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ओढ़ो जी ओढ़ो दादी, म्हारी भी चुनरिया | Odho Dadi Mhari Bhi Chunariya | Dadi Bhajan - 179

  ओढ़ो जी ओढ़ो दादी, म्हारी भी चुनरिया                                        तर्ज : खम्मा खम्मा ओढ़ो जी ओढ़ो दादी, म्हारी भी चुनरिया, शान से ल्याया थारा, टाबरिया थारा बालकिया, ओढो म्हारी भी चुनरिया, ओढो जी ओढो दादी, म्हारी भी चुनरिया ॥ राचणी मेहंदी थारे, हाथां में लगावा, गजरो बनावा थारे, जुड़े में सजावा, फूल मंगाया बढ़िया बढ़िया, ओढो म्हारी भी चुनरिया, ओढो जी ओढो दादी, म्हारी भी चुनरिया ॥ दादी जी आओ थारे, भोग लगावा, हलवा पूड़ी मेवा का, थाल सजावा, खीर बनवाई दादी केसरिया, ओढो म्हारी भी चुनरिया, ओढो जी ओढो दादी, म्हारी भी चुनरिया ॥ चुनड़ी ओढ़ाया म्हारो, मान बढ़ेगो, और भी थारो, सिणगार खिलेगो, ‘सोनू’ सरावेगी या सारी दुनिया, ओढो म्हारी भी चुनरिया, ओढो जी ओढो दादी, म्हारी भी चुनरिया ॥ ओढ़ो जी ओढ़ो दादी, म्हारी भी चुनरिया, शान से ल्याया थारा, टाबरिया थारा बालकिया, ओढो म्हारी भी चुनरिया, ओढो जी ओढो दादी, म्हारी भी चुनरिया ॥

Maat Shri Rani Sati Ji.. | Bhajan 174 | मात श्री राणीसती जी मेरी, कष्ट कर दूर भक्त के री ....

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Song Link -  मात श्री राणीसती जी मेरी, मात श्री राणीसती जी मेरी, कष्ट कर दूर भक्त के री।। पाय मैं पडूँ मात थारे, क्षमा कर चूक भयी म्हारे, अनेको विघन आप टारे, काज निज भक्तन के सारे, दोऊ कर जोड़े मैं खड़ा, जननी थारे द्वार, ओ मैया जननी थारे द्वार, दुखित दीन माँ जान के मुझको, जरा दो पलक उघाड़, कृपा कर बिलखत भयी देरी, कष्ट कर दूर भक्त के री। मात श्री रानीसती जी मेरी, कष्ट कर दूर भक्त के री।। कहत है सिद्धि मुनि ज्ञानी, तुम्ही जगदंबा राज रानी, मूक है कवियन की वाणी, की महिमा जात नही जानी, अखंड ज्योति प्रकाश है, व्यापक सकल जहान, ओ मैया व्यापक सकल जहान, सुंदर मंदिर रम्य शिखर, जाके ध्वजा उड़े आसमान, बजे है शंख तू रही मेरी, कष्ट कर दूर भक्त के री। मात श्री रानीसती जी मेरी, कष्ट कर दूर भक्त के री।। गरुड़ चढ़ कमलापति आए, सुदर्शन चक्र साथ लाए, ग्राह से गज को छुड़वाए, विमल यश तिहुँ लोक गाये, आप मात उस रीत से, सिंह सवारी साज, ओ मैया सिंह सवारी साज, आओ आतुर राखो अपने, शरण पड़े की लाज, लखुं मैं सौम्य सूरत तेरी, कष्ट कर दूर भक्त के री। मात श्री रानीसती जी मेरी, कष्ट कर दूर भक्त के री।। भयानक तूफ़ा दिया घेरा...

मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है | Bhajan 153 | Mere Sar Pe Jhunjhunwali Ki Chundi Lehraati He ...

