धूम मची थारे कीर्तन में ... | Bhajan - 14 | Shri Rani Sati Dadi Maa Bahajan | Dhoom Machi Thare Kirtan Me ...
(तर्ज : मेहन्दी रची थार हाथां
म...)
धूम मची थारे कीर्तन में, आनन्द छायो भक्तां म,
थारी गूंजे जय-जयकार, मईया राणी सती।।टेर।।
पल-पल गिणता बरस बीत गयो, उत्सव माँ को आयो जी,
सुपनो तो साकार हुयो म्हारो, हो रहयो मन को चायो जी,
शुभ घड़ी शुभ दिम आयो जी, गावो मंगल गावो जी,
आज झूम उठ्यो संसार, मईया राणीसती।।
ऐसो तो दरबार सज्यो है, रोशन हो गई शाम जी,
धरती और अम्बर म मैया, गूंज रह्यो थारो नाम
जी,
भगत नाच रह्या मस्ती मं, पाँव पड़े नहीं धरती प,
कोई देखण जोग बहार, मईया राणी सती।।
उत्सव की या झांकी थारी, लाग म्हान प्यारी जी,
चन्द्र किरण सी चमचम चमके, चूनड़ तारां वाली जी,
गल बीच नौसर हार जी, होठां पर मुस्कान जी,
थारी लेवां नजर उतार, मईया राणी सती।।
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