चरणां का थारै दादी, बण के पुजारी ... | Bhajan - 36 | Shri Rani Sati Dadi Maa Bhajan | Charna Ka Thaare Dadi Ban Ke Pujaari ...
अस्थाई
चरणां का थारै दादी, बण के पुजारी,
मन में बसावां सूस्त प्यारी, बण कर के पुजारी ॥ टेर ॥
अन्तरा
लाल लाल दादी म्हारी, सोहे रंग लाल हैं।
चुनड़ लाल चूड़ो लाल, रोली मोली लाल हैं।
मेंहदी स हाथ लाल हो ओsss
मेंहदी स हाथ लाल छवि न्यारी, बण कर के पुजारी।
चरणां का थारै दादी..॥१॥
हाथ लाल थारा दादी, वस्त्र थारा लाल हैं।
देख थान सुध-बुध, खोया थारा लाल हैं।
लाल गुलाबी फूल हो ओsss
लाल गुलाबी खिली फुलवारी, बण कर के पुजारी।
चरणां का थारै दादी..॥२॥
कृण्डल पहन्या कानां मांय, गले मुण्ड-माल हैं।
सिंह चढ़ी दादी म्हारी, हृदय विशाल हैं।
किस विधि गावां दादी होओsss
किस विधि गावां महिमा भारी, बण कर के पुजारी ||
चरणां का थारै दादी..||३||
आई मावस भादवे की, मेले की तैयारी हैं।
झुंझनू जावांगा सज धज, मन में चाव भारी हैं।
अर्जी है म्हारी दादी हो ओ555
अर्जी म्हारी मर्जी है थारी, बण कर के पुजारी ||
चरणां का थारै दादी.. ॥४॥
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