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Showing posts from May, 2020

सुन ले कन्हैया अर्जी हमारी ... | Bhajan 110 | Shri Krishna Bhajan | Sun Le Kanhaiya Arji Hamari ...

Song Link Click Here :  For Voice Recording of the Bhajan :  Sun Le Kanhaiya Arji Hamari (तर्ज : सागर किनारे दिल ये पुकारे ...) सुन ले कन्हैया अर्जी हमारी, तारों ना तारों ये है मर्जी तुम्हारी-2 सुन ले कन्हैया॥ हम पे क्या बीती, कैसे बताये-2 किस दौर से गुजरे, कैसे सुनाये। तुमको पता है, हाल मुरारी।। सुन ले कन्हैया अर्जी हमारी ... लाज पे आंच बाबा, आने ना पाये-2 जाये तो जान जाये, आन ना जाये। सारा जमाना, इसका शिकारी।। सुन ले कन्हैया अर्जी हमारी ... लाज की भिक्षा , झोली में दे दो-2 भटक रहा हूँ, शरण में ले लो। दर पे खड़ा है, तेरा भिखारी। सुन ले कन्हैया अर्जी हमारी ... जो भी कहोगे, वो ही करूंगा-2 जैसे रखोगे, वैसे रहूँगा। तुझसे भरोसा, मेरा है भारी। सुन ले कन्हैया अर्जी हमारी ...

नौका वाले हमे बिठा ले , जाना गंगा पार ... | Bhajan - 109 | Shri Ram Kewat Bhajan | Nauka Wale Humain Bitha le

For Audio, Click here :  Nauka Wale Hume Bithale (तर्ज : गाडी वाले हमे बिठा ले ... ) नौका  वाले  हमे  बिठा  ले , जाना  गंगा  पार  – खड़े  हम  तीन  जने | तीन  जने , हम  तीन  जने, यहाँ  खड़े  हम  तीन   जने   –  – २  होs नौका वाले हमे  बिठा  ले ……जाना  गंगा  पार  – खड़े  हम  तीन  जने || अवध  पूरी  के  वासी  हैं , दशरथ  नन्द  कहलाते  हैं  राम  नाम , लक्ष्मण  और  सीता , हम  सब  बन को  जाते  हैं  राज  छोड़ , बनवास  ले  लिया  – २ , किया  पिता  का  मान  … खड़े  हम  तीन  जने नौका वाले हमे  बिठा  ले …… इतना  सुन, केवट  बोलै , नाव  तो  मैं  ही  खेवूंगा जादू  वाले  चरण  आपके , पहले  इनको  धोऊंगा  चरण  धूल  से , शिला  खंड  भी ...

भोले बाबा शरण मैं तुम्हारी .. | Bhajan - 108 | Shri Shiv Bhole Bhajan | Bhole Baba Saran Main Tumhari ...

For Audio Click Here :  Bhole Baba Sharan Main Tumhari तर्ज : (हम  तुम्हे  चाहेंगे  ऐसे ..) भोले  बाबा  शरण  मैं  तुम्हारी .. २  बैठे  दर  पे  तेर E .. होS ओS बैठे  दर  पे  तेरे , कब  लोगे  खबर , हमारी ….  भोले  बाबा शरण  ….. अपनी  मस्ती  मैं , बैठे  हो  बाबा  .. २  क्यों  तुम  सुनते  नहीं  ... होS ओS क्यों  तुम  सुनते  नहीं , भगतो  से  क्यों  रूठे  हो  बाबा  …. भोले  बाबा  शरण  …….. भोले  भाले  हो , जग  से  निराले  .. २  टूटी  कश्ती  मेरी  … होS ओS टूटी  कश्ती  मेरी , भोले  करदी  है  तेरे  हवाले  ….. भोले  बाबा  शरण  …….. भोले  बनवारी , तेरा  पुजारी  .. २  भोले  कर  दो  दया  … होS ओS भोले  कर  दो  दया , तेरे  दर  का  ...

सांवली सूरत पे मोहन , दिल दीवाना हो गया ... | Bhajan - 107 | Shri Krishna Shyam Bhajan | Sanwli Surat Pe Mohan Dil Diwana Ho Gaya ...

