ताली जोर जोर से बाजे रे ... | Bhajan - 68 | Shri Khatu Shyam Bhajan | Taali Jor Jor Se Baaje Re ...

(तर्ज ढोला ढोल मजीरा बाजे….)

 दोहा:

ताली का तो महत्व बड़ा है, जगह जगह न बजाना |

कीर्तन हो गर श्याम प्रभु का, पूरा जोर लगाना ||

 

ताली जोर जोर से बाजे रे,

लीलो घोड़ो श्याम धणी को, छम छम नाचे रे । टेर ।।

 

यो घोड़ो बाबा को घोडो, बाबो करै सवारी,

बाबा की सेवा में यों तो, सारी उमर गुजारी,

यो तो पवन बेग से भाग रै ॥१॥ लीलो घोड़ो श्याम धणी ....

 

जो कोई श्याम धणी को कीर्तन, अपने घर म करावं,

श्याम धणी क सागै सागै, लीलों घोड़ो जावै,

यो तो चरणां मांही बिराजै रे ॥२॥ लीलो घोड़ो श्याम धणी ....

 

श्याम धणी को कीर्तन सुणकर, अंको मन हर्षावे,

बनवारी जो भजन सुणाव, ऊँ पर खश हो जावे,

तू तो प्रेम स भजन सुणाज्ये रे ॥३॥ लीलो घोड़ो श्याम धणी ....

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