तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है | मेरी दादी झुंझनुवाली है | Bhajan 146 | Tu Kitni Sundar He, Tu Kitni Pyaari He ...
[ तर्ज : संदेशे आते है हमे तड़पाते है ]
तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है,
नहीं कोई तुझ जैसा, तू जग से न्यारी है,
तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है,
मेरी दादी झुंझनुवाली है ।
जय जय दादी माँ, जय जय दादी माँ,
जय जय दादी माँ, बोलो जय जय दादी माँ ॥
की जब भी भगतों पे मुसीबत आयी है,
की सर पे माँ तेरी चुनड़ लहराई है ।
तेरे आँचल की छइयां में हमें चिंता नहीं कोई ,
संभालेगी, सम्भाला है, हमें शंका नहीं कोई ।
तू करती भगतों की सदा रखवाली है,
कोई ना तेरे दर से माँ लौटा है खाली है ।
तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है,
मेरी दादी झुंझनुवाली है । तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है ||
मेरी नईया की है ओ मईया मांझी तू,
सहारा भगतों का है केवल दादी तू ।
तेरे बिन "सौरभ मधुकर/भक्तों " का नहीं दूजा ठिकाना माँ,
की तेरे चरणों से जुड़ा है ये रिश्ता पुराना माँ ।
तेरे ही हाथों में ये डोर हमारी है,
तुझको ही सौंपा है ये जिम्मेदारी है,
तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है,
मेरी दादी झुंझनुवाली है । तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है ||
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