For Audio Click Here :  Sanwli Surat Pe Mohan Dil Diwana सांवली  सूरत  पे  मोहन , दिल  दीवाना  हो  गया  .. २  दिल  दीवाना  हो  गया , मेरा , दिल  दीवाना  हो  गया … सांवली  सूरत  पे  मोहन , दिल  दीवाना  हो  गया || एक  तो  तेरे  नैन  तिरछे , दूसरा - काजल  लगा  ss … २  तीसरा , नज़रें  मिलाना , दिल  दीवाना  हो  गया … सांवली  सूरत  पे  मोहन , दिल  दीवाना  हो  गया || एक  तो  तेरे  होंठ  पतले , दूसरा  – लाली  लगी  ss … २  तीसरा , तेरा  मुस्कराना , दिल  दीवाना  हो  गया … सांवली  सूरत  पे  मोहन , दिल  दीवाना  हो  गया || एक  तो  तेरे  हाथ  कोमल , दूसरा  – मेहँदी  लगा   ss … २   तीसरा , मुरली  बजना , दिल  दीवाना  हो  गया … सांवली  सूरत  पे  ...

राम से बड़ा राम का नाम .. | Bhajan - 106 | Shri Ram Naam Bhajan| Ram Se Bada Ram Ka Naam...

राम से बड़ा राम का नाम,  राम से बड़ा राम का नाम | अन्त में निकला यही परिणाम, राम से बड़ा राम का नाम ।। सुमरिये नाम रूप बिन देखे, कौड़ी लगे न लगे छदाम, नाम के बाँधे बँध आयेंगे, आखिर एक दिन राम  राम से बड़ा राम का नाम,  राम से बड़ा राम का नाम | अन्त में निकला यही परिणाम, राम से बड़ा राम का नाम ।। नामी को चिन्ता रहती है, नाम न हो बदनाम । द्रोपदी ने जब नाम पुकारा, झट आ गये घनश्याम ।। राम से बड़ा राम का नाम,  राम से बड़ा राम का नाम | अन्त में निकला यही परिणाम, राम से बड़ा राम का नाम ।।   जिस सागर को बिना सेतु के, लाँघ सके ना राम । लांघ गये हनुमान उसी को, लेकर राम का नाम ।। राम से बड़ा राम का नाम,  राम से बड़ा राम का नाम | अन्त में निकला यही परिणाम, राम से बड़ा राम का नाम ।। वो अभिमानी डूब जायेंगे, जा मुख नहीं है राम । वो पत्थर भी तर जायेंगे, लिखा जहाँ श्री राम ।। राम से बड़ा राम का नाम,  राम से बड़ा राम का नाम | अन्त में निकला यही परिणाम, राम से बड़ा राम का नाम ।।

नर में है नारायण बन्दे, नर में है नारायण .. | Bhajan - 105 | Tulsi Vani - Sundar Kaya Bhajan | Nar Main Hai Narayan Bande ...

|| नर में है नारायण बन्दे || दोहा  तुलसी या संसार में, मिलिये सबसे धाय । ना जाने किस रूप में, नारायण मिल जाय ।। काशी घूम ले मथुरा घूम ले, घूम ले चाहे वन वन । नर में है नारायण बन्दे, नर में है नारायण ।। बोलो जय नारायण, बोलो जय नारायण ।। ओ बोलो जय नारायण, बोलो जय नारायण ।। पहन के भगवा, तिलक लगाके, बने तू संत ज्ञानी । हो गया मस्त मलंग न पीड़ा किसी की तूने जानी - २ | विभूति कमण्डल, गले में माला, व्यर्थ है माथे चन्दन । नर में है नारायण बन्दे, नर में है नारायण ।। दया धर्म चाहे दान करो, ये किसी काम नहीं आते । दीन दुखी निर्धन को जब तक, गले नहीं लगाते - २ । पर मेरा नारायण होता है, इसी बात में प्रसन्न । नर में है नारायण बन्दे, नर में है नारायण ।। ईश्वर के हैं बन्दे सबको रूप उसी का मानो । ना कोई ऊँचा ना कोई नीचा, सबको एक ही जानो - २ । सबसे उत्तम पूजा यही है, सबसे बड़ा ये धन । नर में है नारायण बन्दे, नर में है नारायण ।। ओ बोलो जय नारायण, बोलो जय नारायण ।।

हरि का नाम सुमर नर प्यारे, कभी भुलाना ना चाहिये | Bhajan - 104 | Sundar Atma Kaya Bhajan | Hari Ka Naam Sumar Nar Pyare....

