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बाबा की किरपा जिसपे हो जाये, मौज उड़ाये | Baba Ki Kirpa Jispe Ho jaye, Mauj Udaye | Bhajan 178

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  बाबा की किरपा जिसपे हो जाये, मौज उड़ाये मौज उड़ाये, ले ले तू नाम ले ले, बाबा का नाम ले ले, सुबह को श्याम ले ले, बाबा की किरपा जिस पे हो जाये, मौज उड़ाये मौज उड़ाये || चाहे गरीब हो, चाहे फ़कीर हो, चाहे बुरी से बुरी, उस की तकदीर हो, बाबा दयालु, सब को निभाये, मौज उड़ाये मौज उड़ाये || बाबा की किरपा जिसपे हो जाये, मौज उड़ाये मौज उड़ाये || पीतल की सोना, कंकर का मोती, बन जाये पल में, किरपा जो होती, पल में करिश्मा, करके दिखाये, मौज उड़ाये मौज उड़ाये || बाबा की किरपा जिसपे हो जाये, मौज उड़ाये मौज उड़ाये || बाबा के बेटे, दुःख नहीं पाते, वनवारी हर दम, खुशियां मनाते, भक्तो का दुःख ले, खुद ही उठाये, मौज उड़ाये मौज उड़ाये || बाबा की किरपा जिसपे हो जाये, मौज उड़ाये मौज उड़ाये ||

मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ, आओ जी गजानन आओ | Bhajan 175 | Mere Kirtan Mein Rang Barsao ....

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  मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ, आओ जी गजानन आओ || ब्रह्मा तुम भी पधारो, विष्णु तुम भी पधारो, भोले शंकर को साथ ले आओ, आओ जी गजानन आओ, मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ, आओ जी गजानन आओ || लक्ष्मी तुम भी पधारो, गौरा तुम भी पधारो, सरस्वती को साथ ले आओ आओ जी गजानन आओ, मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ, आओ जी गजानन आओ || राम तुम भी पधारो, लक्ष्मण तुम भी पधारो, सीता मैया को साथ ले आओ, मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ, आओ जी गजानन आओ || श्याम तुम भी पधारो, राम तुम भी पधारो, राधा रानी को साथ ले आओ, मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ, आओ जी गजानन आओ || हनुमत तुम भी पधारो, नारद तुम भी पधारो, मैया रानी को साथ ले आओ, मेरे कीर्तन में रंग बरसाओ, आओ जी गजानन आओ ||

Bhajan 161 | श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है। Shree Radhe Govinda Mann Bhaj le Hari Ka Pyaara Naam He ...

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श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है। गोपाला हरी का प्यारा नाम है, नंदलाला हरी का प्यारा नाम है॥ मोर मुकुट सर गल बन माला, केसर तिलक लगाए, वृन्दावन में कुञ्ज गलिन में सब को नाच नचाए। श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है॥ गिरिधर नागर कहती मीरा, सूर को शयामल भाया, तुकाराम और नामदेव ने, विठ्ठल विठ्ठल गाया। श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है॥ नरसी ने खडताल बजा के, सांवरिया को रिझाया, शबरी ने अपने हाथों से, प्रभु को बेर खिलाया। श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है॥ राधा शक्ति बिना ना, कोई श्यामल दर्शन पाए, आराधन कर राधे राधे, काहना भागे आए। श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है॥ सिमरन का रस जिसको आया, वो ही जाने मन में, निराकार साकार होतरे, भगतों के आँगन में। श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है॥ श्याम सलोना कुंजबिहारी, नटवर लीलाधारी, अन्तर्वासी हरिअविनाशी, लागे शरण तिहारी। श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है॥ श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है। गोपाला हरी का प्यारा नाम है, नंदलाला हरी का प्या...

राधिका गोरी से बिरज की छोरी से | Bhajan 159 | Radhika Gori Se Biraj Ki Chori Se ...

