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शिव कैलाशों के वासी .. शंकर संकट हरना.. | Bhajan 165 | Shiv Kailasho Ke Wasi ... Shankar Sankat Harna ..

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भोले बाबा ssss शिव कैलाशों के वासी , धौलीधारों के राजाss  ...2 शंकर संकट हरना... शंकर संकट हरना || तेरे कैलाशों का, अंत ना पाया , अंत बेअंत तेरी माया , ओ भोले बाबा ... अंत बेअंत तेरी माया || शिव कैलाशों के वासी ,  धौलीधारों के राजा शंकर संकट हरना ,  शंकर संकट हरना || बेल की पत्तीयां, भांग धतूरा शिवजी के मन को लुभाए ओ भोले बाबा शिवजी के मन को लुभाए || शिव कैलाशों के वासी ,  धौलीधारों के राजा शंकर संकट हरना ,  शंकर संकट हरना || एक था डेरा तेरा ,चं बेरे चगाना दूजा लाई दीतता भर मोरा ओ भोले बाबा दूजा लाई दीतता भर मोरा || शिव कैलाशों के वासी , धौलीधारों के राजा.... शंकर संकट हरना ,  शंकर संकट हरना शिव कैलाशों के वासी ,  धौलीधारों के राजा शंकर संकट हरना ,  शंकर संकट हरना || ओ भोले बाबा.... शंकर संकट हारना || शंकर संकट हारना ||

Bhajan 164 | मंगल भवन, अमंगल हारी ... | Mangal Bhavan Amangal Haari ....

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  मंगल भवन, अमंगल हारी, द्रबहु सु दसरथ, अजिर बिहारी l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll हो, होइहै वही जो, राम रचि राखा, को करे तर्क, बढ़ाए साखा l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll हो, धीरज धरम, मित्र अरु नारी, आपद काल, परखिए चारी l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll हो, जेहिके जेहि पर, सत्य सनेहू, सो तेहि मिलय न, कछु सन्देहू l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll हो, जाकी रही, भावना जैसी, रघु मूरति, देखी तिन तैसी l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll हो, रघुकुल रीत, सदा चली आई, प्राण जाए पर, वचन न जाई l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll हो, हरि अनन्त, हरि कथा अनन्ता, कहहि सुनहि, बहुविधि सब संता l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll मंगल भवन, अमंगल हारी, द्रबहु सु दसरथ, अजिर बिहारी l राम सिया राम, सिया राम जय जय राम ll

Bhajan - 163 | सुनले ओ सांवरिया मुझे तेरा ही सहारा | Sunle O Sanwariya Mujhe Tera Hi Sahara ...

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सुनले ओ सांवरिया मुझे तेरा ही सहारा, तेरा ही सहारा मुझे तेरा ही सहारा || दूर दूर तक ओ सांवरिया, सूजे नही किनारा, एक बार आ जाओ मोहन, मैंने तुम्हे पुकारा, तुम बिन कौन हमारा .. ss .. बाबा तुम बिन कौन हमारा, तेरा ही सहारा मुझे तेरा ही सहारा || नैया हमारी ओ सांवरिया, अब है तेरे भरोसे, खेते खेते हार गया हु, डरता हु लहरों से, गिर गये काले बादल .. sss और छाया है अंधरा, तेरा ही सहारा मुझे तेरा ही सहारा || अंधारी रातो में कान्हा, बिजली कढ़ कढ़ कढ़के, डूब न जाये नैया मेरी, दिल मेरा ये धडके, श्याम को भी तारो .. sss  लाखो को तुमने तारा, तेरा ही सहारा मुझे तेरा ही सहारा || सुनले ओ सांवरिया मुझे तेरा ही सहारा, तेरा ही सहारा मुझे तेरा ही सहारा ||

Bhajan 162 | कभी दुर्गा बन के कभी काली बन के ... | Kabhi Durga Ban ke Kabhi Kaali Ban Ke ...