|| क्या नहीं करना चाहिये || हरि का नाम सुमर नर प्यारे, कभी भुलाना ना चाहिये । पाकर मानुष तन दुनिया में, मुफ्त गंवाना ना चाहिये ।।टेर।। झूठ कपट और पाप कर्म से, धन को कमाना ना चाहिये । पुण्य पुर्बले से आता हो, तो ठुकराना ना चाहिये ।।१।। पर नारी से कभी भुलाकर, प्रीत लगाना ना चाहिये । दुर्जन नर को अपने पास में, कभी बैठाना ना चाहिये ।।२।। देकर के विश्वास किसी को, फिर हट जाना ना चाहिये । सच्चे मित्र से मन की कोई, बात छिपाना ना चाहिये ।।३।। अपने घर का भेद कभी, दुश्मन को बताना ना चाहिये । आमद से पैसे का ज्यादा, खर्च बढ़ाना ना चाहिये ।।४।। नये नये पंथों की बातों में, फँस जाना ना चाहिये । अपना पुरूषार्थ करने में, दिल शरमाना ना चाहिये ।।५।। पुण्य कर्म करके पीछे, मन में पछताना ना चाहिये । पाप कर्म की तरफ कभी, मन को ललचाना ना चाहिये ।।६।। जहाँ न आदर होय कभी, उस घर में जाना ना चाहिये । अपने घर में आवे उसके, दिल को दुखाना ना चाहिये ।।७।। बिन मालिक के हुकुम किसी, वस्तु को उठाना ना चाहिये । घर के झगड़े के कारण, राज सभा में जाना ना चाहिये ।।८।। कर सत्संग विचार सदा, दिल से विसराना ना चाहिये । ब्रह्मानन्द...

बेटी ले के आसी जी,अपनो भाग ... | Bhajan - 103 | Sundar Marwadi Beti Pe Bhajan - Save Girl Child | Beti Le Ke Aasi Ji Apno Bhaag ...

बेटी ले के आसी जी,अपनो भाग, क्यूँ मारो इन्हे  कोख में ।। बड़भागी वे मात पिता जो, करे है कन्यादान, ई के बराबर पुण्य ना कोई, बोले बेद पुरान, कन्या बध से ,बड़ो ना कोई पाप, क्यूँ मारो इन्हे  कोख में ।। काइयाँ तूने  नौ नौ कन्या, पूजा नवरता मे फिर भी अपनी बेटी ने मारा, अपने ही हाथां से  काइयाँ दुर्गा, निभासी तेरो साथ, क्यूँ मारो इन्हे  कोख में  ।। माँ की एक ही कोख से, बेटा बेटी जनम लेवे  है  एक बराबर दुध बिधाता, आँचल में देवे है। ये भी मत ना, करोजी दू भाग, क्यूँ मारो इन्हे  कोख में  ।। भक्त कवे जी कहग्या म्हारे, दादा दादी मानी बेटी की माँ राज करे हे, भरे बुढापो  पानी बेटी दो दो कुल की, है राखे लाज,  क्यूँ मारो इन्हे  कोख में  ।।

भाई रे मत दीज्यो, मावड़ली न दोष करमां री रेखा.. | Bhajan - 102 | Sundar Marwadi Kaya Bhajan | Bhai Re Mat Dijyo Mawadli Ne Dosh Karma Ri Rekha...

॥करमारी करणी न्यारी न्यारी।। भाई रे मत दीज्यो, मावड़ली न दोष, करमां री रेखा, न्यारी रे न्यारी।।टेर।। भाई रे एक मावड़ली रे बेटा च्यार, च्यारां की करणी न्यारी रे न्यारी। भाई रे पेलोड़ो हीरा को व्योपार, दूजोड़ो कपड़ा बेच रह्यो, भाई रे तीजोड़ो खेतों में किसान, चौथोड़ो भिक्षा मांग रह्यो।। भाईरे मत दीज्यो.... ।। १।।  भाई रे एक गाय रे बछड़ा च्यार, च्यारां की करणी न्यारी रे न्यारी। भाई रे पेलोड़ो सुरज जी को सांड, दूजोड़ो शिव रो नांदिया, भाईरे तीजोड़ो चोपा माँही बैल, चौथोड़ी घाणी पीस रह्यो।। भाईरे मत दीज्यो.... ।। २ ।। भाई रे एक माटी रा कलसा च्यार, च्यारां की करणी न्यारी रे न्यारी। भाई रे पैलोड़ो पूजा रो कलश, दूजोड़ो चवरयाँ मांड रहो, भाई रे तीजोड़ो पणिहारी रे शीश, चौथोड़ो मरघट जाय रह्यो।। भाईरे मत दीज्यो....  ।। ३ ।। भाई रे एक बेलड़ रे फुलड़ा च्यार, च्यारां की करणी न्यारी रे न्यारी। भाई रे पेलोड़ो चढ़े मन्दिर माय, दूजोड़ो गजरा पोवतो, भाई रे तीजोड़ो पंख पखेरू खाय, चौथड़ो मुर्दा ऊपर पड़यो।। भाईरे मत दीज्यो....  ।। ४।।