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राधिका गोरी से बिरज की छोरी से, ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ मैया करादे मेरो ब्याह ... उम्र तेरी छोटी है, नज़र तेरी खोटी है, कैसे करादू तेरो ब्याह ... .॥ जो नहीं ब्याह कराये, तेरी गैया नहीं चराऊ आज के बाद मेरी मैया तेरी देहली पर न आऊँ आएगा रे मज़्ज़ा रे मज़्ज़ा अब जीत हार का ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ चन्दन की चौकी पर मैया तुझको बिठाऊँ अपनी राधा से मैं चरण तेरे दबवाऊं भोजन मैं बनवाऊंगा बनवाऊंगा, छप्पन प्रकार के ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ छोटी सी दुल्हनिया जब अंगना में डोलेगी तेरे सामने मैया वो घूँघट न खोलेगी दाऊ से जा कहो जा कहो बैठेंगे द्वार पे ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ सुन बातें कान्हा की मैया बैठी मुस्काएं लेके बलैयां मैया हिवडे से अपने लगाये नज़र कहीं लग जाये न लग जाये न मेरे लाल को ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ राधिका गोरी से बिराज की छोरी से कान्हा कारादू तेरो बियाह ...........

दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से | Bhajan 158 | Dinanath Meri Baat Chaani Koni Tere Se ...

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दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || खाटू वाले श्याम तेरी, शरण में आ गयो श्याम प्रभु रूप तेरो, नैणां में समां गयो बिसरावे मत बाबा, हार मानी तेरे से आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || बालक हूँ मैं तेरो श्याम, मुझको निभायले दुखड़े को मारयो मन, कालजे लगायले पथ दिखलादे बाबा, काढ़ दे अँधेरे से आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || मुरली अधर पे, कदम तल झूमे हैं भक्त खड़ा तेरे, चरणां ने चूमे हैं खाली हाथ बोल कया, जाऊ तेरे-नेरे से आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || खाओ हो थे खीर चूरमो, लीले ऊपर घूमो हो सेवका न बाबा थे, क़द्दे ही कोनी भूलो हो टाबरियाँ की झोली भर, भेजो थारे डेरे से आँखड़ली चुराकर...

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको । Bhajan 154 | Shri Ganesh Aarti Sidhi Vinayak

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको । दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको । हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको । महिमा कहे न जाय लागत हूं पादको ॥ जय देव जय देव, जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता, जय देव जय देव ॥ अष्टौ सिद्धि दासी संकटको बैरि । विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी । कोटीसूरजप्रकाश ऐबी छबि तेरी । गंडस्थलमदमस्तक झूले शशिबिहारि ॥ ॥ जय देव जय देव...॥ भावभगत से कोई शरणागत आवे । संतत संपत सबही भरपूर पावे । ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे । गोसावीनंदन निशिदिन गुन गावे ॥ जय देव जय देव, जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता, जय देव जय देव ॥

मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है | Bhajan 153 | Mere Sar Pe Jhunjhunwali Ki Chundi Lehraati He ...

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नज़दीक मेरे आने से -3 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है नज़दीक मेरे आने से -2 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 चाहें लाख़ मुसीबत आये,चाहें छाए गम के बादल2 मुझकों चिंता है कैसी,मेरे सर पे माँ का आचल-2 अपने भक्तों को दुःख में-3 माँ देख ना पाती है-2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 मैं थाम के माँ पल्ला,चलता हूँ पीछे-पीछे-2 मैं तो हूँ किस्मत वाला ,रहता हूँ चुनड़ी के निचे-2 मुझे गोद बिठा के मईया-3 सर पे हाथ फिरती है-2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 हमने तो इतना जाना,जब से है होस सम्भाला-2 एक माँ ने जन्म दिया,और एक माँ ने हमको पाला-2 संकट आने से पहले-3 दादी खुद आ जाती है माँ खुद आ जाती है मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 नज़दीक मेरे आने से -2 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2

हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो | Bhajan 152 | He Maa Mujhko Aisa Ghar Do Jisme Tumhara Mandir Ho ...

