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म्हारे सर पे है बाबा जी रो हाँथ....| Bhajan - 87 | Shri Khatu Shyam Bhajan | Mhare Sir Pe Hai Baba Ji Ro Hath ...

म्हारे सर पे है बाबा जी रो हाँथ ,  खाटू वाले रो साथ,  कोई तोह म्हारे, काई करासी  - २ || जो कोई म्हारे श्याम धनि ने, सांचे मन से ध्यावे , काल कपाल भी, सांवरिये के भगत से घबरावे , जे कोई पकड्यो है, बाबा जी रो हाँथ, कोई तोह बांको काई करासी , म्हारे सर पे है बाबा जी रो हाँथ..... जो आपके विस्वास करे, वो खुटी तान के सोवे , बैठे प्रवेश करे न कोई, बाल न बांका होवे , जानके मन में, नहीं है विस्वास, बांको तोह बाबा काई करासी , म्हारे सर पे है बाबा जी रो हाँथ..... कलियुग को यो देव बड़ो, दुनिया में नाम कमायो , जब जब भीड़ पड़ी भगत पर, डारयो डारयो आयो , यो तोह घाट घाट की जाने, सारी बात, कोई तोह म्हारो काई करासी , म्हारे सर पे है बाबा जी रो हाँथ.....

सरवरिया के तीर खड़ी या, नानी नीर बहावे है ...| Bhajan - 86 | Shri Krishna Nani Bai Bhajan | Sarvariya Ke Teer Khadi Ya Naani Neer Bahave Hai ..

सरवरिया के तीर खड़ी या, नानी नीर बहावे है । माँ का जाया बीर बिना कुण, भात भरण ने आवे है ।। एक दिन म्हारो भोळो बाबुल, अरबपति कहलायो थो । अन धन रा भण्डार घणेरा ओर छोर नहीं पायो थो । ऊँचा ऊँचा महल मालिया, नगर सेठ कहलायो थो । अणगिणती का नोकर चाकर, याद म्हने सब आवे है ।  सरवरिया के तीर खड़ी या ...... लाड़ प्यार में पळी लाड़ली, बड़ा घरां जद ब्याही थी । दान दायजो हाथी घोड़ा, दास दासियाँ ल्यायी थी । सोना चाँदी हीरा मोती, गाड़ा भर भर ल्यायी थी । बीती बाताँ याद करूँ जद, हिवड़ो भर आवे है  ।  सरवरिया के तीर खड़ी या ...... तेरे भरोसे सेठ साँवरा, भोळो बाबुल आयो ह । गोपीचंदन और तूमड़ा, साधाँ ने संग ल्यायो ह । घर घर मांगत फिरे सूरिया, म्हारो मान घटायो ह । देवरियो म्हने ताना मारे, नणदल जीव जलारे ह ।।  सरवरिया के तीर खड़ी या ...... और सगां ने मेल मालिया, टूटी टपरी नरसी ने । और सगां न शाल दुशाला, फटी गूदड़ी नरसी ने । और सगां ने माल मलीदा, रूखी सूखी नरसी ने । डूब मरूँ पर घर नहीं जाऊँ, बाबुल म्हने लजावे ह ।।  सरवरिया के तीर खड़ी या ......

देवी दुर्गा उमा, विश्व जननी रमा ...| Bhajan - 85 | Shri Devi Durga Maa Bhajan | Devi Durge Uma Viswa Janani Rama Mat Tara ...

For Audio Click Here :  Devi Durge Uma Viswa Janani Rama देवी दुर्गा उमा , विश्व जननी रमा , मात तारा , एक जगदम्बा तेरा सहारा ! (२) तू ही वैष्णवी मोह माया , तूने सारे जग को बनाया। चरण कमलों में माँ , रहता मस्तक नवा , यह हमारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! शैलजा स्कन्द माता भवानी , पार्वती भद्रकाली मृडाणी। सर्व बुद्धि प्रदे , अष्ट सिद्धि वर दे , त्रिपुरारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! पुण्यवानों के घर सम्पदा तू , पापियों के   भवन आपदा तू। कुल की लज्जा तू ही , साधु श्रद्धा तू ही , गुण अपारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! जिनके मुंडन की गले मालिका हैं , सृञ्जति सञ्जति तालिका हैं। रूप विकराली का , चण्डिका कालिका रुद्रतारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! मन वचन दोनों ने हार खाई , तेरा माया नहीं पार पाई। क्या करें निर्वचन , वेद नेति कथन , करके हारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! हैं हज़ारों ही अपराध मेरा , हूँ अधम पातकी तो भी तेरा। दुष्ट होवे यदा , तो भी माँ को सदा , पुत्र प्यारा।। एक जगदम्बा तेरा सहारा ! तेरी ज्योति से उदज्योति दिवाकर , तव प्रभा से सुशोभित सुधाकर। ...

