प्रथम निमंत्रण आपको ... | Bhajan - 5 | Ganesh Vandana | Pratham Nimantran Aapko ...
(तर्ज : देना है तो दीजिये...)
प्रथम निमंत्रण आपको, मां गौरी के लाल
मां राणीसती का उत्सव है प्रभु,
आ जाओ तत्काल ||
आपके आने से ही देवा, काम सभी बन जायेंगे,
सभी देवता झट से अपने, आसन पर आ जायेंगे,
मैं चरण पखारू देवा, तिलक लगाऊ भाल।।
मूसे की कर असवारी जब रणत भवन से आयेंगे,
कंचन थाल में लड्डु भर हम, आपको भोग लगायेंगे,
थे संकट हारी देवा, मेरे संकट देना टाल।।
एक दंत और दयावंत, तेरे हाथ में फरसा
भारी है,
पहले सुमिरन आपका करते, इस जग के नर-नारी है,
जो भी ध्यान धरे तेरा, प्रभुवर रखना सदा
ख्याल।।
कोई विघ्न नहीं आता जहां, विघ्नेश्वर आ जाते है,
रिद्धि-सिद्धि शुभ-लाभ और लक्ष्मी, उस घर में आ जाते,
भक्तों की विनती है प्रभु, रखना सदा ख्याल।।
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