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नज़दीक मेरे आने से -3 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है नज़दीक मेरे आने से -2 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 चाहें लाख़ मुसीबत आये,चाहें छाए गम के बादल2 मुझकों चिंता है कैसी,मेरे सर पे माँ का आचल-2 अपने भक्तों को दुःख में-3 माँ देख ना पाती है-2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 मैं थाम के माँ पल्ला,चलता हूँ पीछे-पीछे-2 मैं तो हूँ किस्मत वाला ,रहता हूँ चुनड़ी के निचे-2 मुझे गोद बिठा के मईया-3 सर पे हाथ फिरती है-2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 हमने तो इतना जाना,जब से है होस सम्भाला-2 एक माँ ने जन्म दिया,और एक माँ ने हमको पाला-2 संकट आने से पहले-3 दादी खुद आ जाती है माँ खुद आ जाती है मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 नज़दीक मेरे आने से -2 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2

हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो | Bhajan 152 | He Maa Mujhko Aisa Ghar Do Jisme Tumhara Mandir Ho ...

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हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ x2 हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो। हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ, x3 जय जय माँ, जय जय माँx3  ॥ इक कमरा जिसमे तुम्हारा, आसन माता सजा रहे, हर पल हर छिन भक्तो का वहां, आना जान लगा रहे। छोटे बड़े का माँ उस घर में, एक सामान ही आदर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ इस घर से कोई भी खाली, कभी सवाली जाए ना, चैन ना पाऊं तब तक दाती, जब तक चैन वो पाए ना। मुझको दो वरदान दया का, तुम तो दया का सागर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ हर एक प्राणी उस घर का माँ, तेरी महिमा गाता रहे, तू रखे जिस हाल मैं दाती, हर पल शुक्र मनाता रहे  । कभी न हिम्मत हारे माता, चाहे शमा भयंकर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो। हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ,...

जब कोई ना हो अपना,बस दादी दादी जपना | Bhajan 151 | Jab Koi Na Ho Apna, Bas Dadi Dadi Japna ...

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Based on above song.. I have modified it to Dadi Song... जब कोई ना हो अपना,बस दादी दादी जपना तू दादी दादी नाम जपना.... विश्वास सदा रखना x4 बस दादी दादी जपना,तू दादी दादी जपना.... झूठे ये रिश्ते,झूठे ये नाते वक़्त पड़े तो तेरे कोई काम नहीं आते कौन यहाँ संगी,कौन यहाँ साथी स्वारथ की ये दुनिया,यहाँ सब हैं मतलबी सब दो दिन का है सपनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना तू किसके लिए यहाँ रोता है क्यूँ गहरी नींद में सोता है क्यूँ भूल गया तू उसके करम किस कारण तेरा हुआ ये जनम तुझे दादी से है मिलनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना क्यूँ तू घबराये,क्यूँ तू भरमाये "सौरभ मधुकर/ भक्त  " दादी शरण में क्यूँ तू ना आये ये अपनाएगी,गले लगाएगी... दिनों का ये नाथ तेरा साथ निभाएगी चरणो में सदा रहनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना विश्वास सदा रखना x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना

गले से लगा लो मुझे मावड़ी | Bhajan 150 | Gale Se Laga Lo Mujhe Mawdi ...

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दादी बताओ यही लिखा है क्या मेरी तकदीर में, मुझे दिखाई दोगे क्या केवल अपनी तस्वीर में, तस्वीर से बहार आओ ना - 2, अपनी इक झलक दिखाओ न, गले से लगा लो मुझे मावड़ी -2 || जब जब भी देखी मैंने दादी तुम्हारी सूरत है, बढ़ ती जाए दिल में मेरे तुम से मिलने की चाहत है , मेरे दिल की प्यास बुझाओ न,  इक बार करीब आ जाओ न गले से लगा लो मुझे मावड़ी || यु तो सपने में मेरा तुमसे मिलना हो जाता है, पर सपना तो सपना है टूटे तो दिल घबराता सपने को सच कर जाओ न, मेरे सिर पे हाथ फिराओ ना, गले से लगा लो मुझे मावड़ी || दादी अपने बेटे को तुम इतना तो अधिकार दो, "सोनू/भक्त" तुम को कुल देवी मुझे दर्शन तुम इक वार दो, बच्चों को यु तरसाओ ना, जरा प्रीत की रीत निभाओ न, गले से लगा लो मुझे मावड़ी ||

दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | Bhajan 149 | Dadi Ki Kirpa Uss Par Thodi Si Khas He ...

