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Bhajan 162 | कभी दुर्गा बन के कभी काली बन के ... | Kabhi Durga Ban ke Kabhi Kaali Ban Ke ...

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कभी दुर्गा बन के कभी काली बन के चली आना मईया जी चली आना  ॥ ब्रह्मचारिणी रूप में आना ॥ भक्ति हाथ ले के, शक्ति साथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ तुम दुर्गा रूप में आना ॥ सिंह साथ ले के, चक्क्र हाथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ तुम काली रूप में आना ॥ खप्पर हाथ ले के, योगिन साथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ तुम शीतला रूप में आना ॥ झाड़ू हाथ ले के, गधा साथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ तुम गौरां रूप में आना ॥ माला हाथ ले के, गणपति साथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ कभी दुर्गा बन के कभी काली बन के चली आना मईया जी चली आना  ॥

मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है | Bhajan 153 | Mere Sar Pe Jhunjhunwali Ki Chundi Lehraati He ...

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नज़दीक मेरे आने से -3 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है नज़दीक मेरे आने से -2 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 चाहें लाख़ मुसीबत आये,चाहें छाए गम के बादल2 मुझकों चिंता है कैसी,मेरे सर पे माँ का आचल-2 अपने भक्तों को दुःख में-3 माँ देख ना पाती है-2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 मैं थाम के माँ पल्ला,चलता हूँ पीछे-पीछे-2 मैं तो हूँ किस्मत वाला ,रहता हूँ चुनड़ी के निचे-2 मुझे गोद बिठा के मईया-3 सर पे हाथ फिरती है-2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 हमने तो इतना जाना,जब से है होस सम्भाला-2 एक माँ ने जन्म दिया,और एक माँ ने हमको पाला-2 संकट आने से पहले-3 दादी खुद आ जाती है माँ खुद आ जाती है मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 नज़दीक मेरे आने से -2 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2

हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो | Bhajan 152 | He Maa Mujhko Aisa Ghar Do Jisme Tumhara Mandir Ho ...

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हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ x2 हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो। हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ, x3 जय जय माँ, जय जय माँx3  ॥ इक कमरा जिसमे तुम्हारा, आसन माता सजा रहे, हर पल हर छिन भक्तो का वहां, आना जान लगा रहे। छोटे बड़े का माँ उस घर में, एक सामान ही आदर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ इस घर से कोई भी खाली, कभी सवाली जाए ना, चैन ना पाऊं तब तक दाती, जब तक चैन वो पाए ना। मुझको दो वरदान दया का, तुम तो दया का सागर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ हर एक प्राणी उस घर का माँ, तेरी महिमा गाता रहे, तू रखे जिस हाल मैं दाती, हर पल शुक्र मनाता रहे  । कभी न हिम्मत हारे माता, चाहे शमा भयंकर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो। हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ,...

दादी इतनो लाड करे .. | Bhajan - 111 | Shri Rani Sati Bhajan | Dadi Itno Lad Kare ...

Song Link Click Here थारो म्हारो मावड़ी कोई घणो पुराणों सीर - 2 झुंझनु आवां तो लागे आग्या म्हे तो पीर , दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, माँ अपनो हाथ धरे | दादी कितनो लाड करे || घर मे दादी थारी चर्चा,  सगळा ही देखे निशदिन पर्चा 2 सासरिये भी म्हारो थारी जयजयकार करे 2 झुंझनु आवन ने सगळा पल में हामी भरे  दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, माँ अपनो हाथ धरे | दादी कितनो लाड करे || निश दिन की चिंता में फशकर,  उलझ रहवा दादी ऐसो हो चक्कर 2 सासरिये में काम घनेरा उरे करा आराम 2 सुबह शाम म्हे बैठ के दादी करा थारा गुणगान दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, माँ अपनो हाथ धरे | दादी कितनो लाड करे || मंगला आरती पर दिन उगे, शयन आरती पर दिन डूबे 2 बेरो कोनी चाले बीते बेगा बेगा दिन2 फेर दुबारा आवन ताई थक जावा दिन गिन 2 दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, माँ अपनो हाथ धरे | दादी कितनो लाड करे || मावस के दिन धोक लगा कर, बोला दादी महाने बिदा कर 2 घड़ी बिदाई की जद आवे झरझर बरसे नीर 2 कहे विकास की दादी बोले आती रहिजे पीर  दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, म...