कीर्तन को है रात .... | Bhajan - 84 | Shri Krishna Sanwariya Bhajan | Kirtan Ki Hai Raat Baba Aaj Thane Aano Hai ...

For Audio Click Here :  Kirtan Ki Hai Raat Baba ( तर्ज- एक तेरा साथ ) कीर्तन को है रात , बाबा आज था न आणो है। थान कोल निभाणो है …   दरबार सांवरिया , ऐसा सज्यो प्यारो , दयालु आपको , सेवा में सांवरिया , सगला खड़या हो क , हुकुम बस आपको सेवा में थारी-२ , म्हान आज बिछ जाणो है। थान कोल निभाणो है...   कीर्तन की है त्यारी , कीर्तन करों जमकर , प्रभु क्यूँ देर करो वादो थारो दाता , कीर्तन में प्राण को , धणी क्यूँ देर करो भजनां सु थान-२ , म्हा न आज रिझाणो है । थान कोल निभाणो है...   जो कुछ बण्यो म्हांसु , अर्पण प्रभु सारो , प्रभु स्वीकार करों नादान सू गल्ती , होती ही आई है , प्रभु मत ध्यान धरो “ नन्दु" सांवरिया-२ , थारी दास पुराणो है थान कोल निभाणो है...

गोविन्द जय जय, गोपाल जय जय ...| Bhajan - 83 | Jay kara Kirtan | Govind Jai Jai Gopal Jai Jai ...

गोविन्द जय जय , गोपाल जय जय। श्री राणी सती जी , बड़भागिन की जय जय। माता की जय जय , जननी की जय जय। श्री राणी सती   जी ,  बड़भागिन की जय जय। ब्रह्मा जी की जय जय , विष्णु जी की जय जय।  गोविन्द गोपाल , श्री राधाजी की जय जय।। श्याम जी की जय जय , कृष्ण जी की जय जय।  गोविन्द गोपाल , श्री राधाजी की जय जय।। शंकर जी की जय जय , पार्वती की जय जय।  गणपत गणेश , श्री बालाजी की जय जय।। सीताजी की जय जय , रामजी की जय जय।  दशरथ कमार , चारों भईयों की जय जय।। दुर्गा जी की जय जय , काली जी की जय जय । गोविन्द गोपाल , श्री राधाजी की जय जय।। लक्ष्मी जी की जय जय , पार्वती की जय जय।  गोविन्द गोपाल , श्री राधाजी की जय जय।।। गंगा जी की जय जय , यमना जी की जय जय।  सरस्वती त्रिवेणी की जय जय।। राम धुन लागी रे , गोपाल धुन लागी। लागी रे मोहे दादी धुन लागी-२।।

बम बम करके द्वार पे तेरे ... | Bhajan - 81 | Shri Shiv Bhole Bhajan | Bam Bam Karke Dwar Pe Tere ...

For Audio Click Here :   Bam Bam Karke Dwar Pe Tere बम  बम  करके  द्वार पे  तेरे  आ  बैठे -२  हमें  कुछ  न  मिला  सरकार , खाली  मिला  तेरा  दरवार, इसी  पे  आ  बैठे  ....  बम   बम   करके   द्वार   ...... ||   सारे  जग  मैं  बजता  है , डंका  तेरे  नाम का, कितने  पापी  तर  गए , जो  आये  तेरे  धाम पे, सच्चे  मन से  पूजे , जो  मेरे  भोले  नाथ  को , शीश  को  झुकादे , फैला  दे  दोनों  हाथ  को तेरा गुण गाये संसार ,   मुझे भी दे दे कुछ  सरकार , इसी  पे  आ  बैठे  ....  बम    बम    करके    द्वार    ...... || छोड़ेंगे  न  चौखट , की  हम  तेरे  दीवाने , होकर  ही  दम  लेंगे  की , हम भी  है  पुराने हम ...

म्हाने यादड़ली सतावै रे ....| Bhajan - 80 | Shri Khatu Shyam Bhajan | Mhane Yaadadli Satave Re ..

