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Showing posts from 2020

राधिका गोरी से बिरज की छोरी से | Bhajan 159 | Radhika Gori Se Biraj Ki Chori Se ...

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राधिका गोरी से बिरज की छोरी से, ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ मैया करादे मेरो ब्याह ... उम्र तेरी छोटी है, नज़र तेरी खोटी है, कैसे करादू तेरो ब्याह ... .॥ जो नहीं ब्याह कराये, तेरी गैया नहीं चराऊ आज के बाद मेरी मैया तेरी देहली पर न आऊँ आएगा रे मज़्ज़ा रे मज़्ज़ा अब जीत हार का ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ चन्दन की चौकी पर मैया तुझको बिठाऊँ अपनी राधा से मैं चरण तेरे दबवाऊं भोजन मैं बनवाऊंगा बनवाऊंगा, छप्पन प्रकार के ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ छोटी सी दुल्हनिया जब अंगना में डोलेगी तेरे सामने मैया वो घूँघट न खोलेगी दाऊ से जा कहो जा कहो बैठेंगे द्वार पे ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ सुन बातें कान्हा की मैया बैठी मुस्काएं लेके बलैयां मैया हिवडे से अपने लगाये नज़र कहीं लग जाये न लग जाये न मेरे लाल को ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ राधिका गोरी से बिराज की छोरी से कान्हा कारादू तेरो बियाह ...........

दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से | Bhajan 158 | Dinanath Meri Baat Chaani Koni Tere Se ...

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दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || खाटू वाले श्याम तेरी, शरण में आ गयो श्याम प्रभु रूप तेरो, नैणां में समां गयो बिसरावे मत बाबा, हार मानी तेरे से आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || बालक हूँ मैं तेरो श्याम, मुझको निभायले दुखड़े को मारयो मन, कालजे लगायले पथ दिखलादे बाबा, काढ़ दे अँधेरे से आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || मुरली अधर पे, कदम तल झूमे हैं भक्त खड़ा तेरे, चरणां ने चूमे हैं खाली हाथ बोल कया, जाऊ तेरे-नेरे से आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || खाओ हो थे खीर चूरमो, लीले ऊपर घूमो हो सेवका न बाबा थे, क़द्दे ही कोनी भूलो हो टाबरियाँ की झोली भर, भेजो थारे डेरे से आँखड़ली चुराकर...

म्हारा कीर्तन मे रस बरसाओ, आओ जी गजानन आओ | Bhajan 157 | Mhara Kirtan Me Ras Barsao Aao Ji Gajanan Aao

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म्हारा कीर्तन मे रस बरसाओ, बरसाओ, आओ जी गजानन आओ । ॐ गण गणपतये नमो नमः श्री सिद्धिविनायक नमो नमः अष्टविनायक नमो नमः गणपती बाप्पा मोरया रणत भंवर से आओ जी गजानन, रिद्धि सिद्धि ने संग प्रभु लाओ । आओ जी गजानन आओ... ॐ गण गणपतये नमो नमः श्री सिद्धिविनायक नमो नमः अष्टविनायक नमो नमः गणपती बाप्पा मोरया पार्वती के पुत्र गजानन, भोले शंकर के मन भाओ । आओ जी गजानन आओ... ॐ गण गणपतये नमो नमः श्री सिद्धिविनायक नमो नमः अष्टविनायक नमो नमः गणपती बाप्पा मोरया हम सबके प्रभु गणपति न्यारे, सब हर्ष हर्ष गुण गाओ गुण गाओ । आओ जी गजानन आओ... ॐ गण गणपतये नमो नमः श्री सिद्धिविनायक नमो नमः अष्टविनायक नमो नमः गणपती बाप्पा मोरया

हम नैन बिछाए है, हे गणपति आ जाओ ॥ Bhajan 156 | Hum Nain Bichaye He, He Ganpati Aa Jao

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हम नैन बिछाए है, हे गणपति आ जाओ ॥ गणपति तुम हो बड़े दयालु, किरपा कर दो हे किरपालु, हर सांस बुलाए है, हे गणपति आ जाओ, हम नैन बिछाए, हे गणपति आ जाओ ॥  पाप की गठरी सर पे भारी, हम को है बस आस तुम्हारी, बड़ा मन घबराए है, हे गणपति आ जाओ, हम नैन बिछाए, हे गणपति आ जाओ ॥  जग से हमने तोडा नाता, गणपति तुमसे जोड़ा नाता, तुझे नैना निहारे है, हे गणपति आ जाओ, हम नैन बिछाए, हे गणपति आ जाओ ॥  माथे पर सिंदूर है प्यारा, पीताम्बर है तन पर धारा, सब आस लगाए है, हे गणपति आ जाओ, हम नैन बिछाए, हे गणपति आ जाओ ॥ 