म्हे म्हारी माँ का लाडला ....| Bhajan - 82 | Shri Rani Sati Dadi Bhajan | Mhe Mhari Maa Ka Ladla Ji ...

For Audio Click Here :  Mhe Mhari Maa Ka Ladla म्हे   म्हारी   माँ   का   लाडला जी , म्हाने   राखिजे संभाल    - २ हरो -भरो   रहवे परिवार,  मैया   म्हारी   रानी   सती - २   आओ नी पधारो , म्हारे आंगणे जी , म्हापे   मैहर   करो  - २ था   बिन   कुन   म्हारो   आज ,   मैया   म्हारी रानी   सती । म्हे   म्हारी   माँ   का .....।   चुनड़   मैं   लाया , चूड़ो   लाल , ओ महेंदी राचणी  - २ कर   लो   थे   भेंट   स्वीकार , मैया   म्हारी रानी   सती । म्हे    म्हारी    माँ    का .....।   ध्यावाँ म्हे   थाने , दिन   रात,  घडी   कोनी   भूल्या   मेरी   मात थे   भी   दीजो   न   भुलाए,   मैया    म्हारी रानी    सती । म्हे    म्हारी    माँ    का .....।

देवी दुर्गा उमा, विश्व जननी रमा ...| Bhajan - 85 | Shri Devi Durga Maa Bhajan | Devi Durge Uma Viswa Janani Rama Mat Tara ...

For Audio Click Here :  Devi Durge Uma Viswa Janani Rama देवी दुर्गा उमा , विश्व जननी रमा , मात तारा , एक जगदम्बा तेरा सहारा ! (२) तू ही वैष्णवी मोह माया , तूने सारे जग को बनाया। चरण कमलों में माँ , रहता मस्तक नवा , यह हमारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! शैलजा स्कन्द माता भवानी , पार्वती भद्रकाली मृडाणी। सर्व बुद्धि प्रदे , अष्ट सिद्धि वर दे , त्रिपुरारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! पुण्यवानों के घर सम्पदा तू , पापियों के   भवन आपदा तू। कुल की लज्जा तू ही , साधु श्रद्धा तू ही , गुण अपारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! जिनके मुंडन की गले मालिका हैं , सृञ्जति सञ्जति तालिका हैं। रूप विकराली का , चण्डिका कालिका रुद्रतारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! मन वचन दोनों ने हार खाई , तेरा माया नहीं पार पाई। क्या करें निर्वचन , वेद नेति कथन , करके हारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! हैं हज़ारों ही अपराध मेरा , हूँ अधम पातकी तो भी तेरा। दुष्ट होवे यदा , तो भी माँ को सदा , पुत्र प्यारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! तेरी ज्योति से उदज्योति दिवाकर , तव प्रभा से सुशोभित सुधाकर। ...

जगदम्बे भवानी मैया ....| Bhajan - 71 | Shri Devi Maa Bhajan | Jagdambe Bhavani Maiya ...

