छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल .... | Bhajan - 33 | Shri Krishna Madan Gopal Madhur Bhajan | Choti Choti Gaiya Chote Chote Gwaal ...
छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल,
छोटो सो मेरो मदन गोपाल
आगे आगे गैया, पीछे-पीछे ग्वाल।
बिच-बिच चाले म्हारो मदन गोपाल।।।
कैसे चाले गैया, कैसे चाले ग्वाल।
कैसे-कैसे चाले मेरो मदन गोपाल।।
धीमे चले गैया, नाचे कूदे ग्वाल।
ठुमकत चाले म्हारो मदन गोपाल
कित रहे गैया, कित रहे ग्वाल।
कित रहवे म्हारो मदन गोपाल।।
खिरक में गैया, झोपड़ी में ग्वाला
सन्तों के संग म्हारो मदन गोपाल
क्या खावे गैया, क्या खावे ग्वाल।
क्या खावे म्हारो मदन गोपाल।।
घास खावे गैया, दूध पीवे ग्वाल।
माखन खावे म्हारो मदन गोपाल
क्या ओढ़े गैया, क्या ओढ़े ग्वाल।
क्या ओढे म्हारो मदन गोपाल।।
झूल ओढ़े गैया, लम्बी टोपी ग्वाल।
कारी कंबर ओढे म्हारो मदन गोपाल
कैसी-कैसी गैया, कैसे-कैसे ग्वाल।
कैसो है म्हारो मदन गोपाल।।
धोरी धुमरी गैया, नटखट ग्वाल।
अटपटियो म्हारो मदन गोपाल
क्या सुने गैया, क्या सने ग्वाल।
क्या क्या सुने म्हारो मदन गोपाल।।
बंशी सुने गैया, मुरली सुने ग्वाल।
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