थारे ढोल तन्दुरा बाजे रे ...रूणिचा के मन्दिर में .. | Bhajan - 101 | Shri Baba Ramdev Bhajan | Thare Dhol Tandura Baaje Re ...

|| श्री रामदेव वन्दना ।। (तर्ज : थारे झाँझ नगाड़ा बाजे रे...) थारे ढोल तन्दुरा, बाजे रे, बाजे रे, रूणिचा के मन्दिर में, रामा पीर बिराजै रे ।। टेर।। भारत राजस्थान में जी, रूणिचा इक चाम, सूरज स्यामी बन्यो देवरो, महिमा अपरम्पार, थारी धोली ध्वजा फहरावे रे -२, रुणिचे के मंदिर... ।। १।। नारेला री गिणती नहीं बाबा, सुवरण छत्र अपार, दूर देश से दर्शन करने, आवे भक्त अपार, थारी साँची ज्योत जगावे रे-२, रुणिचे के मंदिर... ।। २।। भादों सुदी दशमी को मेलो, भीड़ लगे अति भारी, नर नारी थारा दर्शन करने, आवे बारी-बारी, बाबो अटकया काज सँवारे रे-२, रुणिचे के मंदिर...  ।।  ३  ।। अजमल पुत्र मैणादे सुत का, धरो हमेशा ध्यान, लांछा सुगना बाई रा बीरा, करे सदा कल्याण, बाबो पल पल परचा दिखावे रे-२, रुणिचे के मंदिर... ।।  ४  ।।

तू ने हीरो सो जनम गँवायो ... | Bhajan - 100 | Shri Kaya Bhajan - Bhajan Ka Mahatva | Tune Hiro So Janam Gawayo ...

For Audio Click Here :  Tu Ne Heero So Janam Gawayo दोहा रात गँवायो सोय कर, दिवस गँवायो खाय । हीरा जनम अमोल था, कौड़ी बदले जाय ।। तू ने हीरो सो जनम गँवायो,  भजन बिन बावरे ।।टेर।। कदे न तू सतसंगत कीन्ही,  कदे न हरि गुण गायो । पचि - पचि मरियो बैल की नाही,  सोय रहयो उठ खायो ||१|| तू ने हीरो सो जनम गँवायो,  भजन बिन बावरे ।।टेर।। यो संसार हाट बनिये की,  जग सौदा ले आयो । चतुर माल तो दूनो कीन्हो,  मूरख मूल गँवायो ।।२।। तू ने हीरो सो जनम गँवायो,  भजन बिन बावरे ।।टेर।। यो संसार फूल सेमर को,  सूबो देख लुभायो । मारी चोंच निकल गई रूई,  सिर धुनि धुनि पछितायो ||३|| तू ने हीरो सो जनम गँवायो,  भजन बिन बावरे ।।टेर।। यो संसार माया को लोभी,  ममता महल चिनायो । कहत “कबीर' सुनो भई साधो,  हाथ कछु नहीं आयो ।।४।। तू ने हीरो सो जनम गँवायो,  भजन बिन बावरे ।।टेर।।

श्याम तेरे ही भरोसे .... | Bhajan - 99 | Shri Shyam Sundar Bhajan | Shyam Tere Hi Bharose ...

(तर्ज : थोड़ा सा प्यार हुआ है, थोड़ा है बाकी) अंतरा   श्याम तेरे ही भरोसे, मेरा परिवार है - (२) | तू ही मेरी नाव का मांझी sss - (२) , तू ही पतवार है - (२) || श्याम तेरे ही भरोसे, मेरा परिवार है || अस्थाई हो अगर अच्छा माझी, नाव पार हो जाती - (२)  | किसी की बीच भवर मे, फिर न दरकार होती - (२) || अब तो तेरे हवाले sss - (२) ,  मेरा घर बार है || श्याम तेरे ही भरोसे, मेरा परिवार है || मैंने अब छोड़ी चिंता, तेरा जो साथ पाया - (२)  | तुझको जब भी पुकारा अपने ही साथ पाया - (२) || पूरा परिवार ये मेरा sss - (२) , तेरा कर्ज़दार है || श्याम तेरे ही भरोसे, मेरा परिवार है || मुझको अपनों से बढ़कर, सहारा तूने दिया  - (२)  | जिंदगी भर जीने का, गुजारा तूने दिया  - (२) || मुझ पर तो श्याम तेरा  sss - (२),  बड़ा उपकार है   || श्याम तेरे ही भरोसे, मेरा परिवार है ||