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दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है, जिसका मेरी दादी पर अटल विश्वाश है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | सच्ची श्रद्धा निश्च्ता से, जिस ने दादी को धाया, उसने फिर हर कदम पर, माँ को है साथ पाया, हर घडी हर पल दादी, उस के आस पास है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | रहे निष्काम जो भी, सेवा जो करता जाए, जीवन की हर ख़ुशी, वो दादी से पाता जाए, अपनी दादी से जिसकी, बंधी हर आस है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | "सुनील/भक्त" कहना "हमारा", लगन ऐसी लगाना लक्ष्य हो अंत समय में, दादी चरणों में ठिकाना, भरोसा जिनका अटल है, होवे न निराश है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है |

सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | Bhajan 148 | Sagla Ne Raazi Raakhijo O Dadi Mhari Rani Sati ...

 SONG LINK CLICK HERE कितनो बड़ो म्हारो भाग्य है दादी, थे म्हारी कुलदेवी, सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | मोटी थे सेठानी हो और जग में थारो नाम है, बड़ा बड़ा थे कारज सार्या,छोटो सो म्हारो काम है, अर्जी कर्णो फर्ज म्हारो,जोर कुछ चाले नहीं, थारी मर्जी के बिना इक पत्तो भी हाले नहीं, नित उठ थारो ध्यान धरां ए मईया,घनी करां मनुहार, पलक उघाड़ो जी..ओ दादी म्हारी रानी सती… सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | दादी म्हारी जिंदगी और दादी ही म्हारा प्राण है, दादी ही जद रूठगी तो जीने को के काम है, भूल सारी माफ़ कर द्यो,चरणां स्यूं लेवो लगाय, ठोकरां खाई बोहोत,अब आके सही रस्तो दिखा, थारे बिना कईयां जीवस्या ओ दादी,थे ही दिन्या बिसराय, ओल्यू थारी आवे जी..ओ दादी म्हारी रानी सती… सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | थारो ही इक आसरो और थां पर दारमदार है, थारो थोड़ो मुलकनों और म्हारो बेड़ो पार है, थांसु दादी के कवां,थे ही जगत की मात हो, भादो में थारो झुंझुनू आऊं,परिवार मेरे साथ हो, टाबरिया नादान है मईया,सिर पे धरियो हाँथ, बस यो ही वर माँगा जी..ओ दादी म्हारी रानी सती… सगळा नै राजी र...

तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है | मेरी दादी झुंझनुवाली है | Bhajan 146 | Tu Kitni Sundar He, Tu Kitni Pyaari He ...

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[ तर्ज : संदेशे आते है हमे तड़पाते है ] तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है, नहीं कोई तुझ जैसा, तू जग से न्यारी है, तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है । जय जय दादी माँ, जय जय दादी माँ, जय जय दादी माँ, बोलो जय जय दादी माँ ॥ की जब भी भगतों पे मुसीबत आयी है, की सर पे माँ तेरी चुनड़ लहराई है । तेरे आँचल की छइयां में हमें चिंता नहीं कोई , संभालेगी, सम्भाला है, हमें शंका नहीं कोई । तू करती भगतों की सदा रखवाली है, कोई ना तेरे दर से माँ लौटा है खाली है । तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है ।  तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है || मेरी नईया की है ओ मईया मांझी तू, सहारा भगतों का है केवल दादी तू । तेरे बिन "सौरभ मधुकर/भक्तों " का नहीं दूजा ठिकाना माँ, की तेरे चरणों से जुड़ा है ये रिश्ता पुराना माँ । तेरे ही हाथों में ये डोर हमारी है, तुझको ही सौंपा है ये जिम्मेदारी है, तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है ।  तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है ||

ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है || Bhajan 144 | O Dadi Mhane Kai Koni Jhunjhunu Bulawe Hai..

