मैं तो हूँ भिखारी बाबा, तेरे द्वार का ...| Bhajan - 79 | Shri Khatu Shyam Bhajan | Main To Hun Bhikari Baba Tere Dwar Ka ...
(तर्ज- अच्छा सिल्ला दिया तुने )
मैं तो हूँ भिखारी बाबा, तेरे द्वार का ।
टूटा हुआ फूल हूँ मैं, तेरे हार का ॥
बड़ी आश लेके दाता, पास तेरे आया हूँ।
हाल क्या सुनाऊँ, सारे जग का सताया हूँ।
भूखा हूँ मैं खाटू वाले, तेरे प्यार का ॥ टूटा हुआ फूल...॥
दानी कोई तेरे जैसा, और नहीं दूजा है ।
इसी लिए घर घर में, होती तेरी पूजा है।
दुःख हरते हो, सभी लाचार का ॥ टूटा हुआ फूल... ॥
तुम्ही हो किनारा और, तुम्हीं मंझधार हो ।
नैया मेरी डूबे नहीं, तुम्हीं पतवार हो ।
टूटे न उम्मीद, मेरे एतवार का ॥ टूटा हुआ फूल... ॥
आते हैं सवाली जो भी, माला-माल कर देते हो।
किसी को भी खाली नहीं, दर से टाल देते हो।
मुझको भी दे दो, मेरे अधिकार का ॥ टूटा हुआ फूल... ॥
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