चढ़ो मेहन्दी को रंग, रची लाल सुरंग ... | Bhajan - 26 | Shri Rani Sati Dadi Maa Devi Bhajan | Chadho Mehendi Ko Rang Rachi Lal Sunrang...

(तर्ज: चली कॉवड़ियो की टोली.....)

चढ़ो मेहन्दी को रंग, रची लाल सुरंग,

दादी किसने ये, हाथों में रचाई रे,

तेरे भक्तों के मन को भाई रे।।टेर।।

 

सोणी-सोणी मेहन्दी लागे, दुनिया से न्यारी,

हाथों की हथेलियों में, रची प्यारी-प्यारी,

मैं तो वारी-वारी जाऊं, सारे जग को बताऊं,

मेहन्दी हाथों की माँ, शोभा बण आई रे ।।१।। तेरे भक्तों के .....

 

बड़े ही नसीबों वाला, माँ के मन भाये,

जिसका हुक्म होवे, मेहन्दी वो लगाये,

दादी मुझे भी बुलाले, हाथों मेहन्दी मण्डाले,

मैंने तुझ से माँ अरजी लगाई रे।।२।। तेरे भक्तों के .....

 

मेहन्दी का तो बस, दादी करके बहाना,

हर्ष हमें तो तेरा दर्शन पाना,

आजा हुक्म सुनादे, मेरा मान बढ़ा दे,

तूने कितनों की आस पुराई रे।।३।। तेरे भक्तों के .....

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