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कभी दुर्गा बन के कभी काली बन के चली आना मईया जी चली आना  ॥ ब्रह्मचारिणी रूप में आना ॥ भक्ति हाथ ले के, शक्ति साथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ तुम दुर्गा रूप में आना ॥ सिंह साथ ले के, चक्क्र हाथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ तुम काली रूप में आना ॥ खप्पर हाथ ले के, योगिन साथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ तुम शीतला रूप में आना ॥ झाड़ू हाथ ले के, गधा साथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ तुम गौरां रूप में आना ॥ माला हाथ ले के, गणपति साथ ले के  ॥ चली आना मईया जी चली आना  ॥ कभी दुर्गा बन के कभी काली बन के चली आना मईया जी चली आना  ॥

Bhajan 161 | श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है। Shree Radhe Govinda Mann Bhaj le Hari Ka Pyaara Naam He ...

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श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है। गोपाला हरी का प्यारा नाम है, नंदलाला हरी का प्यारा नाम है॥ मोर मुकुट सर गल बन माला, केसर तिलक लगाए, वृन्दावन में कुञ्ज गलिन में सब को नाच नचाए। श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है॥ गिरिधर नागर कहती मीरा, सूर को शयामल भाया, तुकाराम और नामदेव ने, विठ्ठल विठ्ठल गाया। श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है॥ नरसी ने खडताल बजा के, सांवरिया को रिझाया, शबरी ने अपने हाथों से, प्रभु को बेर खिलाया। श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है॥ राधा शक्ति बिना ना, कोई श्यामल दर्शन पाए, आराधन कर राधे राधे, काहना भागे आए। श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है॥ सिमरन का रस जिसको आया, वो ही जाने मन में, निराकार साकार होतरे, भगतों के आँगन में। श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है॥ श्याम सलोना कुंजबिहारी, नटवर लीलाधारी, अन्तर्वासी हरिअविनाशी, लागे शरण तिहारी। श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है॥ श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है। गोपाला हरी का प्यारा नाम है, नंदलाला हरी का प्या...

Bhajan - 160 | राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई .. | Ram Naam Sukh Daayi..

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राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥ ये तन है जंगल की लकड़ी, ये तन है जंगल की लकड़ी आग लगे जल जाए, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥ ये तन है कागज की पूडिया, ये तन है कागज की पुडिया हवा चले उड़ जाई, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥ ये तन है माटी का ढेला, ये तन है माटी का ढेला बूँद पड़े गल जाई, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥ ये तन है फूलो का बगीचा, ये तन है फूलो का बगीचा धूप पड़े मुरझाई, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥ ये तन है कच्ची है हवेली, ये तन है कच्ची है हवेली पल मे टूट जाई, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥ ये तन है सपनो की माया, ये तन है सपनो की माया आँख खुले कुछ नाही, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥ राम नाम सुखदाई, भजन करो भाई ये जीवन दो दिन का ॥ राम नाम सुखदाई...॥

राधिका गोरी से बिरज की छोरी से | Bhajan 159 | Radhika Gori Se Biraj Ki Chori Se ...

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राधिका गोरी से बिरज की छोरी से, ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ मैया करादे मेरो ब्याह ... उम्र तेरी छोटी है, नज़र तेरी खोटी है, कैसे करादू तेरो ब्याह ... .॥ जो नहीं ब्याह कराये, तेरी गैया नहीं चराऊ आज के बाद मेरी मैया तेरी देहली पर न आऊँ आएगा रे मज़्ज़ा रे मज़्ज़ा अब जीत हार का ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ चन्दन की चौकी पर मैया तुझको बिठाऊँ अपनी राधा से मैं चरण तेरे दबवाऊं भोजन मैं बनवाऊंगा बनवाऊंगा, छप्पन प्रकार के ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ छोटी सी दुल्हनिया जब अंगना में डोलेगी तेरे सामने मैया वो घूँघट न खोलेगी दाऊ से जा कहो जा कहो बैठेंगे द्वार पे ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ सुन बातें कान्हा की मैया बैठी मुस्काएं लेके बलैयां मैया हिवडे से अपने लगाये नज़र कहीं लग जाये न लग जाये न मेरे लाल को ॥ राधिका गोरी से बिरज की छोरी से...॥ राधिका गोरी से बिराज की छोरी से कान्हा कारादू तेरो बियाह ...........

दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से | Bhajan 158 | Dinanath Meri Baat Chaani Koni Tere Se ...

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दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || खाटू वाले श्याम तेरी, शरण में आ गयो श्याम प्रभु रूप तेरो, नैणां में समां गयो बिसरावे मत बाबा, हार मानी तेरे से आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || बालक हूँ मैं तेरो श्याम, मुझको निभायले दुखड़े को मारयो मन, कालजे लगायले पथ दिखलादे बाबा, काढ़ दे अँधेरे से आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || मुरली अधर पे, कदम तल झूमे हैं भक्त खड़ा तेरे, चरणां ने चूमे हैं खाली हाथ बोल कया, जाऊ तेरे-नेरे से आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || दीनानाथ मेरी बात, छानी कोणी तेरे से, आँखड़ली चुराकर बाबा, जासी कठे मेरे से || खाओ हो थे खीर चूरमो, लीले ऊपर घूमो हो सेवका न बाबा थे, क़द्दे ही कोनी भूलो हो टाबरियाँ की झोली भर, भेजो थारे डेरे से आँखड़ली चुराकर...

म्हारा कीर्तन मे रस बरसाओ, आओ जी गजानन आओ | Bhajan 157 | Mhara Kirtan Me Ras Barsao Aao Ji Gajanan Aao

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म्हारा कीर्तन मे रस बरसाओ, बरसाओ, आओ जी गजानन आओ । ॐ गण गणपतये नमो नमः श्री सिद्धिविनायक नमो नमः अष्टविनायक नमो नमः गणपती बाप्पा मोरया रणत भंवर से आओ जी गजानन, रिद्धि सिद्धि ने संग प्रभु लाओ । आओ जी गजानन आओ... ॐ गण गणपतये नमो नमः श्री सिद्धिविनायक नमो नमः अष्टविनायक नमो नमः गणपती बाप्पा मोरया पार्वती के पुत्र गजानन, भोले शंकर के मन भाओ । आओ जी गजानन आओ... ॐ गण गणपतये नमो नमः श्री सिद्धिविनायक नमो नमः अष्टविनायक नमो नमः गणपती बाप्पा मोरया हम सबके प्रभु गणपति न्यारे, सब हर्ष हर्ष गुण गाओ गुण गाओ । आओ जी गजानन आओ... ॐ गण गणपतये नमो नमः श्री सिद्धिविनायक नमो नमः अष्टविनायक नमो नमः गणपती बाप्पा मोरया

हम नैन बिछाए है, हे गणपति आ जाओ ॥ Bhajan 156 | Hum Nain Bichaye He, He Ganpati Aa Jao

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हम नैन बिछाए है, हे गणपति आ जाओ ॥ गणपति तुम हो बड़े दयालु, किरपा कर दो हे किरपालु, हर सांस बुलाए है, हे गणपति आ जाओ, हम नैन बिछाए, हे गणपति आ जाओ ॥  पाप की गठरी सर पे भारी, हम को है बस आस तुम्हारी, बड़ा मन घबराए है, हे गणपति आ जाओ, हम नैन बिछाए, हे गणपति आ जाओ ॥  जग से हमने तोडा नाता, गणपति तुमसे जोड़ा नाता, तुझे नैना निहारे है, हे गणपति आ जाओ, हम नैन बिछाए, हे गणपति आ जाओ ॥  माथे पर सिंदूर है प्यारा, पीताम्बर है तन पर धारा, सब आस लगाए है, हे गणपति आ जाओ, हम नैन बिछाए, हे गणपति आ जाओ ॥ 

सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची | Bhajan 155 | Shri Ganesh Aarti - Sukhkarta Dukhharta Varta Vighnachi

