ज : दादी दादी बोल दादी सुन लेसी  ... ) मेरे राम मेरे घर आएंगे, आएंगे प्रभु आएंगे | प्रभु के दर्शन की आस है, और भीलनी को विशवास है मेरे राम मेरे घर आएंगे... अंगना रस्ता रोज बुहार रही, खड़ी खड़ी वो राह निहार रही मन में लगन, भीलनी मगन, भीलनी को भारी चाव है, और मन में प्रेम का भाव है मेरे राम मेरे घर आएंगे... ना जानू सेवा पूजा की रीत, क्या सोचेंगे मेरे मन के मीत शर्म आ रही, घबरा रही वो भोली भाली नार है, प्रभु को भोलों से प्यार है मेरे राम मेरे घर आएंगे... चुन चुन लायी खट्टे मीठे बेर, आने में क्यों करते हो प्रभु देर प्रभु आ रहे, मुस्का रहे, प्रभु के चरणो में गिर पड़ी, और असुअन की लागी झड़ी मेरे राम मेरे घर आएंगे... असुअन से धोए प्रभु जी के पैर, चख चख कर के खिला रही थी बेर प्रभु कह रहे, मुस्का रहे इक प्रेम के वष में राम है, और प्रेम का यह परिणाम है मेरे राम मेरे घर आएंगे... प्रभु तेरी खातिर अटक रहे थे प्राण, मुक्ति दे दो मुझको कृपा निधान लेलो शरण, अपनी चरण शबरी से बोले राम हैं, जा खुला तेरे लिए धाम है मेरे राम मेरे घर आएंगे... जो कोई ढूंढे प्रभु को दिन और रात, उसे ढूंढ़ते इक दिन दीना...

बोलो राम, जय जय राम, बोलो राम | Bhajan 136 | Bolo Ram Jai Jai Ram Bolo Ram...

Song Link Click Here   बोलो राम, जय जय राम, बोलो राम जन्म सफल होगा बन्दे, मन में राम बसा ले, भोले राम, आजा राम, भोले राम, हे राम नाम के मोती को, सांसो की माला बना ले, मन में राम बसा ले, राम पतित पवन करुनाकर, और सदा सुख दाता, भोले राम, आजा राम, भोले राम, सरस सुहावन अति मनभावन, राम से प्रीत लगा ले, मन में राम बसा ले, भोले राम, आजा राम, भोले राम, मोह माया है झूटा बन्धन, त्याग उसे तू प्राणी, राम नाम की ज्योत जला कर, अपना भाग जगा ले, मन में राम बसा ले, राम भजन में डूब के अपनी, निर्मल कर ले काया, राम नाम से प्रीत लगा के, जीवन पार लगा ले, मन में राम बसा ले, बोलो राम, जय जय राम, बोलो राम जन्म सफल होगा बन्दे, मन में राम बसा ले, भोले राम, आजा राम, भोले राम,

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता। Bhajan 137 | Hamare Saath Shree Raghunath To Kis Baat Ki Chinta ...

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हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता। शरण में रख दिया जब माथ तो किस बात की चिंता। किया करते हो तुम दिन रात, क्यों बिन बात की चिंता किया करते हो तुम दिन रात, क्यों बिन बात की चिंता। तेरे स्वामी, तेरे स्वामी, तेरे स्वामी, तेरे स्वामी को रहती है, तेरे हर बात की चिंता। ॥ हमारे साथ श्री रघुनाथ तो...॥ न खाने की, न पीने की, न मरने की, न जीने की। न खाने की, न पीने की, न मरने की, न जीने की। रहे हर स्वास, रहे हर स्वास, रहे हर स्वास रहे हर स्वास में भगवान के प्रिय नाम की चिंता। ॥ हमारे साथ श्री रघुनाथ तो...॥ विभीषण को अभय वर दे किया लंकेश पल भर में। विभीषण को अभय वर दे किया लंकेश पल भर में। उन्ही का हाँ, उन्ही का हाँ, उन्ही का हाँ उन्ही का हाँ कर रहे गुण गान तो किस बात की चिंता। ॥ हमारे साथ श्री रघुनाथ तो...॥ हुई भक्त पर किरपा, बनाया दास प्रभु अपना। हुई भक्त पर किरपा, बनाया दास प्रभु अपना। उन्ही के हाथ, उन्ही के हाथ, उन्ही के हाथ, उन्ही के हाथ में अब हाथ तो किस बात की चिंता। ॥ हमारे साथ श्री रघुनाथ तो...॥

भजमन राम चरण सुखदाई, भजमन राम चरण सुखदाई॥ Bhajan 134 | Bhajman Ram Charan Sukhdai ...

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भजमन राम चरण सुखदाई, भजमन राम चरण सुखदाई॥ जिहि चरनन से निकसी सुरसरि, संकर जटा समाई। जटासंकरी नाम परयो है, त्रिभुवन तारन आई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ जिन चरननकी चरनपादुका, भरत रह्यो लव लाई। सोइ चरन केवट धोइ लीने, तब हरि नाव चलाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ सोइ चरन संत जन सेवत, सदा रहत सुखदाई। सोइ चरन गौतमऋषि-नारी परसि परमपद पाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ दंडकबन प्रभु पावन कीन्हो, ऋषियन त्रास मिटाई। सोई प्रभु त्रिलोकके स्वामी कनक मृगा सँग धाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ कपि सुग्रीव बंधु भय-ब्याकुल, तिन जय छत्र फिराई। रिपु को अनुज बिभीषन निसिचर परसत लंका पाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ सिव सनकादिक अरु ब्रह्मादिक, सेष सहस मुख गाई। तुलसीदास मारुत-सुतकी प्रभु निज मुख करत बड़ाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ भजमन राम चरण सुखदाई, भजमन राम चरण सुखदाई॥

बड़ी देर भई, बड़ी देर भई, कब लोगे खबर मोरे राम | Bhajan 123 | Badi Der Bhai Kab Loge Khabar More Ram ....