मैया लक्ष्मी आजा .... | Bhajan - 98 | Shri Lakshmi Maa Bhajan | Maiya Lakshmi Aaja Bigdi Aaj Bana Ja ...

(तर्ज : लला लला लोरी ) अंतरा मैया  लक्ष्मी   आजा, बिगड़ी  आज  बना  जा , हैं किस्मत  के  मारे , सोये  भाग्य  जगा  जा (२) || अस्थाई  रत्नाकर  से  प्रकट  हुई  माँ , सिन्धुसुधा  कहलाती  हो | चिरसमुंद्र  सैश  नाग  पर,  विष्णु  चरण  दबती  हो || सुर  नर  मुनि  जान  ध्यावें, हो  तुम  भाग्य  विधाता | हैं किस्मत  के  मारे , सोये  भाग्य  जगा  जा || मैया  लक्ष्मी   आजा, बिगड़ी  आज  बना  जा , हैं किस्मत  के  मारे , सोये  भाग्य  जगा  जा (२) || तेरे  आगे  पीछे  मैया, दौड़े  दुनिया  सारी | खुल  जाती  है  किस्मत  उनकी , जिनपे  तू  बलिहारी || हम  भी  तुझे  बुलाएँ, छम छम करती  आजा | हैं किस्मत  के  मारे , सोये  भाग्य  जगा  जा || मैया  लक्ष्मी   आजा, बिगड़ी...

मुक्ति भजन (अंतिम इच्छा) - इतना तो करना स्वामी .....| Bhajan - 97 | Shri Krishna Sanwara Bhajan | Itna To Karna Swami Jab Praan Tan Se Nikle ...

For Audio Click Here :  Itna To Karna Swami Jab Praan दोहा : कागा सब तन खाइयो , चुन चुन खाइयो माँस । दो नैना मत खाइयो , प्रभु मिलन की आस ।।   इतना तो करना स्वामी , जब प्राण तन से निकले। गोविन्द नाम लेकर , फिर प्राण तन से निकले ।।१ ।। श्रीगंगा जी का तट हो , यमुना का बंशी-बट हो । मेरा सांवरा निकट हो , जब प्राण तन से निकले ।।२ ।। श्रीवृन्दावन का स्थल हो , मेरे मुख में तुलसी दल हो । विष्णु-चरण का जल हो ,  जब प्राण तन से निकले  ।।३ ।। सन्मुख सांवरा खड़ा हो , मुरली का स्वर भरा हो । तिरछा चरण धरा हो ,  जब प्राण तन से निकले  ।।४ ।। सिर सोहना मुकुट हो , मुखड़े पै काली लट हो । यही ध्यान मेरे घट हो ,  जब प्राण तन से निकले  ।।५ ।। केसर तिलक हो आला , मुख चन्द्र सा उजाला । डालूँ गले में माला ,  जब प्राण तन से निकले  ।।६।। कानों जड़ाऊँ बाली , लटकी लटें हौ काली । देखू छटा निराली ,  जब प्राण तन से निकले  ।।७।। पीताम्बरी कसी हो , होठों पै कुछ हँसी हो। छवि यह ही मन बसी हो ,  जब प्राण तन से निकले ...

खाटू वाले हमे बुला ले इक बार खाटू धाम ... | Bhajan - 96 | Shri Khatu Shyam Bhajan | Khatu Wale Hume Bula Le Ek Baar Khatu Dham ...