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हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ x2 हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो। हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ, x3 जय जय माँ, जय जय माँx3  ॥ इक कमरा जिसमे तुम्हारा, आसन माता सजा रहे, हर पल हर छिन भक्तो का वहां, आना जान लगा रहे। छोटे बड़े का माँ उस घर में, एक सामान ही आदर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ इस घर से कोई भी खाली, कभी सवाली जाए ना, चैन ना पाऊं तब तक दाती, जब तक चैन वो पाए ना। मुझको दो वरदान दया का, तुम तो दया का सागर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ हर एक प्राणी उस घर का माँ, तेरी महिमा गाता रहे, तू रखे जिस हाल मैं दाती, हर पल शुक्र मनाता रहे  । कभी न हिम्मत हारे माता, चाहे शमा भयंकर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो। हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ,...

जब कोई ना हो अपना,बस दादी दादी जपना | Bhajan 151 | Jab Koi Na Ho Apna, Bas Dadi Dadi Japna ...

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Based on above song.. I have modified it to Dadi Song... जब कोई ना हो अपना,बस दादी दादी जपना तू दादी दादी नाम जपना.... विश्वास सदा रखना x4 बस दादी दादी जपना,तू दादी दादी जपना.... झूठे ये रिश्ते,झूठे ये नाते वक़्त पड़े तो तेरे कोई काम नहीं आते कौन यहाँ संगी,कौन यहाँ साथी स्वारथ की ये दुनिया,यहाँ सब हैं मतलबी सब दो दिन का है सपनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना तू किसके लिए यहाँ रोता है क्यूँ गहरी नींद में सोता है क्यूँ भूल गया तू उसके करम किस कारण तेरा हुआ ये जनम तुझे दादी से है मिलनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना क्यूँ तू घबराये,क्यूँ तू भरमाये "सौरभ मधुकर/ भक्त  " दादी शरण में क्यूँ तू ना आये ये अपनाएगी,गले लगाएगी... दिनों का ये नाथ तेरा साथ निभाएगी चरणो में सदा रहनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना विश्वास सदा रखना x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना

गले से लगा लो मुझे मावड़ी | Bhajan 150 | Gale Se Laga Lo Mujhe Mawdi ...

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दादी बताओ यही लिखा है क्या मेरी तकदीर में, मुझे दिखाई दोगे क्या केवल अपनी तस्वीर में, तस्वीर से बहार आओ ना - 2, अपनी इक झलक दिखाओ न, गले से लगा लो मुझे मावड़ी -2 || जब जब भी देखी मैंने दादी तुम्हारी सूरत है, बढ़ ती जाए दिल में मेरे तुम से मिलने की चाहत है , मेरे दिल की प्यास बुझाओ न,  इक बार करीब आ जाओ न गले से लगा लो मुझे मावड़ी || यु तो सपने में मेरा तुमसे मिलना हो जाता है, पर सपना तो सपना है टूटे तो दिल घबराता सपने को सच कर जाओ न, मेरे सिर पे हाथ फिराओ ना, गले से लगा लो मुझे मावड़ी || दादी अपने बेटे को तुम इतना तो अधिकार दो, "सोनू/भक्त" तुम को कुल देवी मुझे दर्शन तुम इक वार दो, बच्चों को यु तरसाओ ना, जरा प्रीत की रीत निभाओ न, गले से लगा लो मुझे मावड़ी ||

दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | Bhajan 149 | Dadi Ki Kirpa Uss Par Thodi Si Khas He ...

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दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है, जिसका मेरी दादी पर अटल विश्वाश है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | सच्ची श्रद्धा निश्च्ता से, जिस ने दादी को धाया, उसने फिर हर कदम पर, माँ को है साथ पाया, हर घडी हर पल दादी, उस के आस पास है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | रहे निष्काम जो भी, सेवा जो करता जाए, जीवन की हर ख़ुशी, वो दादी से पाता जाए, अपनी दादी से जिसकी, बंधी हर आस है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | "सुनील/भक्त" कहना "हमारा", लगन ऐसी लगाना लक्ष्य हो अंत समय में, दादी चरणों में ठिकाना, भरोसा जिनका अटल है, होवे न निराश है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है |

सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | Bhajan 148 | Sagla Ne Raazi Raakhijo O Dadi Mhari Rani Sati ...