बड़ी देर भई, बड़ी देर भई, कब लोगे खबर मोरे राम, बड़ी देर भई, कहते हैं तुम हो दया के सागर, फिर क्यूँ खाली मेरी गागर, झूमें झुके कभी ना बरसे, कैसे हो तुम घनश्याम , हे राम, हे राम बड़ी देर भई, बड़ी देर भई, ॥ कब लोगे खबर...॥ सुनके जो बहरे बन जाओगे , आप ही छलिया कह लाओगे, मेरी बात बने ना बने , हो जाओगे तुम बदनाम, हे राम, हे राम बड़ी देर भई, बड़ी देर भई, ॥ कब लोगे खबर...॥ चलते-चलते मेरे पग हारे, आई जीवन की शाम , कब लोगे खबर मोरे राम, हे राम, हे राम बड़ी देर भई, बड़ी देर भई, कब लोगे खबर मोरे राम, बड़ी देर भई,

ऐसे मेरे मन में विराजिये ... | Bhajan 122 | Shree Sita Ram Bhajan | Aise Mere Mann Main Biraajiye ...

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ऐसे मेरे मन में विराजिये ऐसे मेरे मन में विराजिये कि मै भूल जाऊं काम धाम गाऊं बस तेरा नाम भूल जाऊं काम धाम गाऊं बस तेरा नाम सीता राम सीता राम, सीता राम सीता राम सीता राम सीता राम, सीता राम सीता राम ॥ ऐसे मेरे मन में विराजिये...॥ तू चंदा हम है चकोर, दर्शन को मचाते है शोर। तेरी कृपा की नजर, अब हो जाये अपनी भी ओर। करुणा करिये मत लाजिए, कि मै भूल जाऊं काम धाम गाऊं बस तेरा नाम भूल जाऊं काम धाम गाऊं बस तेरा नाम सीता राम सीता राम, सीता राम सीता राम सीता राम सीता राम, सीता राम सीता राम ऐसे मेरे मन मैं विराजिये, ऐसे मेरे मन मैं.. प्रीती का सच्चा सुरूर, जिन्हें तुमने दिया है हुज़ूर। भक्ति की गहराईयाँ पा लेंगे वो प्रेमी जरूर। चरण कमल चित साजिए कि मै भूल जाऊं काम धाम गाऊं बस तेरा नाम भूल जाऊं काम धाम गाऊं बस तेरा नाम सीता राम सीता राम, सीता राम सीता राम सीता राम सीता राम, सीता राम सीता राम ऐसे मेरे मन मैं विराजिये, ऐसे मेरे मन मैं.. जीने का एक फल यही, जिसने जाना है ज्ञानी वही। प्रीतम हृदय में बसे बात संतो ने इतनी कही। सिया संग प्यारी छवि छाजिये। कि मै भूल जाऊं काम धाम गाऊं बस तेरा नाम भूल जाऊं काम...

राम मेरे आ जाओ, राम मेरे आ जाओ || Bhajan 114 || Ram Mere Aa Jao | Shri Ram Sabri Bhajan

Song Link Click Here चित्रकूट के घाट घाट पर, शबरी देखे बाट, राम मेरे आ जाओ lll राम मेरे आ जाओ, राम मेरे आ जाओ ll चित्रकूट के घाट घाट पर,,,,,,,,,, अपने राम जी को, " कहाँ मैं बिठाऊँ ",  " कहाँ मैं बिठाऊँ "  ll टूटा फूटा खाट खाट पर, विछा पुराना टाट, राम मेरे आ जाओ राम मेरे आ जाओ, राम मेरे आ जाओ ll चित्रकूट के घाट घाट पर,,,,,,,,,, अपने राम जी को, " क्या मैं खिलाऊँ ''  " क्या मैं खिलाऊँ ''  ll छोटे छोटे पेड़ पेड़ पर, लगे सुनहरे बेर, राम मेरे आ जाओ राम मेरे आ जाओ, राम मेरे आ जाओ ll चित्रकूट के घाट घाट पर,,,,,,,,,, अपने राम जी को, " कैसे रिझाऊँ " ll दीन हीन मोहे जान, ना ही कोई, भक्ति ना ही ज्ञान, राम मेरे आ जाओ राम मेरे आ जाओ, राम मेरे आ जाओ ll चित्रकूट के घाट घाट पर,,,,,,,,,, अपने राम जी के, " चरण पखारूँ " ll नैन से व्हे जो नीर, नीर है सुरसर जैसे तीर, राम मेरे आ जाओ राम मेरे आ जाओ, राम मेरे आ जाओ ll चित्रकूट के घाट घाट पर,,,,,,,,,, अपने राम जी को, " झूला मैं झुलाऊँ " ll हरे भरे हैं पेड़, पेड़ पर झूले सीता राम, राम मे...