खाटू वाले हमे बुला ले इक बार खाटू धाम, आसरो थारो है | खाटू वाले हमे बुला ले इक बार खाटू धाम, आसरो थारो है || कृष्ण कला अवतारी तू, भगतो का हितकारी तू मात वचन हिय धारी तू, भीम पुत्र बलकारी तू शीश के दानी,महा बलवानी - २ खाटू वाले श्याम, आसरो थारो है | खाटू वाले हमे बुला ले इक बार खाटू धाम, आसरो थारो है || मीरा के घर श्याम गयो, दूध को प्यालो तुरत पियो जहर को अमृत बना दियो, श्याम नाम ले मीरा पियो मीरा हो गयी अमर, नाम ले - २ प्रेम किया निष्काम, आसरो थारो है | खाटू वाले हमे बुला ले इक बार खाटू धाम, आसरो थारो है || नरसी जी की टेर सुनी, टूटी गाड़ी ठीक करी नानी बाई को भात भर्यो, भक्त की इच्छा पूरी करी हरष हरष गुण गावे नरसी – २ लेकर तेरा नाम, आसरो थारो है | खाटू वाले हमे बुला ले इक बार खाटू धाम, आसरो थारो है || लाखो को तुमने तारे, बड़े बड़े कारज सारे मन इच्छा फल वो पाते, जो आवे तेरे द्वारे अटल चीर जी द्वार खड़ा है – २ राख दास की आन, आसरो थारो है | खाटू वाले हमे बुला ले इक बार खाटू धाम, आसरो थारो है ||

जय श्री राधे बल्लव श्याम, ताश मिल खेलो सांवरियां .. | Bhajan - 95 | Shri Radhe Shyam Bhajan | Jai Shri Radhe Ballabh Shyam Taash Mil Khelo Sanwariya ...

जय श्री राधे बल्लव श्याम , ताश मिल खेलो सांवरियां ||   जिसमे बादशाह वनवारी , जिसमे बेगम राधा प्यारी , जिसमे दूलो है गिरधारी , ताश खेलो सांवरियां , जय श्री राधे बल्लव श्याम , ताश मिल खेलो सांवरियां ||   जिसमे दसी दसो दिशाए , जिस में नो की नव दुर्गा है , जिसमे अठी अष्ट कमल है , ताश खेलो सांवरियां , जय श्री राधे बल्लव श्याम ,  ताश मिल खेलो सांवरियां  ||   जिसमे सती सप्तऋषि है , जिसमे छगई छे ऋतुएँ है , जिसमे पंजी पंज तत्व है , ताश खेलो सांवरियां , जय श्री राधे बल्लव श्याम ,  ताश मिल खेलो सांवरियां  ||   जिसमे चौकी चार वेद है , तीगी तीन लोक है , जिसमे दूगी चाँद सूरज है , ताश खेलो सांवरियां , जय श्री राधे बल्लव श्याम ,  ताश मिल खेलो सांवरियां  ||   जिसमे ईका इक संसार , करलो नारायण से प्यार , यही है इस दुनिया का सार , ताश खेलो सांवरियां , जय श्री राधे बल्लव श्याम ,  ताश मिल खेलो सांवरियां  ||

फरियाद मेरी सुनके, भोलेनाथ चले आना ... | Bhajan - 94 | Shri Shiv Bhole Bhajan | Fariyaad Meri Sunke Bholenath Chale Aana ...

( तर्ज: ऐ मेरे दिल नादान..) फरियाद मेरी सुनके , भोलेनाथ चले आना। नित ध्यान धरूँ तेरा , बिगड़ी को बना जाना।।   तुझे अपना समझकर मैं , फरियाद सुनाता हूँ , तेरे दर पर आकर मैं , नित धुनी रमाता हूँ , क्यों भूल गये बाबा , मुझे समझ के बेगाना।। फरियाद मेरी सुनके...... ॥१॥   मेरी नाव भंवर डोले , तुम्ही तो खिवैया हो , जग के रखवाले तुम , तुम्ही तो कन्हैया हो , कर बैल सवारी तुम , भव पार लगा जाना।। फरियाद मेरी सुनके..... .॥२॥   तुम बिन न कोई मेरा , अब नाथ सहारा है , इस जीवन को मैंने , तुझ पर ही वारा है , मर्जी है तेरी बाबा , अच्छा नहीं तड़पाना ।। फरियाद मेरी सुनके..... .॥३॥   नैनों में भरे आंसू , क्यों तरस न खाते हो , क्या दोष हुआ मुझसे , मुझे क्यों ठुकराते हो , अब मेहर करो बाबा , सुनकर मेरा अफसाना।। फरियाद मेरी सुनके..... .।।४।।

अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं ... | Bhajan - 93 | Shri Ram Krishna Madhur Kirtan | Achutam Keshavam Krishn Damodaram ...

