थारो खूब सज्यो सिणगार ... | Bhajan - 23 | Shri Rani Sati Dadi Maa Bhajan | Tharo Khub Sajyo Singaar ...

(तर्ज : मेरे बांके बिहारी लाल ...)

थारो खूब सज्यो सिणगार,

भगत थाने निरखे बारम्बार,

भवानी म्हारी झूझनु की-२ ।।टेर।।

 

तारा जड़ी माँ थारी चुनड़ी है प्यारी,

हाथां के चुड़ले की शोभा है भारी,

थारे गले फूलां का हार -२....।।१।। भगत थाने निरखे ……

 

मेहन्दी की आभा माँ बरणी ना जावे,

चन्दो भी थारे आगे फीको लखावे,

थारो साँचो है दरबार -२.....।।२।। भगत थाने निरखे …..

 

प्यारो सज्यो है सिणगार भवानी,

सारा भगत देखे थारे ही कानी,

थारी लेवां नजर उतार -२....।।३।। भगत थाने निरखे …..

 

जगमग चमके माँ ज्योत सवाई,

'हर्ष' भगत वारे लूण और राई,

म्हाने लेवो जरा निहार -२...।।४।। भगत थाने निरखे ….

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