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  ।। श्री गणेशाय नमः ।। सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची |  नुरवी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची | सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची |  कंठी झरके माल मुक्ताफळाची || १ || जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती |  दर्शनमात्रे मनकामना पुरती || रत्नखचित फरा तूज गौरीकुमरा |  चंदनाची उटी कुंकुमकेशरा | हिरे जडित मुकुट शोभतो बरा |  रुणझुणती नुपुरे चरणी घागरिया || 2 || लंबोदर पितांबर फनी वरवंदना |  सरळ सोंड वक्रतुंड त्रिनयना | दास रामाचा वाट पाहे सदना |  संकटी पावावे निर्वाणी रक्षावे सुरवंदना | जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती |  दर्शनमात्रे मनकामना पुरती || ३ || ।। श्री गणेशाय नमः ।। Ganapati Aarti: Sukhkarta Dukhharta Sukhkarta Dukhharta Varta Vighnachi || Nurvi Purvi Prem Krupa Jayachi || Sarvangi Sundar Uti Shendurachi || Kanti Jhalke Mal Mukataphalaanchi..|| Jaidev Jaidev Jai Mangal Murti || Darshan Maatre Man: Kaamna Phurti || Ratnakhachit Phara Tujh Gaurikumra || Chandanaachi Uti Kumkumkeshara || Hirejadit Mukut Shobhato Bara || Runjhunati Nupure(2) C...

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको । Bhajan 154 | Shri Ganesh Aarti Sidhi Vinayak

शेंदुर लाल चढ़ायो अच्छा गजमुखको । दोंदिल लाल बिराजे सुत गौरिहरको । हाथ लिए गुडलद्दु सांई सुरवरको । महिमा कहे न जाय लागत हूं पादको ॥ जय देव जय देव, जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता, जय देव जय देव ॥ अष्टौ सिद्धि दासी संकटको बैरि । विघ्नविनाशन मंगल मूरत अधिकारी । कोटीसूरजप्रकाश ऐबी छबि तेरी । गंडस्थलमदमस्तक झूले शशिबिहारि ॥ ॥ जय देव जय देव...॥ भावभगत से कोई शरणागत आवे । संतत संपत सबही भरपूर पावे । ऐसे तुम महाराज मोको अति भावे । गोसावीनंदन निशिदिन गुन गावे ॥ जय देव जय देव, जय जय श्री गणराज विद्या सुखदाता धन्य तुम्हारा दर्शन मेरा मन रमता, जय देव जय देव ॥

मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है | Bhajan 153 | Mere Sar Pe Jhunjhunwali Ki Chundi Lehraati He ...

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नज़दीक मेरे आने से -3 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है नज़दीक मेरे आने से -2 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 चाहें लाख़ मुसीबत आये,चाहें छाए गम के बादल2 मुझकों चिंता है कैसी,मेरे सर पे माँ का आचल-2 अपने भक्तों को दुःख में-3 माँ देख ना पाती है-2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 मैं थाम के माँ पल्ला,चलता हूँ पीछे-पीछे-2 मैं तो हूँ किस्मत वाला ,रहता हूँ चुनड़ी के निचे-2 मुझे गोद बिठा के मईया-3 सर पे हाथ फिरती है-2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 हमने तो इतना जाना,जब से है होस सम्भाला-2 एक माँ ने जन्म दिया,और एक माँ ने हमको पाला-2 संकट आने से पहले-3 दादी खुद आ जाती है माँ खुद आ जाती है मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2 नज़दीक मेरे आने से -2 आफ़त घबराती है -2 मेरे सर पे झुंझुन वाली की चुनड़ी लहराती है-2

हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो | Bhajan 152 | He Maa Mujhko Aisa Ghar Do Jisme Tumhara Mandir Ho ...

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हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ x2 हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो। हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ, x3 जय जय माँ, जय जय माँx3  ॥ इक कमरा जिसमे तुम्हारा, आसन माता सजा रहे, हर पल हर छिन भक्तो का वहां, आना जान लगा रहे। छोटे बड़े का माँ उस घर में, एक सामान ही आदर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ इस घर से कोई भी खाली, कभी सवाली जाए ना, चैन ना पाऊं तब तक दाती, जब तक चैन वो पाए ना। मुझको दो वरदान दया का, तुम तो दया का सागर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ हर एक प्राणी उस घर का माँ, तेरी महिमा गाता रहे, तू रखे जिस हाल मैं दाती, हर पल शुक्र मनाता रहे  । कभी न हिम्मत हारे माता, चाहे शमा भयंकर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो॥ ॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे...॥ हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो। हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ,...