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची | Bhajan 155 | Shri Ganesh Aarti - Sukhkarta Dukhharta Varta Vighnachi

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  ।। श्री गणेशाय नमः ।। सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची |  नुरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची | सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची |  कंठी झरके माल मुक्ताफळाची || १ || जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती |  दर्शनमात्रे मनकामना पुरती || रत्नखचित फरा तूज गौरीकुमरा |  चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा | हिरे जडित मुकुट शोभतो बरा |  रुणझुणती नुपुरे चरणी घागरिया || 2 || लंबोदर पितांबर फनी वरवंदना |  सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना | दास रामाचा वाट पाहे सदना |  संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवंदना | जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती |  दर्शनमात्रे मनकामना पुरती || ३ || ।। श्री गणेशाय नमः ।। Ganapati Aarti: Sukhkarta Dukhharta Sukhkarta Dukhharta Varta Vighnachi || Nurvi Purvi Prem Krupa Jayachi || Sarvangi Sundar Uti Shendurachi || Kanti Jhalke Mal Mukataphalaanchi..|| Jaidev Jaidev Jai Mangal Murti || Darshan Maatre Man: Kaamna Phurti || Ratnakhachit Phara Tujh Gaurikumra || Chandanaachi Uti Kumkumkeshara || Hirejadit Mukut Shobhato Bara || Runjhunati Nupure(2) C...

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको । Bhajan 154 | Shri Ganesh Aarti Sidhi Vinayak

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको । दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको । हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको । महिमा कहे न जाय लागत हूं पादको ॥ जय देव जय देव, जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता, जय देव जय देव ॥ अष्टौ सिद्धि दासी संकटको बैरि । विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी । कोटीसूरजप्रकाश ऐबी छबि तेरी । गंडस्थलमदमस्तक झूले शशिबिहारि ॥ ॥ जय देव जय देव...॥ भावभगत से कोई शरणागत आवे । संतत संपत सबही भरपूर पावे । ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे । गोसावीनंदन निशिदिन गुन गावे ॥ जय देव जय देव, जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता, जय देव जय देव ॥

मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है | Bhajan 153 | Mere Sar Pe Jhunjhunwali Ki Chundi Lehraati He ...

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नज़दीक मेरे आने से -3 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है नज़दीक मेरे आने से -2 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 चाहें लाख़ मुसीबत आये,चाहें छाए गम के बादल2 मुझकों चिंता है कैसी,मेरे सर पे माँ का आचल-2 अपने भक्तों को दुःख में-3 माँ देख ना पाती है-2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 मैं थाम के माँ पल्ला,चलता हूँ पीछे-पीछे-2 मैं तो हूँ किस्मत वाला ,रहता हूँ चुनड़ी के निचे-2 मुझे गोद बिठा के मईया-3 सर पे हाथ फिरती है-2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 हमने तो इतना जाना,जब से है होस सम्भाला-2 एक माँ ने जन्म दिया,और एक माँ ने हमको पाला-2 संकट आने से पहले-3 दादी खुद आ जाती है माँ खुद आ जाती है मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 नज़दीक मेरे आने से -2 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2

हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो | Bhajan 152 | He Maa Mujhko Aisa Ghar Do Jisme Tumhara Mandir Ho ...

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हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ x2 हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो। हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ, x3 जय जय माँ, जय जय माँx3  ॥ इक कमरा जिसमे तुम्हारा, आसन माता सजा रहे, हर पल हर छिन भक्तो का वहां, आना जान लगा रहे। छोटे बड़े का माँ उस घर में, एक सामान ही आदर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ इस घर से कोई भी खाली, कभी सवाली जाए ना, चैन ना पाऊं तब तक दाती, जब तक चैन वो पाए ना। मुझको दो वरदान दया का, तुम तो दया का सागर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ हर एक प्राणी उस घर का माँ, तेरी महिमा गाता रहे, तू रखे जिस हाल मैं दाती, हर पल शुक्र मनाता रहे  । कभी न हिम्मत हारे माता, चाहे शमा भयंकर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो। हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ,...