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  न्यारी दादी प्यारी दादी म्हारी दादी, मैं भी मैया थारी बेटी,  माँ से नजर चुरावे है, ओ दादी म्हाने, काई को नहीं झुंझुनू बुलावे है, मखमल जैया गोदी माहि, माने भी सुलाले, ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है || दादी थारी नगरी माहने, पिहरियो सो लागे x3, ऐसो पीहर, ससरियो भी, रोज ही जानो चाहे x3, जद जद याद करू मैं थाने x2, जोर सु हिचकी आवे है, ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है || सारी सारी रात ओ मैया, नैना मैं झुंझुन घूमे x3 पलको से निंदिया की चिड़ियाँ, हर दम उड़ जावे x3 भूख लगे न प्यास लगे  माँ  x2, हिवड़ो भर भर आवे है, ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है || अडोसी पडोसी सगळा कोसे,  कैसो  है रिश्तो अपनों x3, माँ अपनी बेटी ने खुद से, दूर रखे दिन कितनो x3 आइए न धूड़कार के इब तो x2, दुनिया हासी उड़ावे है   ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है ||

प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी || Bhajan 143 | Pyari Pyari Pyari Dadi Ye Hamari ...

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भोला भला मुखड़ा चाँद सा सोना है, देख के मेहके दिल का कोना कोना है, सो सो बार ये नैना इसे निहारे, फिर भी ये दिल न भरे, ||प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी || मुखड़े पे  है   सूरज की लाली, माथे पे है बिंदिया निराली, आँखे तो यु अमृत की प्याली , हाथो में है मेहँदी की लाली, लाखो में एक है मेरी माँ, ||प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी || तारो जड़ी चुनड़ी है सिर पे , गजरो से ये दरबार मेहके, आई सोलह शृंगार करके बच के रहे माँ बुरी नजर से, वारि वारि जाऊ मैं तुझपे माँ, ||प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी || दिल में तेरी सूरत वसाउ दर्शन तेरा पल पल मैं पाउ, "सोनू/भक्त" हुआ तेरा दीवाना खुशियों का माँ तू है ठिकाना, रहना मेरे पास तू सदा माँ, ||प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी ||

जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले | Bhajan 142 | Jeevan Tere Hawale Kiya Jeevan Tere Hawale ....

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जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले, विश्वाश नहीं है तो कोरे कागज पे लिखवा ले || अपने और पराये को हमने पहचान लिया है, तू ही भरोसे के लायक है दिल से मान लिया, तन मन सौंप दिया तुझको, कोरे कागज पे लिखवा ले जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले || दर दर की अब ठोकर खाना, अब हमने छोड़ दिया है, तोड़ के सारे रिश्ते नाता, तुमसे जोड़ लिया है, रिश्ता कभी न टूटे गा,  कोरे कागज पे लिखवा ले जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले || दास बने तेरे चरणों के, सेवा करे तुम्हारी, दम निकले तेरी चौखट पे, इच्छा यही हमारी, सेवा करते जायेगे, कोरे कागज पे लिखवा ले, जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले ||

लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम | Bhajan 141 | Shree Rani Sati Bhajan

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लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम, दादी जी के चरना में तो माहरा चारो धाम, लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम || झुंझनू नगर में दादी जी को मंदिर बड़ो ही भारी, बैठी है दरबार लगा के जगत सेठानी म्हारी, दर्शन करता ही हो जावे भगता रो कल्याण, लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम || नाम जप्या दादी को म्हारे विपदा कभी न आवे, आने से पहले ही म्हारा सब संकट कट जावे, अब तो झुँझन वाली मैया राखे मारो ध्यान, लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम || मैया के दरबार मैं तो जब से बना हु चाकर, चकम गई है किस्मत म्हारी शरण में इनकी आकर, देखके ठाठ बाठ महारा दुनिया है हैरान , लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम ||

हम दादी वाले हैं,सुनो जी हम दादी वाले हैं | Bhajan 140 | Hum Dadi Wale Hain, Hum Dadi Wale Hain...

