थारी नानी बाई रो, भात भरण ने .... | Bhajan - 50 | Shri Krishna Nani Bai Bhajan | Thaari Nani Bai Ro Bhaat Bharan Ne ....
(तर्ज- ओल्युं)
अस्थाई
ओ जी ओ गिरधारी नटवर, नागरियाs,
थारी नानी बाई रो, भात भरण ने, आज्यो जी साँवरा - २ ।।
अन्तरा
नरसी मेहता न थारो आसरो,
म्हारी आज सभा में लाज बचावण, आज्यो जी सांवरा ॥१॥
कदसू ऊँबी जोवै थारी बाटडली,
थारी नानी बाई न चुनड़ी उढ़ावन, आज्यो जी सांवरा ॥२॥
दीना नाथ दयालू थारो नाम है,
म्हारी अटकी नैया पार लगावण, आज्यो जी सांवरा ।। ३ ।।
थारे ही भरोसे जास्यं सांवरिया,
थारे भक्तां रो मान बढ़ावन, आज्यो जी सांवरा ।। ४ ।।
थारे बिना म्हारी कूण सुणेलो सांवरिया,
भोले भगतां री बात निभावण, आज्यो जी सांवरा ॥ ५ ॥
'ताराचन्द' भी थांसू सांवरा अरज करे,
थारे भक्तां न दरश दिखावण प्राज्यो जी सांवरा ॥ ६॥ थारी नानी बाई रो...
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