जब कोई ना हो अपना,बस दादी दादी जपना | Bhajan 151 | Jab Koi Na Ho Apna, Bas Dadi Dadi Japna ...

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Based on above song.. I have modified it to Dadi Song... जब कोई ना हो अपना,बस दादी दादी जपना तू दादी दादी नाम जपना.... विश्वास सदा रखना x4 बस दादी दादी जपना,तू दादी दादी जपना.... झूठे ये रिश्ते,झूठे ये नाते वक़्त पड़े तो तेरे कोई काम नहीं आते कौन यहाँ संगी,कौन यहाँ साथी स्वारथ की ये दुनिया,यहाँ सब हैं मतलबी सब दो दिन का है सपनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना तू किसके लिए यहाँ रोता है क्यूँ गहरी नींद में सोता है क्यूँ भूल गया तू उसके करम किस कारण तेरा हुआ ये जनम तुझे दादी से है मिलनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना क्यूँ तू घबराये,क्यूँ तू भरमाये "सौरभ मधुकर/ भक्त  " दादी शरण में क्यूँ तू ना आये ये अपनाएगी,गले लगाएगी... दिनों का ये नाथ तेरा साथ निभाएगी चरणो में सदा रहनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना विश्वास सदा रखना x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना

गले से लगा लो मुझे मावड़ी | Bhajan 150 | Gale Se Laga Lo Mujhe Mawdi ...

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दादी बताओ यही लिखा है क्या मेरी तकदीर में, मुझे दिखाई दोगे क्या केवल अपनी तस्वीर में, तस्वीर से बहार आओ ना - 2, अपनी इक झलक दिखाओ न, गले से लगा लो मुझे मावड़ी -2 || जब जब भी देखी मैंने दादी तुम्हारी सूरत है, बढ़ ती जाए दिल में मेरे तुम से मिलने की चाहत है , मेरे दिल की प्यास बुझाओ न,  इक बार करीब आ जाओ न गले से लगा लो मुझे मावड़ी || यु तो सपने में मेरा तुमसे मिलना हो जाता है, पर सपना तो सपना है टूटे तो दिल घबराता सपने को सच कर जाओ न, मेरे सिर पे हाथ फिराओ ना, गले से लगा लो मुझे मावड़ी || दादी अपने बेटे को तुम इतना तो अधिकार दो, "सोनू/भक्त" तुम को कुल देवी मुझे दर्शन तुम इक वार दो, बच्चों को यु तरसाओ ना, जरा प्रीत की रीत निभाओ न, गले से लगा लो मुझे मावड़ी ||

दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | Bhajan 149 | Dadi Ki Kirpa Uss Par Thodi Si Khas He ...

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दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है, जिसका मेरी दादी पर अटल विश्वाश है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | सच्ची श्रद्धा निश्च्ता से, जिस ने दादी को धाया, उसने फिर हर कदम पर, माँ को है साथ पाया, हर घडी हर पल दादी, उस के आस पास है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | रहे निष्काम जो भी, सेवा जो करता जाए, जीवन की हर ख़ुशी, वो दादी से पाता जाए, अपनी दादी से जिसकी, बंधी हर आस है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | "सुनील/भक्त" कहना "हमारा", लगन ऐसी लगाना लक्ष्य हो अंत समय में, दादी चरणों में ठिकाना, भरोसा जिनका अटल है, होवे न निराश है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है |

सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | Bhajan 148 | Sagla Ne Raazi Raakhijo O Dadi Mhari Rani Sati ...

 SONG LINK CLICK HERE कितनो बड़ो म्हारो भाग्य है दादी, थे म्हारी कुलदेवी, सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | मोटी थे सेठानी हो और जग में थारो नाम है, बड़ा बड़ा थे कारज सार्या,छोटो सो म्हारो काम है, अर्जी कर्णो फर्ज म्हारो,जोर कुछ चाले नहीं, थारी मर्जी के बिना इक पत्तो भी हाले नहीं, नित उठ थारो ध्यान धरां ए मईया,घनी करां मनुहार, पलक उघाड़ो जी..ओ दादी म्हारी रानी सती… सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | दादी म्हारी जिंदगी और दादी ही म्हारा प्राण है, दादी ही जद रूठगी तो जीने को के काम है, भूल सारी माफ़ कर द्यो,चरणां स्यूं लेवो लगाय, ठोकरां खाई बोहोत,अब आके सही रस्तो दिखा, थारे बिना कईयां जीवस्या ओ दादी,थे ही दिन्या बिसराय, ओल्यू थारी आवे जी..ओ दादी म्हारी रानी सती… सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | थारो ही इक आसरो और थां पर दारमदार है, थारो थोड़ो मुलकनों और म्हारो बेड़ो पार है, थांसु दादी के कवां,थे ही जगत की मात हो, भादो में थारो झुंझुनू आऊं,परिवार मेरे साथ हो, टाबरिया नादान है मईया,सिर पे धरियो हाँथ, बस यो ही वर माँगा जी..ओ दादी म्हारी रानी सती… सगळा नै राजी र...

