करस्याँ सिंधारा थारा मावड़ी .... | Bhajan - 43 | Shri Rani Sati Dadi Maa Bhajan | Karsya Sindhara Thara Maawadi ...
(तर्ज: चिरमी)
करस्याँ सिंधारा थारा मावड़ी,
बेगा बेगा सा पधारो मैया आज
भवानी थारा, लाड करा ।।टेर।।
दादी थारे स्वागत म, चंदन चौक पुरायो है
घणे चाव सूं टाबरिया, न्युतो आज भिजायो है
झांकी दिखाओ म्हाने सोवणी ।।१।।
चांदी री चौकी पर माँ थाने आज
बैठास्या ऐ
सोणा-सोणा गजरा तूं, म्हे सिणगार सजास्यां ऐ
पायल पहरावां छम छम बाजणी ।।२।।
लाल सुरंगी मेहन्दी सूं, थारा हाथ रचावाला
सगला सेवक हाथा सुं, थाने आज रिझावाला
दादी उढास्या, थाने ओढ़नी ।।३।।
'हर्ष’ भवानी बेगा सा, पीहर थाने जाणो है
बेटा पोता ने दादी, आशीष देकर जाणो है
किरपा दिखाओ मैया मोकली ।।४।।
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