भाई रे मत दीज्यो, मावड़ली न दोष करमां री रेखा.. | Bhajan - 102 | Sundar Marwadi Kaya Bhajan | Bhai Re Mat Dijyo Mawadli Ne Dosh Karma Ri Rekha...
॥करमारी करणी न्यारी न्यारी।।
भाई रे मत दीज्यो, मावड़ली न दोष,
करमां री रेखा, न्यारी रे न्यारी।।टेर।।
भाई रे एक मावड़ली रे बेटा च्यार, च्यारां की करणी न्यारी रे न्यारी।
भाई रे पेलोड़ो हीरा को व्योपार, दूजोड़ो कपड़ा बेच रह्यो,
भाई रे तीजोड़ो खेतों में किसान, चौथोड़ो भिक्षा मांग रह्यो।।
भाईरे मत दीज्यो.... ।। १।।
भाई रे एक गाय रे बछड़ा च्यार, च्यारां की करणी न्यारी रे न्यारी।
भाई रे पेलोड़ो सुरज जी को सांड, दूजोड़ो शिव रो नांदिया,
भाईरे तीजोड़ो चोपा माँही बैल, चौथोड़ी घाणी पीस रह्यो।।
भाईरे मत दीज्यो.... ।। २ ।।
भाई रे एक माटी रा कलसा च्यार, च्यारां की करणी न्यारी रे न्यारी।
भाई रे पैलोड़ो पूजा रो कलश, दूजोड़ो चवरयाँ मांड रहो,
भाई रे तीजोड़ो पणिहारी रे शीश, चौथोड़ो मरघट जाय रह्यो।।
भाईरे मत दीज्यो.... ।। ३ ।।
भाई रे एक बेलड़ रे फुलड़ा च्यार, च्यारां की करणी न्यारी रे न्यारी।
भाई रे पेलोड़ो चढ़े मन्दिर माय, दूजोड़ो गजरा पोवतो,
भाई रे तीजोड़ो पंख पखेरू खाय, चौथड़ो मुर्दा ऊपर पड़यो।।
भाईरे मत दीज्यो.... ।। ४।।
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