दादी दादी जपेजा सुबहो शाम भगत सुख पायेगा | Bhajan 147 | Dadi Dadi Japeja Suboho Shaam Bhagat Sukh Payegaa ...

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जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. दादी दादी जपेजा सुबहो शाम, भगत सुख पायेगा दादी दादी जपेजा सुबहो शाम, भगत सुख पायेगा दादी संग में..ss दादी संग में रहेगी आठो आम,  भगत सुख पायेगा दादी संग में रहेगी आठो आम,  भगत सुख पायेगा जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. सारे जग की सेठानी यें.. सारे जग की सेठानी यें, झोली सब की भर्ती सारे जग की सेठानी यें, झोली सब की भर्ती चुनड़ी के पल्ले से दादी सुख की वर्षा करती चुनड़ी के पल्ले से दादी सुख की वर्षा करती तेरे हर लेगी..ss तेरे हर लेगी दुखड़े का मान, भगत सुख पायेगा, दादी दादी जपेजा सुबहो शाम, भगत सुख पायेगा, जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. झूठे सारे जग के नाते.. हाँ.. झूठे सारे जग के नाते सुख में साथ निभाएं हाँ.. झूठे सारे जग के नाते सुख में साथ निभाएं संकट के घड़ियों में लेकिन दादी दौड़ी आये संकट के घड़ियों में लेकिन दादी दौड़ी आये सांचा सांचा है.. सांचा सांचा है दादी जी का नाम भगत सुख पायेगा, दादी दादी जपेजा सुबहो शाम भगत सुख पायेगा, जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. अन...

तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है | मेरी दादी झुंझनुवाली है | Bhajan 146 | Tu Kitni Sundar He, Tu Kitni Pyaari He ...

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[ तर्ज : संदेशे आते है हमे तड़पाते है ] तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है, नहीं कोई तुझ जैसा, तू जग से न्यारी है, तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है । जय जय दादी माँ, जय जय दादी माँ, जय जय दादी माँ, बोलो जय जय दादी माँ ॥ की जब भी भगतों पे मुसीबत आयी है, की सर पे माँ तेरी चुनड़ लहराई है । तेरे आँचल की छइयां में हमें चिंता नहीं कोई , संभालेगी, सम्भाला है, हमें शंका नहीं कोई । तू करती भगतों की सदा रखवाली है, कोई ना तेरे दर से माँ लौटा है खाली है । तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है ।  तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है || मेरी नईया की है ओ मईया मांझी तू, सहारा भगतों का है केवल दादी तू । तेरे बिन "सौरभ मधुकर/भक्तों " का नहीं दूजा ठिकाना माँ, की तेरे चरणों से जुड़ा है ये रिश्ता पुराना माँ । तेरे ही हाथों में ये डोर हमारी है, तुझको ही सौंपा है ये जिम्मेदारी है, तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है ।  तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है ||

मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना । Bhajan 145 | Mujhe Raas Aa Gaya He Tere Dar Pe Sar Jhukana ...

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मुझे रास आ गया है, तेरे दर पे सर झुकाना । तुझे मिल गया पुजारी, मुझे मिल गया ठिकाना ॥ मुझे कौन जानता था, तेरी बंदगी से पहले । तेरी याद ने बना दी, मेरी ज़िन्दगी फ़साना ॥  ||मुझे रास आ गया है|| मुझे इसका गम नहीं है, की बदल गया ज़माना । मेरी ज़िन्दगी के मालिक, कहीं तुम बदल न जाना ॥  ||मुझे रास आ गया है|| यह सर वो सर नहीं है, जिसे रख दूँ फिर उठा लूं । जब चढ़ गया चरण में, आता नहीं उठाना ॥  ||मुझे रास आ गया है|| तेरी सांवरी सी सुरत, मेरे मन में बस गयी है । ऐ सांवरे सलोने, अब और ना सताना ॥  ||मुझे रास आ गया है|| दुनियां की खा के ठोकर, मैं आया तेरे द्वारे । मेरे मुरली वाले मोहन, अब और ना सताना ॥  ||मुझे रास आ गया है|| मेरी आरजु यही है, दम निकले तेरे दर पे । अभी सांस चल रही है, कहीं तुम चले ना जाना ॥  ||मुझे रास आ गया है||

ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है || Bhajan 144 | O Dadi Mhane Kai Koni Jhunjhunu Bulawe Hai..

