हो तेरी जो दया, मुझपे झूझनूवाली ... | Bhajan - 21 | Shri Rani Sati Dadi Maa Bhajan | Ho Teri Jo Daya Mujhpe Jhunjhunwali ...

(तर्ज: कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं....)


हो तेरी जो दया, मुझपे झूझनूवाली,

याद में तेरे दिन मैं गुजारा करूं

करदे इतना कर्म मुझपे, मैया मेरी,

आंसुओं से चरण मैं, पखारा करूं ।।

 

थक चुके है कदम क्या करूं मैं क्या

थक चुके हैं नयन, थक चुकी है जुबान-२

अब तो दे दो दर्श झूझनूवाली मैया,

कब तलक तुमको यूहीं पुकारा करूं ।। हो तेरी..

 

हमने देखा है बेदर्द संसार को,

कोई साथ किसी का भी देता नहीं

मिल गया जो सहारा झूझनूवाली,

तेरे चरणों का जीवनभर वन्दन करूं।। हो तेरी....

 

सुखे पतझड़ का मारा है जीवन मेरा,

फिर बहारों को लेकर आजाओ ना तुम

आंसुओं में डूबे है मेरे नयन,

तेरी मुख को मैया निहारा करूं।। हो तेरी....

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