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दीवाने हैं दादी के,हम तो मतवाले हैं हम दादी वाले हैं,सुनो जी हम दादी वाले हैं | दादी जी की फ़ौज भगतों रहती हरदम मौज में रखा है झुझनवाली ने हमको अपनी गोद में लाख मुसीबत आये,हम ना डरने वाले हैं क्यूंकि दादी वाले हैं...सुनो जी हम दादी वाले हैं... तूफ़ान आये संकट के चाहे हो गम के आंधी सर पे चुनड़ी डाल के मेरे पास खड़ी है दादी दादी के आँचल के हम तो फूल निराले हैं क्यूंकि दादी वाले हैं...सुनो जी हम दादी वाले हैं... "सौरभ मधुकर/हम भक्तों" की मानो यूं भटको ना दीवानो ये जग की जननी है,महिमा दादी की पहचानो खुल जाते पल भर में यहाँ तकदीर के ताले हैं तभी तो हम दादी वाले हैं...हम दादी वाले हैं... दीवाने हैं दादी के,हम तो मतवाले हैं हम दादी वाले हैं,सुनो जी हम दादी वाले हैं

दादी इतनो लाड करे .. | Bhajan - 111 | Shri Rani Sati Bhajan | Dadi Itno Lad Kare ...

Song Link Click Here थारो म्हारो मावड़ी कोई घणो पुराणों सीर - 2 झुंझनु आवां तो लागे आग्या म्हे तो पीर , दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, माँ अपनो हाथ धरे | दादी कितनो लाड करे || घर मे दादी थारी चर्चा,  सगळा ही देखे निशदिन पर्चा 2 सासरिये भी म्हारो थारी जयजयकार करे 2 झुंझनु आवन ने सगळा पल में हामी भरे  दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, माँ अपनो हाथ धरे | दादी कितनो लाड करे || निश दिन की चिंता में फशकर,  उलझ रहवा दादी ऐसो हो चक्कर 2 सासरिये में काम घनेरा उरे करा आराम 2 सुबह शाम म्हे बैठ के दादी करा थारा गुणगान दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, माँ अपनो हाथ धरे | दादी कितनो लाड करे || मंगला आरती पर दिन उगे, शयन आरती पर दिन डूबे 2 बेरो कोनी चाले बीते बेगा बेगा दिन2 फेर दुबारा आवन ताई थक जावा दिन गिन 2 दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, माँ अपनो हाथ धरे | दादी कितनो लाड करे || मावस के दिन धोक लगा कर, बोला दादी महाने बिदा कर 2 घड़ी बिदाई की जद आवे झरझर बरसे नीर 2 कहे विकास की दादी बोले आती रहिजे पीर  दादी इतनो लाड करे, जठै जठै म्हे पॉव धरा, म...

म्हे म्हारी माँ का लाडला ....| Bhajan - 82 | Shri Rani Sati Dadi Bhajan | Mhe Mhari Maa Ka Ladla Ji ...

For Audio Click Here :  Mhe Mhari Maa Ka Ladla म्हे   म्हारी   माँ   का   लाडला जी , म्हाने   राखिजे संभाल    - २ हरो -भरो   रहवे परिवार,  मैया   म्हारी   रानी   सती - २   आओ नी पधारो , म्हारे आंगणे जी , म्हापे   मैहर   करो  - २ था   बिन   कुन   म्हारो   आज ,   मैया   म्हारी रानी   सती । म्हे   म्हारी   माँ   का .....।   चुनड़   मैं   लाया , चूड़ो   लाल , ओ महेंदी राचणी  - २ कर   लो   थे   भेंट   स्वीकार , मैया   म्हारी रानी   सती । म्हे    म्हारी    माँ    का .....।   ध्यावाँ म्हे   थाने , दिन   रात,  घडी   कोनी   भूल्या   मेरी   मात थे   भी   दीजो   न   भुलाए,   मैया    म्हारी रानी    सती । म्हे    म्हारी    माँ    का .....।

चुनड़ तो ओढ़ म्हारी दादी ....| Bhajan - 73 | Shri Rani Sati Dadi Maa Bhajan | Chunad To Odh Mhari Dadi ...

