तनधन बाबो सेठ .... | Bhajan -13 | Shri Rani Sati Dadi Maa Bhajan | Tandhan Babo Seth Mhari Narayani Sethani ...
(तर्ज : कीर्तन की है रात...)
तनधन बाबो सेठ म्हारी नारायणी सेठाणी है-२
या तो झूझणुं की महाराणी है, तनधन बाबो सेठ ।।
टेर।।
मांग के तु देख, सर न झुका के देख, दादी के द्वार पे-२
पल में बदल देसी, माँ तकदीर की रेख, जो आया द्वार पे-२
बाँट रही परचा-२, झूठी नाही ये कहानी है, या तो झूझणु.... ।।१।।
दुःख में सुमिरण कर, या सुख में सुमिरण कर, आवेगी मावड़ी-२
भगतां के सागे जो, रिश्तों बनायो है, निभावेगी मावड़ी-२
ई खातिर ही तो-२,आं की दुनिया दिवानी है-२, या तो झूझणु.. ।।२।।
या कुल देवी म्हारी सारे जग से न्यारी है, भगतां न प्यारी है-२
ममता लुटावे है, या साथ निभावे है, या पालनहारी है-२
श्याम जो गावे-२, या तो आंकी मेहरबानी है, या तो झूझणु... ।।३।।
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