आयो फागणियों रंगीलो भगतों... | Bhajan - 67 | Shri Khatu Shyam Bhajan | Aayo Phaganiyo Rangilo Bhakto ...

(तर्ज- धमाल)

अस्थाई

आयो फागणियों रंगीलो भगतों, खाटू चालो र ॥

आयो फागणियों ...........॥ टेर ॥

 

अन्तरा

खाटू मं दरबार लगाकर, सेठ सांवरो बैठयो जी ।

फरियादी बाबा न सारो हाल सुणावै र ॥टेर ॥ आयो फागणियों .....

 

फागण मं तो श्याम धणी की, मस्ती ही कुछ न्यारी जी।

कुछ ना कर विचार सांवरो, गलै लगावै र ॥ टैर ॥ आयो फागणियों .....

 

फागन के महिने में भगतों, जो मांगो मिल जावै जी।

देव दयालू दोनूं हाथां, माल लुटावै र ॥ टेर ॥ आयो फागणियों .....

 

घन भक्ति को, घन शक्ति को, या धन-दौलत लेल्यो जी।

'नन्दु' लेल्यो मरजी थारी, सब मिल जावै र ॥टेर ॥ आयो फागणियों .....

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