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  न्यारी दादी प्यारी दादी म्हारी दादी, मैं भी मैया थारी बेटी,  माँ से नजर चुरावे है, ओ दादी म्हाने, काई को नहीं झुंझुनू बुलावे है, मखमल जैया गोदी माहि, माने भी सुलाले, ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है || दादी थारी नगरी माहने, पिहरियो सो लागे x3, ऐसो पीहर, ससरियो भी, रोज ही जानो चाहे x3, जद जद याद करू मैं थाने x2, जोर सु हिचकी आवे है, ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है || सारी सारी रात ओ मैया, नैना मैं झुंझुन घूमे x3 पलको से निंदिया की चिड़ियाँ, हर दम उड़ जावे x3 भूख लगे न प्यास लगे  माँ  x2, हिवड़ो भर भर आवे है, ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है || अडोसी पडोसी सगळा कोसे,  कैसो  है रिश्तो अपनों x3, माँ अपनी बेटी ने खुद से, दूर रखे दिन कितनो x3 आइए न धूड़कार के इब तो x2, दुनिया हासी उड़ावे है   ओ दादी म्हाने काई कोनी झुंझुनू बुलावे है ||

प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी || Bhajan 143 | Pyari Pyari Pyari Dadi Ye Hamari ...

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भोला भला मुखड़ा चाँद सा सोना है, देख के मेहके दिल का कोना कोना है, सो सो बार ये नैना इसे निहारे, फिर भी ये दिल न भरे, ||प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी || मुखड़े पे  है   सूरज की लाली, माथे पे है बिंदिया निराली, आँखे तो यु अमृत की प्याली , हाथो में है मेहँदी की लाली, लाखो में एक है मेरी माँ, ||प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी || तारो जड़ी चुनड़ी है सिर पे , गजरो से ये दरबार मेहके, आई सोलह शृंगार करके बच के रहे माँ बुरी नजर से, वारि वारि जाऊ मैं तुझपे माँ, ||प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी || दिल में तेरी सूरत वसाउ दर्शन तेरा पल पल मैं पाउ, "सोनू/भक्त" हुआ तेरा दीवाना खुशियों का माँ तू है ठिकाना, रहना मेरे पास तू सदा माँ, ||प्यारी प्यारी प्यारी दादी ये हमारी ||

जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले | Bhajan 142 | Jeevan Tere Hawale Kiya Jeevan Tere Hawale ....

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जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले, विश्वाश नहीं है तो कोरे कागज पे लिखवा ले || अपने और पराये को हमने पहचान लिया है, तू ही भरोसे के लायक है दिल से मान लिया, तन मन सौंप दिया तुझको, कोरे कागज पे लिखवा ले जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले || दर दर की अब ठोकर खाना, अब हमने छोड़ दिया है, तोड़ के सारे रिश्ते नाता, तुमसे जोड़ लिया है, रिश्ता कभी न टूटे गा,  कोरे कागज पे लिखवा ले जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले || दास बने तेरे चरणों के, सेवा करे तुम्हारी, दम निकले तेरी चौखट पे, इच्छा यही हमारी, सेवा करते जायेगे, कोरे कागज पे लिखवा ले, जीवन तेरे हवाले किया जीवन तेरे हवाले ||

लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम | Bhajan 141 | Shree Rani Sati Bhajan

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लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम, दादी जी के चरना में तो माहरा चारो धाम, लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम || झुंझनू नगर में दादी जी को मंदिर बड़ो ही भारी, बैठी है दरबार लगा के जगत सेठानी म्हारी, दर्शन करता ही हो जावे भगता रो कल्याण, लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम || नाम जप्या दादी को म्हारे विपदा कभी न आवे, आने से पहले ही म्हारा सब संकट कट जावे, अब तो झुँझन वाली मैया राखे मारो ध्यान, लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम || मैया के दरबार मैं तो जब से बना हु चाकर, चकम गई है किस्मत म्हारी शरण में इनकी आकर, देखके ठाठ बाठ महारा दुनिया है हैरान , लेवा दादी जी रो नाम म्हाने दुनिया से के काम ||

हम दादी वाले हैं,सुनो जी हम दादी वाले हैं | Bhajan 140 | Hum Dadi Wale Hain, Hum Dadi Wale Hain...

