धन्य भाग्य हमारा, दादीजी आया म्हारे आंगणे ... | Bhajan - 40 | Shri Rani Sati Dadi Ji Bhajan | Dhanya Bhagya Hamara Dadiji Aaya Mhare Aangne ....
(राग-मारवाड़ी)
धन्य भाग्य हमारा, दादीजी आया म्हारे आंगणे-२
उठ दर्शन करल्यो, दादीजी आया म्हारै
आंगणे | धन्य...
झंझनवाली, मैया थारो महिमा अपरम्पार।
शेरांवाली, मैया थारो, महक रह्यो दरबार ।
ऐसी तो दयालू माँ को, घर घर लेस्यां नाम जी ॥ धन्य भाग्य ...
माथे बिच बोरलो थारै, सिर पर छत्र हजार ।
सिर पर ओढ़ी चूनड़ी जी, गल हीरां को हार।।
चढ़ सिंह देखो आई मैया, कर सोल्हा श्रृंगार जी ॥ धन्य भाग्य ...
छप्पन भोग छत्तीसों मेवा, की थारे भर मार ।
हिल मिल ज्योत जगावं थारे, लाखों ही नर नार ।
रात जगावै, थारै चंवर डुलावे, कोई मन में हर्ष अपार ॥ धन्य भाग्य ...
सांचे मन से झुंझनू माँ को, जो कोई लेवै नाम ।
दुख विपदा सब दूर करै, और पूरण हो सब काम ।
जन्म-जन्म का संकट काट, नया लगावे पार जी॥ धन्य भाग्य ...
‘भजन मण्डली' दादीजी को, नित ही ध्यान लगावें।
घर-घर जाकर दादोजी का, सबने भजन सुनाये।
साची मैया, झुंझनू वाली, कर सी बेड़ा पार ॥ धन्य भाग्य ...
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