भक्त सभी मिलकर थे आओ ...| Bhajan - 63 | Shri Bajrangi Hanuman Bhajan | Bhakt Sabhi Milkar The Aao ...
(तर्ज-धन्य घड़ी धन्य भाग्य हमारा...)
अस्थाई :
भक्त सभी मिलकर थे आओ, प्रेम भरी आवाज लगाओ |
जय बजरंगी बाला की, जय बजरंगी बाला की |
जय अंजनी के लाला की ।।टेर ।।
अन्तरा :
रंग बिरंगी ल्यावां जी, फूलों का हार बनावां जी।
मण्डप पान सजावां जी, लाल ध्वजा फहरावा जी।
आसन पे हनुमान विराजे, तन सिन्दूरी चोलो साजे
।
जय बजरंगी बाला की ॥१॥
जगमग ज्योति जगावां जी, सिर पर छत्र चढ़ावां
जी
खीर चूरमो श्री फल को, प्रेम से भोग लगावा
जी।
कंचन थार कपूर सजावां, हिल मिल मंगल आरती गावां ।
जय बजरंगी बाला की ॥२॥
ढोलक झांझ नगारा जी, बाज रहा झंकारा जी।
भजन करो बाला जी का, होकर के मतवारा जी।
झूम झूम कर ताली बजाओ, बार बार सबसे बुलवाओ।
जय बजरंगी बाला की ॥३॥
चरणां धोक लगावां जी, बाबा का दर्शन पावां
जी।
सबका दुखड़ा दूर करो, याही अर्ज सुनावा जी।
'हनुमान मंडल' पर कृपा किज्यो, बाल रूप म दर्शन
दिज्यो।
जय बजरंगी बाला की ॥४॥ भक्त सभी मिलकर ...
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