जब कोई ना हो अपना,बस दादी दादी जपना | Bhajan 151 | Jab Koi Na Ho Apna, Bas Dadi Dadi Japna ...

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Based on above song.. I have modified it to Dadi Song... जब कोई ना हो अपना,बस दादी दादी जपना तू दादी दादी नाम जपना.... विश्वास सदा रखना x4 बस दादी दादी जपना,तू दादी दादी जपना.... झूठे ये रिश्ते,झूठे ये नाते वक़्त पड़े तो तेरे कोई काम नहीं आते कौन यहाँ संगी,कौन यहाँ साथी स्वारथ की ये दुनिया,यहाँ सब हैं मतलबी सब दो दिन का है सपनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना तू किसके लिए यहाँ रोता है क्यूँ गहरी नींद में सोता है क्यूँ भूल गया तू उसके करम किस कारण तेरा हुआ ये जनम तुझे दादी से है मिलनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना क्यूँ तू घबराये,क्यूँ तू भरमाये "सौरभ मधुकर/ भक्त  " दादी शरण में क्यूँ तू ना आये ये अपनाएगी,गले लगाएगी... दिनों का ये नाथ तेरा साथ निभाएगी चरणो में सदा रहनाss x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना विश्वास सदा रखना x4 तो बस दादी दादी जपना...बस दादी दादी जपना

गले से लगा लो मुझे मावड़ी | Bhajan 150 | Gale Se Laga Lo Mujhe Mawdi ...

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दादी बताओ यही लिखा है क्या मेरी तकदीर में, मुझे दिखाई दोगे क्या केवल अपनी तस्वीर में, तस्वीर से बहार आओ ना - 2, अपनी इक झलक दिखाओ न, गले से लगा लो मुझे मावड़ी -2 || जब जब भी देखी मैंने दादी तुम्हारी सूरत है, बढ़ ती जाए दिल में मेरे तुम से मिलने की चाहत है , मेरे दिल की प्यास बुझाओ न,  इक बार करीब आ जाओ न गले से लगा लो मुझे मावड़ी || यु तो सपने में मेरा तुमसे मिलना हो जाता है, पर सपना तो सपना है टूटे तो दिल घबराता सपने को सच कर जाओ न, मेरे सिर पे हाथ फिराओ ना, गले से लगा लो मुझे मावड़ी || दादी अपने बेटे को तुम इतना तो अधिकार दो, "सोनू/भक्त" तुम को कुल देवी मुझे दर्शन तुम इक वार दो, बच्चों को यु तरसाओ ना, जरा प्रीत की रीत निभाओ न, गले से लगा लो मुझे मावड़ी ||

दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | Bhajan 149 | Dadi Ki Kirpa Uss Par Thodi Si Khas He ...

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दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है, जिसका मेरी दादी पर अटल विश्वाश है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | सच्ची श्रद्धा निश्च्ता से, जिस ने दादी को धाया, उसने फिर हर कदम पर, माँ को है साथ पाया, हर घडी हर पल दादी, उस के आस पास है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | रहे निष्काम जो भी, सेवा जो करता जाए, जीवन की हर ख़ुशी, वो दादी से पाता जाए, अपनी दादी से जिसकी, बंधी हर आस है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है | "सुनील/भक्त" कहना "हमारा", लगन ऐसी लगाना लक्ष्य हो अंत समय में, दादी चरणों में ठिकाना, भरोसा जिनका अटल है, होवे न निराश है, दादी की किरपा उस पर थोड़ी सी ख़ास है |

सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | Bhajan 148 | Sagla Ne Raazi Raakhijo O Dadi Mhari Rani Sati ...