जगदम्बे भवानी मैया! तेरा त्रिभुवन में छाया राज है। सोहे वेष कसुमल नीको , तेरे रत्नों का सिर पै ताज है ।।टेर।।   अन्तरा जब जब भीड़ पड़ी भक्तन पर , तब-तब आय सहाय करे। अधम उद्धारण तारण मैया , युग-युग रूप अनेक धरे।। सिद्ध करती तूं भक्तों के काज है , नाम तेरो गरीब नवाज है।। सोहे वेष कसुमल... || १ ||   जल पर थल और थल पर सृष्टि , अदभुत थारी माया है। सुर नर मुनिजन ध्यान धरे नित , पार नहीं कोई पाया है। थारे हाथों में सेवक की लाज है , लियो शरणों तिहारो मैया आज है।।। सोहे वेष कसुमल... | | २ ||   जरा सामने तो आओ मैया , छुप-छुप छलने में क्या राज है। यूं छुप ना सकोगी मेरी मैया , मेरी आत्मा की ये आवाज है।।   मैं तुझको बुलाऊँ , तुम नहीं आओ , ऐसा कभी ना हो सकता। बालक अपनी , मैया से बिछुड़कर , सुख से कभी ना सो सकता।।   मेरी नईया पड़ी मझधार है , अब तूं ही तो खेवनहार है। यूछुप ना सकोगी मेरी मैया , मेरी आत्मा की ये आवाज है।। जगदम्बे भवानी मैया ... ।।

दे दो थोड़ा प्यार मैया.... | Bhajan - 70 | Shri Devi Maa Bhajan | De Do Thoda Pyaar Maiya Tera Kya Ghat Jayega ...

(तर्ज: एक तेरा साथ हमको....) दे दो थोड़ा प्यार मैया , तेरा क्या धट जायेगा ये बालक भी तर जायेगा। छोड़ तेरा दरवार मैया , और कहाँ ये जायेगा ॥ टेर।। दे दिया तुमने सबको सहारा मां , जो द्वारे आया है। भर दिया दामन सबका खुशी से मां , जो अर्जी लाया है। मुझको देने से , खजाना कम नहीं हो जायेगा। ये बालक भी ... । है पुराना मां , रिश्ता हमारा जो , उसे तुम याद करो। अहसान करदो मां , बालक तुम्हारा हूँ , सिर पे हाथ धरो। प्यार का रिश्ता हमारा , टूटने न पायेगा। ये बालक भी .... । कश्ती हमारी मां , तेरे हवाले है , उसे तुम पार करो। गर दे दिया मुझको , तुने किनारा मां, तो ये विश्वास करो। ये तेरा दरबार , जय-जयकारों से गूंज जायेगा । ये बालक भी.... । ये जिन्दगानी मां , लिखदी है अब हमने , तुम्हारे नामा हम बेसहारा है , भटके कहाँ-२ , तू आके थाम ले। मा तेरा अहसान "सेवक" भूलने ना पायेगा। ये बालक भी.... ।

माँ दुर्गा भवानी तु ... | Bhajan - 61 | Shri Devi Maa Bhajan | Maa Durga Bhavani Tu ...

( तज- होठों से छू लो तुम..... ) माँ दुर्गा भवानी तु , कष्टों से बचा लेना , मैं लाल तुम्हारा हूँ , आँचल में छिपा लेना ।। टेर।।   दृष्टौं ने घेरा है , संघर्ष घनेरा है , तेरे कोमल चरणों में , माँ लगाया डेरा हैं , तुम रक्षा करी मेरी , दुष्टों से बचा लेना ॥१॥  माँ दुर्गा भवानी तु ...   चिन्ता ने सताया है , चाहता तेरा साया है , तू ममता मयी है माँ , कोई पार न पाया है , अपराध क्षमा करके , माँ धीर बन्धा देना ॥२॥  माँ दुर्गा भवानी तु ...   तुझसे मेरा नाता है , तू ही मेरी माता है , क्यों बालक पे तेरे , तुझे तरस न आता है , जैसा भी हूँ लाल तेरा , मेरी लाज बचा लेना ॥३॥  माँ दुर्गा भवानी तु ...   तेरी दुनिया ने मुझको , घर-घर बदनाम किया , क्यों चुप होकर बैठी , अच्छा है नाम किया , अब जाऊं कहां मैया , मुझे ठोर बता देना ॥४॥  माँ दुर्गा भवानी तु ...   बद से बदनाम बुरा , ऐसा सब कहते हैं , अपराध मेरा है क्या , ना मुझसे कहते हैं , तुझको तो पता सब है , अब तू ही बता देना ।। ५।।  माँ दुर्गा भवानी तु...