चुनड़ तो ओढ़ म्हारी दादी , सिंहासन बैठी जी । कोई , देवा भोत सहराई दादी म्हारी जी , सिंहासन बैठी जी । ।   हीरा पन्ना(मोती-मूंगा) सू जड़यो , थारो सिंहासन जी कोई ऊपर छतर हजार , दादी म्हारी जी। सिंहासन...   अंग कसूमल थारे , कब्जो तो सोवे जी , कोई गले में हीरा को हार , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   हाथां म दादी थारे मेहन्दी रची है जी , कोई बाजुबन्द की महिमा अपार , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   काना में कुण्डल थारे , हृद के विराज जी , कोई हाथा में लाल चूड़ो सोहे , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   चुनड़ का अल्ला-पल्ला , भोत लुभावे जी , कोई मांय तारी को सोहे जाल , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   हाथां म चूड़ो थारे , बायां में बाजुबन्द जी , कोई माथे पे लाल टीको सोहे , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   मन में ले आशा दादी, कीर्तन में आया जी , कोई भक्ता री आश पुरावो ,  दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   भक्ता,री अर्जी दादी, मर्जी है थारी जी , कोई थारे बिना कुण सुणशी , म्हार...

नाचौ गावो, खुशी मनाओ ... | Bhajan - 72| Shri Rani Sati Dadi Maa Bhajan | Naacho Gao Khushi Manao ...

नाचौ गावो , खुशी मनाओ , झूमो रे सब आज , दादी आई है। आई है दादी आई है , भक्ता के घर आई है। टैर।।   झुंझनूवाली दादी मां , सिंह पर चढ़ कर आई है , सिंह पर चढ़ कर आई मां , रूप अनोखो सजाई है। महिमा भारी , लीला न्यारी , कलयुग की अवतार … . दादी आई है ... ।१।   सिर पे चुनड़ियां तारां की , माथै बोरलो न्यारो है। गल बिच हार है हीरां को , लागै सब नै प्यारो है। काना कुण्डल रंग-बिरंगा , गल फूलों को हार.. .  दादी आई है ...  ।२।   लाल चूड़लो हाथों में , मेंहदी लाल रचाई है। हीरां जड़ी नथ अति प्यारी , माथे बिन्दिया लगाई है। झन-झन करती पायल बाजै , देखो हर्ष अपार.. .  दादी आई है ... ।३।   ऐसो रूप सजाकर माँ , भक्तां क घर आई है। जो चाहो थे मांगल्यो , आज खजानो ल्याई है। झोली भरल्यो , दर्शन करल्यो , है माँ लखदातार. .  दादी आई है ... ।४ ।   ' भक्तवृन्द भी ' दर्शन न माँ , दौडकर थारै आयी है। दु:ख विपदा सब दूर करो , या फरियाद ल्यायी है। थे ही दुर्गा , थे ही काली , थारो यो संसार.  .  दादी आई है ...  ।५।

जगदम्बे भवानी मैया ....| Bhajan - 71 | Shri Devi Maa Bhajan | Jagdambe Bhavani Maiya ...

जगदम्बे भवानी मैया! तेरा त्रिभुवन में छाया राज है। सोहे वेष कसुमल नीको , तेरे रत्नों का सिर पै ताज है ।।टेर।।   अन्तरा जब जब भीड़ पड़ी भक्तन पर , तब-तब आय सहाय करे। अधम उद्धारण तारण मैया , युग-युग रूप अनेक धरे।। सिद्ध करती तूं भक्तों के काज है , नाम तेरो गरीब नवाज है।। सोहे वेष कसुमल... || १ ||   जल पर थल और थल पर सृष्टि , अदभुत थारी माया है। सुर नर मुनिजन ध्यान धरे नित , पार नहीं कोई पाया है। थारे हाथों में सेवक की लाज है , लियो शरणों तिहारो मैया आज है।।। सोहे वेष कसुमल... | | २ ||   जरा सामने तो आओ मैया , छुप-छुप छलने में क्या राज है। यूं छुप ना सकोगी मेरी मैया , मेरी आत्मा की ये आवाज है।।   मैं तुझको बुलाऊँ , तुम नहीं आओ , ऐसा कभी ना हो सकता। बालक अपनी , मैया से बिछुड़कर , सुख से कभी ना सो सकता।।   मेरी नईया पड़ी मझधार है , अब तूं ही तो खेवनहार है। यूछुप ना सकोगी मेरी मैया , मेरी आत्मा की ये आवाज है।। जगदम्बे भवानी मैया ... ।।