श्याम ऐसी कृपा बरसा दे .... | Bhajan - 66 | Shri Shyam Murari Bhajan | Shyam Aisi Kripa Barsa Do ...
(तर्ज- हम तुम्हे चाहते हैं ऐसे ..)
अस्थाई
श्याम ऐसी कृपा बरसा दे,
हैं दीवाने तेरे sss -२ , इन दीवानों से अंखियाँ
मिला ले।
अन्तरा
बिन तुम्हारी महर, ऐ कन्हैया,
कैसे संवरेगी ये-२ ।
जिन्दगानी मेरी, समझा दे ॥१॥
धन दौलत की किसको तमन्ना।
में भिखारी तेरे - २ ॥
दर्शनों का तू दर्शन, दिखा दे ॥२॥
मेरे दिल को लगन बस तुम्हारी।
'नन्दू' कुछ ना मिले -२ ॥
प्रेम गंगा में डुबकी, लगा दे ॥३॥
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