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दीवाने हैं दादी के,हम तो मतवाले हैं हम दादी वाले हैं,सुनो जी हम दादी वाले हैं | दादी जी की फ़ौज भगतों रहती हरदम मौज में रखा है झुझनवाली ने हमको अपनी गोद में लाख मुसीबत आये,हम ना डरने वाले हैं क्यूंकि दादी वाले हैं...सुनो जी हम दादी वाले हैं... तूफ़ान आये संकट के चाहे हो गम के आंधी सर पे चुनड़ी डाल के मेरे पास खड़ी है दादी दादी के आँचल के हम तो फूल निराले हैं क्यूंकि दादी वाले हैं...सुनो जी हम दादी वाले हैं... "सौरभ मधुकर/हम भक्तों" की मानो यूं भटको ना दीवानो ये जग की जननी है,महिमा दादी की पहचानो खुल जाते पल भर में यहाँ तकदीर के ताले हैं तभी तो हम दादी वाले हैं...हम दादी वाले हैं... दीवाने हैं दादी के,हम तो मतवाले हैं हम दादी वाले हैं,सुनो जी हम दादी वाले हैं

शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। Bhajan 139 | Sharan Main Aaye He Hum Tumhari ....

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शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। सम्हालो बिगड़ी दशा हमारी, दया करो हे दयालु भगवन। न हम में बल है, न हम में शक्ति। न हम में साधन, न हम में भक्ति। तुम्हारे दर के हैं हम भिखारी, दया करो हे दयालु भगवन। शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। प्रदान कर दो महान शक्ति, भरो हमारे में ज्ञान भक्ति। तभी कहाओगे ताप हारी, दया करो हे दयालु भगवन। शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। जो तुम पिता हो, तो हम हैं बालक। जो तुम हो स्वामी, तो हम हैं सेवक। जो तुम हो ठाकुर, तो हम पुजारी। दया करो हे दयालु भगवन। शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। भले जो हैं हम, तो हैं तुम्हारे। बुरे जो हैं हम, तो हैं तुम्हारे। तुम्हारे हो कर भी हम दुखारी। दया करो हे दयालु भगवन। शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। शरण में आये हैं हम तुम्हारी, दया करो हे दयालु भगवन। सम्हालो बिगड़ी दशा हमारी, दया करो हे दयालु भगवन।

मेरे राम मेरे घर आएंगे, आएंगे प्रभु आएंगे | Bhajan 138 | Mere Ram Mere Ghar Aayenge | Shree Ram Bhilni Bhajan ...

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(तर्ज : दादी दादी बोल दादी सुन लेसी  ... ) मेरे राम मेरे घर आएंगे, आएंगे प्रभु आएंगे | प्रभु के दर्शन की आस है, और भीलनी को विशवास है मेरे राम मेरे घर आएंगे... अंगना रस्ता रोज बुहार रही, खड़ी खड़ी वो राह निहार रही मन में लगन, भीलनी मगन, भीलनी को भारी चाव है, और मन में प्रेम का भाव है मेरे राम मेरे घर आएंगे... ना जानू सेवा पूजा की रीत, क्या सोचेंगे मेरे मन के मीत शर्म आ रही, घबरा रही वो भोली भाली नार है, प्रभु को भोलों से प्यार है मेरे राम मेरे घर आएंगे... चुन चुन लायी खट्टे मीठे बेर, आने में क्यों करते हो प्रभु देर प्रभु आ रहे, मुस्का रहे, प्रभु के चरणो में गिर पड़ी, और असुअन की लागी झड़ी मेरे राम मेरे घर आएंगे... असुअन से धोए प्रभु जी के पैर, चख चख कर के खिला रही थी बेर प्रभु कह रहे, मुस्का रहे इक प्रेम के वष में राम है, और प्रेम का यह परिणाम है मेरे राम मेरे घर आएंगे... प्रभु तेरी खातिर अटक रहे थे प्राण, मुक्ति दे दो मुझको कृपा निधान लेलो शरण, अपनी चरण शबरी से बोले राम हैं, जा खुला तेरे लिए धाम है मेरे राम मेरे घर आएंगे... जो कोई ढूंढे प्रभु को दिन और रात, उसे ढूंढ़ते इक दिन दीना...