चली कॉवड़ियों की टोली ...| Bhajan - 76 | Shri Shiv Bhole Bhajan | Chali Kanwadiyon Ki Toli ...
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(तर्ज : देखो मटकी पे मटकी....)
चली कॉवड़ियों की टोली, खाके भंगिया की गोली,
कांधे गंगाजल की कावड़ उठाई रे,
बोली हर हर बम की लगाई रे, लगाई बोली हर-हर... ॥
भोली जी के धाम चले, सभी संग संग में
रंग गये सब कोई, भक्ति के रंग में
कोई नाचे कोई गाये, ताली मिल के बजाये
देखो जब ये सावन ऋतु आई रे, बोली हर हर.....॥१॥
पहने कोई पीला वस्त्र, कोई लाल लाल है।
दाढी मूंछे मुँह पे बढी, रुखे सूखे बाल है।
बने भोले के दीवाने,चले बाबा को मनाने
देखो सुधबुध जब बिसराई रे, बोली हर हर......।२।
आंधी आये पानी आये, चाहे तपे धाम है।
अपने मगन चले, भोलेजी के धाम है।
जंगल होवे या पहाड़ी, पाँवधरे ना पिछाड़ी
चले बच्चे बूढ़े लोग लुगाई रे, बोली हर हर....।३।
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