ल्याया थारी चुनड़ी, करियो माँ स्वीकार ... | Bhajan - 46 | Shri Rani Sati Dadi Maa Bhajan | Laya Thari Chundi Kariyo Maa Sweekaar ...
(तर्ज : देना है तो दीजिये ...)
ल्याया थारी चुनड़ी, करियो माँ स्वीकार,
ईमें साँचा-२ हीरा, और मोत्यां की भरमार।।
चुनड़ी को रंग लाल चटक है, तारा भी चिपकाया माँ।
बढ़िया पोत मंगायो जामें, गोटो भी लगवाया माँ।
थे तो ओढ़ दिखावो मइया, थारो मानाँगा उपकार ।। ल्याया थारी ….
बस इतनी-सी कृपा करदे, सेवा में लग जावाँ माँ।
म्हानै तू ई लायक करदे, चुनड़ी रोज चढ़ावाँ माँ।
बस टाबरिया पर बरसे, माँ हरदम थारो प्यार ।। ल्याया थारी ….
एक हाथ से भक्ति दीजे, एक हाथ से शक्ति माँ।
एक हाथ से धन दौलत, और एक हाथ से मुक्ति माँ।
तू तो हर हाथां से दीजे, माँ थारा हाथ हजार ।। ल्याया थारी ….
गर तू थारो बेटो समझे, सेवा बताती रहीज्ये माँ।
'बनवारी' गर लायक समझे, काम उढ़ाती रहीज्ये माँ।
म्हे तो रात दिना बैठ्या हाँ, थारी सेवा में तैयार ।। ल्याया थारी ….
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