 SONG LINK CLICK HERE कितनो बड़ो म्हारो भाग्य है दादी, थे म्हारी कुलदेवी, सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | मोटी थे सेठानी हो और जग में थारो नाम है, बड़ा बड़ा थे कारज सार्या,छोटो सो म्हारो काम है, अर्जी कर्णो फर्ज म्हारो,जोर कुछ चाले नहीं, थारी मर्जी के बिना इक पत्तो भी हाले नहीं, नित उठ थारो ध्यान धरां ए मईया,घनी करां मनुहार, पलक उघाड़ो जी..ओ दादी म्हारी रानी सती… सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | दादी म्हारी जिंदगी और दादी ही म्हारा प्राण है, दादी ही जद रूठगी तो जीने को के काम है, भूल सारी माफ़ कर द्यो,चरणां स्यूं लेवो लगाय, ठोकरां खाई बोहोत,अब आके सही रस्तो दिखा, थारे बिना कईयां जीवस्या ओ दादी,थे ही दिन्या बिसराय, ओल्यू थारी आवे जी..ओ दादी म्हारी रानी सती… सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | थारो ही इक आसरो और थां पर दारमदार है, थारो थोड़ो मुलकनों और म्हारो बेड़ो पार है, थांसु दादी के कवां,थे ही जगत की मात हो, भादो में थारो झुंझुनू आऊं,परिवार मेरे साथ हो, टाबरिया नादान है मईया,सिर पे धरियो हाँथ, बस यो ही वर माँगा जी..ओ दादी म्हारी रानी सती… सगळा नै राजी र...

तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है | मेरी दादी झुंझनुवाली है | Bhajan 146 | Tu Kitni Sundar He, Tu Kitni Pyaari He ...

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[ तर्ज : संदेशे आते है हमे तड़पाते है ] तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है, नहीं कोई तुझ जैसा, तू जग से न्यारी है, तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है । जय जय दादी माँ, जय जय दादी माँ, जय जय दादी माँ, बोलो जय जय दादी माँ ॥ की जब भी भगतों पे मुसीबत आयी है, की सर पे माँ तेरी चुनड़ लहराई है । तेरे आँचल की छइयां में हमें चिंता नहीं कोई , संभालेगी, सम्भाला है, हमें शंका नहीं कोई । तू करती भगतों की सदा रखवाली है, कोई ना तेरे दर से माँ लौटा है खाली है । तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है ।  तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है || मेरी नईया की है ओ मईया मांझी तू, सहारा भगतों का है केवल दादी तू । तेरे बिन "सौरभ मधुकर/भक्तों " का नहीं दूजा ठिकाना माँ, की तेरे चरणों से जुड़ा है ये रिश्ता पुराना माँ । तेरे ही हाथों में ये डोर हमारी है, तुझको ही सौंपा है ये जिम्मेदारी है, तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है ।  तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है ||

मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना । Bhajan 145 | Mujhe Raas Aa Gaya He Tere Dar Pe Sar Jhukana ...

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मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना । तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥ मुझे कौन जानता था, तेरी बंदगी से पहले । तेरी याद ने बना दी, मेरी ज़िन्दगी फ़साना ॥  ||मुझे रास आ गया है|| मुझे इसका गम नहीं है, की बदल गया ज़माना । मेरी ज़िन्दगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना ॥  ||मुझे रास आ गया है|| यह सर वो सर नहीं है, जिसे रख दूँ फिर उठा लूं । जब चढ़ गया चरण में, आता नहीं उठाना ॥  ||मुझे रास आ गया है|| तेरी सांवरी सी सुरत, मेरे मन में बस गयी है । ऐ सांवरे सलोने, अब और ना सताना ॥  ||मुझे रास आ गया है|| दुनियां की खा के ठोकर, मैं आया तेरे द्वारे । मेरे मुरली वाले मोहन, अब और ना सताना ॥  ||मुझे रास आ गया है|| मेरी आरजु यही है, दम निकले तेरे दर पे । अभी सांस चल रही है, कहीं तुम चले ना जाना ॥  ||मुझे रास आ गया है||

ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है || Bhajan 144 | O Dadi Mhane Kai Koni Jhunjhunu Bulawe Hai..

