थारे ढोल तन्दुरा बाजे रे ...रूणिचा के मन्दिर में .. | Bhajan - 101 | Shri Baba Ramdev Bhajan | Thare Dhol Tandura Baaje Re ...

|| श्री रामदेव वन्दना ।।
(तर्ज : थारे झाँझ नगाड़ा बाजे रे...)

थारे ढोल तन्दुरा, बाजे रे, बाजे रे,

रूणिचा के मन्दिर में, रामा पीर बिराजै रे ।। टेर।।

भारत राजस्थान में जी, रूणिचा इक चाम,
सूरज स्यामी बन्यो देवरो, महिमा अपरम्पार,
थारी धोली ध्वजा फहरावे रे -२,
रुणिचे के मंदिर... ।। १।।

नारेला री गिणती नहीं बाबा, सुवरण छत्र अपार,
दूर देश से दर्शन करने, आवे भक्त अपार,
थारी साँची ज्योत जगावे रे-२,
रुणिचे के मंदिर... ।। २।।

भादों सुदी दशमी को मेलो, भीड़ लगे अति भारी,
नर नारी थारा दर्शन करने, आवे बारी-बारी,
बाबो अटकया काज सँवारे रे-२,
रुणिचे के मंदिर... ।। ३ ।।

अजमल पुत्र मैणादे सुत का, धरो हमेशा ध्यान,
लांछा सुगना बाई रा बीरा, करे सदा कल्याण,
बाबो पल पल परचा दिखावे रे-२,
रुणिचे के मंदिर...।। ४ ।।

Comments

Popular posts from this blog