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Song Link Click Here : अच्चुतम केशवं कृष्ण दामोदरं , राम नारायणं जानकी बल्लभम || कौन कहता हे भगवान आते नहीं , तुम भक्त मीरा के जैसे, बुलाते नहीं।  अच्चुतम केशवं  ... कौन कहता है भगवान खाते नहीं , बेर शबरी के जैसे, खिलाते नहीं।  अच्चुतम केशवं  ... कौन कहता है भगवान सोते नहीं , माँ यशोदा के जैसे, सुलाते नहीं।  अच्चुतम केशवं  ... कौन कहता है भगवान नाचते नहीं , गोपियों की तरह, तुम नचाते नहीं।  अच्चुतम केशवं  ... नाम जपते चलो, काम करते चलो , हर समय कृष्ण का, ध्यान करते चलो।  अच्चुतम केशवं  ... याद आएगी उनको, कभी ना कभी , कृष्ण दर्शन तो देंगे, कभी ना कभी।  अच्चुतम केशवं  ...

श्री वृन्दावन-धाम अपार रटे जा राधे-राधे ... | Bhajan - 92 | Shri Radhe Rani Madhur Kirtan | Shri Vrindavan Dham Apar Ratte Ja Radhe Radhe ...

श्री वृन्दावन-धाम अपार रटे जा राधे-राधे। भजे जा राधे-राधे! कहे जा राधे-राधे॥१॥ वृन्दावन गलियाँ डोले , श्रीराधे-राधे बोले। वाको जनम सफल हो जाय , रटे जा राधे-राधे ॥२॥ या ब्रज की रज सुन्दर है , देवनको भी दुर्लभ है। मुक्ता रज शीश चढ़ाय ,  रटे जा राधे-राधे ॥३॥ ये वृन्दावन की लीला , नहीं जाने गुरु या चेला। ऋषि-मुनि गये सब हार ,  रटे जा राधे-राधे ॥४॥ वृन्दावन रास रचायो , शिव गोपी रुप बनायो। सब देवन करें विचार ,  रटे जा राधे-राधे ॥५॥ जो राधे-राधे रटतो , दुःख जनम-जनम को कटतो। तेरो बेड़ो होतो पार ,  रटे जा राधे-राधे ॥६॥ जो राधे-राधे गावे , सो प्रेम पदारथ पावे। भव-सागर होवें पर ,  रटे जा राधे-राधे ॥७॥ जो राधा नाम न गयो , सो विरथा जन्म गँवायो। वाको जीवन है धिक्कार ,  रटे जा राधे-राधे ॥८॥ जो राधा-जन्म न होतो , रसराज विचारो रोतो। होतो न कृष्ण अवतार ,  रटे जा राधे-राधे ॥९॥ मंदिर की शोभा न्यारी , यामें राजत राजदुलारी। डयौढ़ी पर ब्रह्मा राजे ,  रटे जा राधे-राधे ॥१०॥ जेहि वेद पुराण बखाने , निगमागम पार न पाने। खड़े वे राधे क...

ज़रा इतना बता दे कान्हा, तेरा रंग काला क्यूँ .....| Bhajan - 91 | Shri Krishna Kanha Bhajan | Jara Itna Bata De Kanha Tera Rang Kala Kyun ...

For Audio Click Here :  Jara Itna Bataa De Kanha ज़रा इतना बता दे कान्हा, तेरा रंग  काला   क्यूँ | तू कला हो कर भी, जग से निराला क्यूँ || मैंने काली रात में जनम लिया, और काली गाय का दूध पिया, गाय का रंग काला, इस लिए काला हूँ || ज़रा इतना बता दे कान्हा... मैंने काले नाग को मार दिया, और काले नाग पे नाच किया, नागों का रंग काला, इसलिए काला हूँ || ज़रा इतना बता दे कान्हा... मुझे सखिया रोज़ बुलाती है, और माखन मिश्री खिलाती हैं, सखियों का मन काला, इसलिए काला हूँ || ज़रा इतना बता दे कान्हा... राधा नैनो में कजरा लगाती है, और पलको पे मुझको बिठाती है, काजल का रंग काला, इसलिए काला हूँ || ज़रा इतना बता दे कान्हा....

सीताराम, सीताराम, सीताराम कहिये .....| Bhajan - 90 | Shri Sita Ram Kirtan | Sitaram Sitaram sitaram Kahiye Jahi Vidhi Raakhe Ram ...