 SONG LINK CLICK HERE कितनो बड़ो म्हारो भाग्य है दादी, थे म्हारी कुलदेवी, सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | मोटी थे सेठानी हो और जग में थारो नाम है, बड़ा बड़ा थे कारज सार्या,छोटो सो म्हारो काम है, अर्जी कर्णो फर्ज म्हारो,जोर कुछ चाले नहीं, थारी मर्जी के बिना इक पत्तो भी हाले नहीं, नित उठ थारो ध्यान धरां ए मईया,घनी करां मनुहार, पलक उघाड़ो जी..ओ दादी म्हारी रानी सती… सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | दादी म्हारी जिंदगी और दादी ही म्हारा प्राण है, दादी ही जद रूठगी तो जीने को के काम है, भूल सारी माफ़ कर द्यो,चरणां स्यूं लेवो लगाय, ठोकरां खाई बोहोत,अब आके सही रस्तो दिखा, थारे बिना कईयां जीवस्या ओ दादी,थे ही दिन्या बिसराय, ओल्यू थारी आवे जी..ओ दादी म्हारी रानी सती… सगळा नै राजी राखिजो,ओ दादी म्हारी रानी सती | थारो ही इक आसरो और थां पर दारमदार है, थारो थोड़ो मुलकनों और म्हारो बेड़ो पार है, थांसु दादी के कवां,थे ही जगत की मात हो, भादो में थारो झुंझुनू आऊं,परिवार मेरे साथ हो, टाबरिया नादान है मईया,सिर पे धरियो हाँथ, बस यो ही वर माँगा जी..ओ दादी म्हारी रानी सती… सगळा नै राजी र...

दादी दादी जपेजा सुबहो शाम भगत सुख पायेगा | Bhajan 147 | Dadi Dadi Japeja Suboho Shaam Bhagat Sukh Payegaa ...

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जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. दादी दादी जपेजा सुबहो शाम, भगत सुख पायेगा दादी दादी जपेजा सुबहो शाम, भगत सुख पायेगा दादी संग में..ss दादी संग में रहेगी आठो आम,  भगत सुख पायेगा दादी संग में रहेगी आठो आम,  भगत सुख पायेगा जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. सारे जग की सेठानी यें.. सारे जग की सेठानी यें, झोली सब की भर्ती सारे जग की सेठानी यें, झोली सब की भर्ती चुनड़ी के पल्ले से दादी सुख की वर्षा करती चुनड़ी के पल्ले से दादी सुख की वर्षा करती तेरे हर लेगी..ss तेरे हर लेगी दुखड़े का मान, भगत सुख पायेगा, दादी दादी जपेजा सुबहो शाम, भगत सुख पायेगा, जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. झूठे सारे जग के नाते.. हाँ.. झूठे सारे जग के नाते सुख में साथ निभाएं हाँ.. झूठे सारे जग के नाते सुख में साथ निभाएं संकट के घड़ियों में लेकिन दादी दौड़ी आये संकट के घड़ियों में लेकिन दादी दौड़ी आये सांचा सांचा है.. सांचा सांचा है दादी जी का नाम भगत सुख पायेगा, दादी दादी जपेजा सुबहो शाम भगत सुख पायेगा, जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. जय दादी की.. अन...

तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है | मेरी दादी झुंझनुवाली है | Bhajan 146 | Tu Kitni Sundar He, Tu Kitni Pyaari He ...

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[ तर्ज : संदेशे आते है हमे तड़पाते है ] तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है, नहीं कोई तुझ जैसा, तू जग से न्यारी है, तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है । जय जय दादी माँ, जय जय दादी माँ, जय जय दादी माँ, बोलो जय जय दादी माँ ॥ की जब भी भगतों पे मुसीबत आयी है, की सर पे माँ तेरी चुनड़ लहराई है । तेरे आँचल की छइयां में हमें चिंता नहीं कोई , संभालेगी, सम्भाला है, हमें शंका नहीं कोई । तू करती भगतों की सदा रखवाली है, कोई ना तेरे दर से माँ लौटा है खाली है । तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है ।  तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है || मेरी नईया की है ओ मईया मांझी तू, सहारा भगतों का है केवल दादी तू । तेरे बिन "सौरभ मधुकर/भक्तों " का नहीं दूजा ठिकाना माँ, की तेरे चरणों से जुड़ा है ये रिश्ता पुराना माँ । तेरे ही हाथों में ये डोर हमारी है, तुझको ही सौंपा है ये जिम्मेदारी है, तू ममतामयी मईया, तू करुणावाली है, तू भोली-भाली है, मेरी दादी झुंझनुवाली है ।  तू कितनी सुन्दर है, तू कितनी प्यारी है ||