चुनड़ तो ओढ़ म्हारी दादी ....| Bhajan - 73 | Shri Rani Sati Dadi Maa Bhajan | Chunad To Odh Mhari Dadi ...

चुनड़ तो ओढ़ म्हारी दादी, सिंहासन बैठी जी ।

कोई, देवा भोत सहराई दादी म्हारी जी, सिंहासन बैठी जी ।

 

हीरा पन्ना(मोती-मूंगा) सू जड़यो, थारो सिंहासन जी

कोई ऊपर छतर हजार, दादी म्हारी जी। सिंहासन...

 

अंग कसूमल थारे, कब्जो तो सोवे जी,

कोई गले में हीरा को हार, दादी म्हारी जी।। सिंहासन...

 

हाथां म दादी थारे मेहन्दी रची है जी,

कोई बाजुबन्द की महिमा अपार, दादी म्हारी जी।। सिंहासन...

 

काना में कुण्डल थारे, हृद के विराज जी,

कोई हाथा में लाल चूड़ो सोहे, दादी म्हारी जी।। सिंहासन...

 

चुनड़ का अल्ला-पल्ला, भोत लुभावे जी,

कोई मांय तारी को सोहे जाल,दादी म्हारी जी।। सिंहासन...

 

हाथां म चूड़ो थारे, बायां में बाजुबन्द जी,

कोई माथे पे लाल टीको सोहे, दादी म्हारी जी।। सिंहासन...

 

मन में ले आशा दादी, कीर्तन में आया जी,

कोई भक्ता री आश पुरावोदादी म्हारी जी।। सिंहासन...

 

भक्ता,री अर्जी दादी, मर्जी है थारी जी,

कोई थारे बिना कुण सुणशी, म्हारो दादी जी।। सिंहासन...

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