For Audio Click Here :  Sitaram Sitaram Sitaram Kahiye सीताराम , सीताराम , सीताराम कहिये । जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये ।। मुख में हो राम नाम , राम सेवा हाथ में । तू अकेला नाहीं प्यारे , राम तेरे साथ में । विधि का विधान जान , हानि लाभ सहिये । जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये ।।१।। किया अभिमान तो फिर मान नहीं पायेगा। होगा प्यारे वही जो श्री रामजी को भायेगा । फल आशा त्याग शुभ कर्म करते रहिये । जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये  ।।२।। जिन्दगी की डोर सौंप , हाथ दीनानाथ के । महलों में राखे चाहे झोपड़ी में वास दे । धन्यवाद निर्विवाद , राम राम कहिये । जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये  ।।३।। आशा एक रामजी से , दूजी आशा छोड़ दे । नाता एक रामजी से , दूजा नाता तोड़ दे । साधु-संग , राम-रंग , अंग अंग रंगिये । जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये  ।।४।। सीताराम , सीताराम , सीताराम कहिये । जाहि विधि राखे राम ताहि विधि रहिये ।।

रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम ....| Bhajan - 89 | Shri Sita Ram Bhajan | Raghupati Raghav Rajaram ....

रघुपति राघव राजाराम , पतित पावन सीताराम ! सीताराम सीताराम , भज मन प्यारे सीता राम  ॥१॥ भीड़ पड़ी भक्तों ने पुकारा , कष्ट हरो प्रभु आप हमारा । तब दशरथ घर प्रगटे राम , पतित पावन सीताराम  ॥२॥ बालक बन में ताड़का मारी , गौतम नारी अहिल्या तारी । सब ऋषियों के पूरण काम , पतित पावन सीताराम  ॥३॥ जनकपुरी में शिव-धनु तोरी , सीताराम विवाह भयोरी । कैसी सुन्दर जोड़ी राम , पतित पावन सीताराम  ॥४॥ राज तिलक की देख तैयारी , कैकेयी ने तब बात बिगाड़ी। चौदह वर्ष गये वन में राम , पतित पावन सीताराम  ॥५॥ पंचवटी में गये रघुराई , सूर्पनखा की नाक कटाई । खरदूषण को मारे राम , पतित पावन सीताराम  ॥६॥ गिद्ध जटायु स्वर्ग पठायो , मित्र राज सुग्रीव बनायो सीता सुधि लाये हनुमान , पतित पावन सीताराम  ॥७॥ माया मृग मारीच बनायो , योगी बन सीता हर ल्यायो । बन-बन सीता ढूंढे राम , पतित पावन सीताराम  ॥८॥ लंकापति रावण को मारा , राज विभीषण को दे डारा । सीता घर ले आये राम , पतित पावन सीताराम  ॥९॥ मात कौशल्या आरती उतारे , सब मिलकर जय जयकार पुकारे । राज त...

रघुपति राघव राजाराम, पतित पावन सीताराम ...... | Bhajan - 88 | Madhur Kirtan | Raghupati Raghav Raja Ram Patit Paawan Sitaram ...

रघुपति राघव राजाराम , पतित पावन सीताराम  ॥१॥ सीताराम सीताराम , भज प्यारे तू सीताराम  ॥२॥ राम कृष्णा है तेरे नाम , सबको सन्मति दे भगवान ॥३॥ दयालु राजा राम , पतित पावन सीताराम ॥४॥ जय रघुनन्दन जय सियाराम , जानकी बल्लभ सीताराम ॥५ ॥ जय रघुनन्दन जय घनश्याम , रूक्मिणी- बल्लभ राधेश्याम  ॥६ ॥ जय मधुसूदन जय गोपाल , जय मुरलीधर जय नन्दलाल  ॥७ ॥ जय दामोदर कृष्ण मुरार , देवकीनन्दन सर्वाधार  ॥८ ॥ जय गोविन्द जय गोपाल , केशव माधव दीनदयाल  ॥९ ॥ राधाकृष्ण जय कुंजबिहारी , मुरलीधर गोबर्धन धारी ॥१० ॥ दशरथ नन्दन अवधकिशोर , यशुमतिसुत जय माखन चोर ॥११ ॥ कौशल्या के प्यारे राम , यशुमति सुत जय नव घनश्याम ॥१२ ॥ वृन्दावन मथुरा में श्याम , अवधपुरी में सीताराम ॥१३ ॥ जय गिरिजापति जय महादेव , जय जय शम्भो जय महादेव ॥१४ ॥ जय जय दुर्गा , जय माँ तारा , जय गणेश जय शुभ आगारा ॥१५ ॥