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  न्यारी दादी प्यारी दादी म्हारी दादी, मैं भी मैया थारी बेटी,  माँ से नजर चुरावे है, ओ दादी म्हाने, काई को नहीं झुंझुनू बुलावे है, मखमल जैया गोदी माहि, माने भी सुलाले, ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है || दादी थारी नगरी माहने, पिहरियो सो लागे x3, ऐसो पीहर, ससरियो भी, रोज ही जानो चाहे x3, जद जद याद करू मैं थाने x2, जोर सु हिचकी आवे है, ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है || सारी सारी रात ओ मैया, नैना मैं झुंझुन घूमे x3 पलको से निंदिया की चिड़ियाँ, हर दम उड़ जावे x3 भूख लगे न प्यास लगे  माँ  x2, हिवड़ो भर भर आवे है, ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है || अडोसी पडोसी सगळा कोसे,  कैसो  है रिश्तो अपनों x3, माँ अपनी बेटी ने खुद से, दूर रखे दिन कितनो x3 आइए न धूड़कार के इब तो x2, दुनिया हासी उड़ावे है   ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है ||

प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी || Bhajan 143 | Pyari Pyari Pyari Dadi Ye Hamari ...

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भोला भला मुखड़ा चाँद सा सोना है, देख के मेहके दिल का कोना कोना है, सो सो बार ये नैना इसे निहारे, फिर भी ये दिल न भरे, ||प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी || मुखड़े पे  है   सूरज की लाली, माथे पे है बिंदिया निराली, आँखे तो यु अमृत की प्याली , हाथो में है मेहँदी की लाली, लाखो में एक है मेरी माँ, ||प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी || तारो जड़ी चुनड़ी है सिर पे , गजरो से ये दरबार मेहके, आई सोलह शृंगार करके बच के रहे माँ बुरी नजर से, वारि वारि जाऊ मैं तुझपे माँ, ||प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी || दिल में तेरी सूरत वसाउ दर्शन तेरा पल पल मैं पाउ, "सोनू/भक्त" हुआ तेरा दीवाना खुशियों का माँ तू है ठिकाना, रहना मेरे पास तू सदा माँ, ||प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी ||

जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले | Bhajan 142 | Jeevan Tere Hawale Kiya Jeevan Tere Hawale ....

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जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले, विश्वाश नहीं है तो कोरे कागज पे लिखवा ले || अपने और पराये को हमने पहचान लिया है, तू ही भरोसे के लायक है दिल से मान लिया, तन मन सौंप दिया तुझको, कोरे कागज पे लिखवा ले जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले || दर दर की अब ठोकर खाना, अब हमने छोड़ दिया है, तोड़ के सारे रिश्ते नाता, तुमसे जोड़ लिया है, रिश्ता कभी न टूटे गा,  कोरे कागज पे लिखवा ले जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले || दास बने तेरे चरणों के, सेवा करे तुम्हारी, दम निकले तेरी चौखट पे, इच्छा यही हमारी, सेवा करते जायेगे, कोरे कागज पे लिखवा ले, जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले ||

हम दादी वाले हैं,सुनो जी हम दादी वाले हैं | Bhajan 140 | Hum Dadi Wale Hain, Hum Dadi Wale Hain...

