हम तो मांगेगे मैया, तुमसे सौ-सौ बार ... | Bhajan - 22 | Shri Devi Mata Bhajan | Hum To Mangenge Maiya Tumse So So Baar ...
(तर्ज : देना हो तो दीजिए...)
हम तो मांगेगे मैया, तुमसे सौ-सौ बार।
देने के हजारों रस्ते, हैं तेरे हाथ
हजार।।टेर।।
यू तो लाख मूसीबत आए, कहीं, मांगने ना जाते।
लेकिन तेरे द्वार पे आने में, बिलकुल ना शर्माते।
तेरे आगे लाज ना आए, यहाँ मांगे सब संसार।।
जितने हैं दाता जगत में, तुमसे मांग के देते
हैं।
अपनी झोली फैला के वो, तुझसे ही तो लेते हैं।
हम दीनों की खातिर भी, माँ खोल तेरा भंडार।।
थोड़ा दे या दे तू ज्यादा, होगा हमें मंजूर वही।
इतना तो हमको भी पता है, हमसे ज्यादा दूर नहीं।
जब भी दुखड़े आयेगें, हम आयेगें तेरे
द्वार।।
तेरी मर्जी सदा चली है, चलती रहेगी वो हरदम।
तुमको मैया हम ना छोड़े, चाहे खुशी मिले या गम।
कहे 'पवन' कि हम भगतों का, तुझपे है तो अधिकार।।
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