नाचौ गावो, खुशी मनाओ ... | Bhajan - 72| Shri Rani Sati Dadi Maa Bhajan | Naacho Gao Khushi Manao ...
नाचौ गावो, खुशी मनाओ, झूमो रे सब आज, दादी आई है।
आई है दादी आई है, भक्ता के घर आई है।
टैर।।
झुंझनूवाली दादी मां, सिंह पर चढ़ कर आई है,
सिंह पर चढ़ कर आई मां, रूप अनोखो सजाई है।
महिमा भारी, लीला न्यारी, कलयुग की अवतार…. दादी आई है ... ।१।
सिर पे चुनड़ियां तारां की, माथै बोरलो न्यारो है।
गल बिच हार है हीरां को, लागै सब नै प्यारो है।
काना कुण्डल रंग-बिरंगा, गल फूलों को हार... दादी आई है ... ।२।
लाल चूड़लो हाथों में, मेंहदी लाल रचाई है।
हीरां जड़ी नथ अति प्यारी,माथे बिन्दिया लगाई
है।
झन-झन करती पायल बाजै, देखो हर्ष अपार... दादी आई है ...।३।
ऐसो रूप सजाकर माँ, भक्तां क घर आई है।
जो चाहो थे मांगल्यो, आज खजानो ल्याई है।
झोली भरल्यो, दर्शन करल्यो, है माँ लखदातार.. दादी आई है ...।४
'भक्तवृन्द भी' दर्शन न माँ, दौडकर थारै आयी है।
दु:ख विपदा सब दूर करो, या फरियाद ल्यायी है।
थे ही दुर्गा, थे ही काली, थारो यो संसार. . दादी आई है ... ।५।
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