दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | Bhajan 149 | Dadi Ki Kirpa Uss Par Thodi Si Khas He ...
दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है,
जिसका मेरी दादी पर अटल विश्वाश है,
दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है |
सच्ची श्रद्धा निश्च्ता से, जिस ने दादी को धाया,
उसने फिर हर कदम पर, माँ को है साथ पाया,
हर घडी हर पल दादी, उस के आस पास है,
दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है |
रहे निष्काम जो भी, सेवा जो करता जाए,
जीवन की हर ख़ुशी, वो दादी से पाता जाए,
अपनी दादी से जिसकी, बंधी हर आस है,
दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है |
"सुनील/भक्त" कहना "हमारा", लगन ऐसी लगाना
लक्ष्य हो अंत समय में, दादी चरणों में ठिकाना,
भरोसा जिनका अटल है, होवे न निराश है,
दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है |
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