मोटी सेठाणी, म्हारो बेड़ो पार ... | Bhajan - 17 | Shri Rani Sati Dadi Maa Bhajan | Moti Sethani Mharo Bedo Paar Lagano Padsi Re ...
(तर्ज-धमाल...)
दोहा:
कई जगह की खाक छानकर, आयो थारै द्वार|
थे हो माटी सेठाणी, म्हारो करियो बेड़ो
पार ||
मोटी सेठाणी, म्हारो बेड़ो पार
लगाणो पड़सी ए.मोटी सेठाणी।
पीछो तेरो छोडूं कोन्या,क्या में बड़सी ए, मोटी सेठाणी ।।टेर।।
अन्तरा
सूप दई पतवार, मात म्हे, थारै भरोसे बैठ्या ए।
नींदड़ली तोड़ो कुल देवी, आणो पड़सी ए।।
मोटी सेठाणी.....
।।१।।
थानै अपनो जान के मैया, थारो पल्लो पकड्यो ए।
माँ बेटा को रिस्ता थाने, निभाणो पड़सी ए।।
मोटी सेठाणी..... ।।२।।
म्हे थारो पल्लो छोड़ां कोन्या,
चाहे क्यूं भी करले ए।
टाबर तांई हाथ दया को, बढ़ाणो पड़सी ए।।
मोटी सेठाणी..... ।।३।।
टाबर की अर्जी पर मैया, कांई थारी मर्जी ए।
"भक्तवृन्द'' माँ आज फैसलो, सुनाणो पड़सी ए।।
मोटी सेठाणी..... ।।४।।
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