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दीवाने हैं दादी के,हम तो मतवाले हैं हम दादी वाले हैं,सुनो जी हम दादी वाले हैं | दादी जी की फ़ौज भगतों रहती हरदम मौज में रखा है झुझनवाली ने हमको अपनी गोद में लाख मुसीबत आये,हम ना डरने वाले हैं क्यूंकि दादी वाले हैं...सुनो जी हम दादी वाले हैं... तूफ़ान आये संकट के चाहे हो गम के आंधी सर पे चुनड़ी डाल के मेरे पास खड़ी है दादी दादी के आँचल के हम तो फूल निराले हैं क्यूंकि दादी वाले हैं...सुनो जी हम दादी वाले हैं... "सौरभ मधुकर/हम भक्तों" की मानो यूं भटको ना दीवानो ये जग की जननी है,महिमा दादी की पहचानो खुल जाते पल भर में यहाँ तकदीर के ताले हैं तभी तो हम दादी वाले हैं...हम दादी वाले हैं... दीवाने हैं दादी के,हम तो मतवाले हैं हम दादी वाले हैं,सुनो जी हम दादी वाले हैं

मेरे राम मेरे घर आएंगे, आएंगे प्रभु आएंगे | Bhajan 138 | Mere Ram Mere Ghar Aayenge | Shree Ram Bhilni Bhajan ...

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(तर्ज : दादी दादी बोल दादी सुन लेसी  ... ) मेरे राम मेरे घर आएंगे, आएंगे प्रभु आएंगे | प्रभु के दर्शन की आस है, और भीलनी को विशवास है मेरे राम मेरे घर आएंगे... अंगना रस्ता रोज बुहार रही, खड़ी खड़ी वो राह निहार रही मन में लगन, भीलनी मगन, भीलनी को भारी चाव है, और मन में प्रेम का भाव है मेरे राम मेरे घर आएंगे... ना जानू सेवा पूजा की रीत, क्या सोचेंगे मेरे मन के मीत शर्म आ रही, घबरा रही वो भोली भाली नार है, प्रभु को भोलों से प्यार है मेरे राम मेरे घर आएंगे... चुन चुन लायी खट्टे मीठे बेर, आने में क्यों करते हो प्रभु देर प्रभु आ रहे, मुस्का रहे, प्रभु के चरणो में गिर पड़ी, और असुअन की लागी झड़ी मेरे राम मेरे घर आएंगे... असुअन से धोए प्रभु जी के पैर, चख चख कर के खिला रही थी बेर प्रभु कह रहे, मुस्का रहे इक प्रेम के वष में राम है, और प्रेम का यह परिणाम है मेरे राम मेरे घर आएंगे... प्रभु तेरी खातिर अटक रहे थे प्राण, मुक्ति दे दो मुझको कृपा निधान लेलो शरण, अपनी चरण शबरी से बोले राम हैं, जा खुला तेरे लिए धाम है मेरे राम मेरे घर आएंगे... जो कोई ढूंढे प्रभु को दिन और रात, उसे ढूंढ़ते इक दिन दीना...

भजमन राम चरण सुखदाई, भजमन राम चरण सुखदाई॥ Bhajan 134 | Bhajman Ram Charan Sukhdai ...

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भजमन राम चरण सुखदाई, भजमन राम चरण सुखदाई॥ जिहि चरनन से निकसी सुरसरि, संकर जटा समाई। जटासंकरी नाम परयो है, त्रिभुवन तारन आई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ जिन चरननकी चरनपादुका, भरत रह्यो लव लाई। सोइ चरन केवट धोइ लीने, तब हरि नाव चलाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ सोइ चरन संत जन सेवत, सदा रहत सुखदाई। सोइ चरन गौतमऋषि-नारी परसि परमपद पाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ दंडकबन प्रभु पावन कीन्हो, ऋषियन त्रास मिटाई। सोई प्रभु त्रिलोकके स्वामी कनक मृगा सँग धाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ कपि सुग्रीव बंधु भय-ब्याकुल, तिन जय छत्र फिराई। रिपु को अनुज बिभीषन निसिचर परसत लंका पाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ सिव सनकादिक अरु ब्रह्मादिक, सेष सहस मुख गाई। तुलसीदास मारुत-सुतकी प्रभु निज मुख करत बड़ाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ भजमन राम चरण सुखदाई, भजमन राम चरण सुखदाई॥