( तर्ज- ढोला ढोल मजीरा बाजै रे... ) अस्थाई म्हाने यादड़ली सतावै रे । कठे रहवे म्हारो श्याम धणी , म्हाने पतो बतावे रे ।। टेर ॥   अन्तरा याद करू जब हिचकी आवै , अन्न पाणी ना भावै । नैन झरे म्हारो हियो उमडै , ना कोई पतो बतावै । म्हे तो काला काग उड़ावाँ रे,  कठे रहवे म्हारो.. ॥१॥   थारी याद म्हाने ऐसी आवै , रातू नींद न आवै । थारै दर्शन किया बिना , म्हारो जीव घणो दुःख पावै । म्हे तो आँसूड़ा ढलकावां रे,  कठे रहवे म्हारो ..  ॥ २ ॥   ऐसा कोई उपाय बतावो , श्याम धणी न पाऊँ । मन में म्हारे धीर नहीं , कि तेरे द्वारे आऊँ । म्हाने बाबा का दरश करा तो रे,  कठे रहवे म्हारो ..  ॥३॥   ' भक्त-मण्डल ' करे विनती , थाने आणो पड़सी । ' नटराज ' दास है थारो , घणी हाजरी भरसी । थारा भक्त सभी हरषावै रे,  कठे रहवे म्हारो .. ॥ ४ ॥

मैं तो हूँ भिखारी बाबा, तेरे द्वार का ...| Bhajan - 79 | Shri Khatu Shyam Bhajan | Main To Hun Bhikari Baba Tere Dwar Ka ...

( तर्ज- अच्छा सिल्ला दिया तुने ) मैं तो हूँ भिखारी बाबा , तेरे द्वार का । टूटा हुआ फूल हूँ मैं , तेरे हार का ॥   बड़ी आश लेके दाता , पास तेरे आया हूँ। हाल क्या सुनाऊँ , सारे जग का सताया हूँ। भूखा हूँ मैं खाटू वाले , तेरे प्यार का ॥  टूटा हुआ फूल... ॥   दानी कोई तेरे जैसा, और नहीं दूजा है । इसी लिए घर घर में, होती तेरी पूजा है। दुःख हरते हो , सभी लाचार का ॥  टूटा हुआ फूल...  ॥   तुम्ही हो किनारा और, तुम्हीं मंझधार हो । नैया मेरी डूबे नहीं , तुम्हीं पतवार हो । टूटे न उम्मीद , मेरे एतवार का ॥  टूटा हुआ फूल...  ॥   आते हैं सवाली जो भी , माला-माल कर देते हो। किसी को भी खाली नहीं, दर से टाल देते हो। मुझको भी दे दो , मेरे अधिकार का ॥  टूटा हुआ फूल...  ॥

चालो ऐ सखियाँ चालो ...| Bhajan - 78 | Shri Shiv Bhole Bhajan | Chalo Ae Sakhiyan Chalo ...

( तर्ज- मारवाड़ी तोरन ) अस्थाई चालो ऐ सखियाँ चालो , हिमाचल के द्वारे राज । गोरां बाई को बीन्द निरखस्याँ , गोरो है या कालो राज ॥  चालो .. शिव भोले न सोहैं ये तो ,  गोराँ बाई न मोहे राज ॥  ऐसा कामण म्हारै , शिव भोले न सोहैं राज  ॥   चालो ..   बाघम्बर का वस्त्र पहरे , अंग विभूति रमावै राज । मस्तक पर तो चन्द्रमा सोहे , जटा में गंग विराजे राज ॥ काना में थारे कुण्डल सोहे , गल सर्पो की माला राज । नन्दी की असवारी सोहे , त्रिशुल हाथ में धाऱ्या राज ।। चालो ऐ सखियाँ... ॥१॥   भाँत-भाँत का आया बराती , कोई लूला कोई लंगड़ा राज । भूत प्रेत न सागै ल्याया , शिव को रूप अनोखो राज ॥ भाँग धतूरा करै कलेवो , बिजिया खूब चढ़ावै राज । शिव भोले का आया बराती , पापड़ पातल खाबै राज ॥ चालो ऐ सखियाँ... ॥२॥   शिव भोले को रूप देखकर , सखियाँ पाछी भागी राज। सखियाँ यूँ कहवैन लागी , बीन्द घणों ही भुण्डो राज ॥ गौरा बाई तो चाँद सरीसी , बीन्द कठे से आग्यो राज। हाँस हाँस कर सारी सखियाँ , गौरा बाई न चिड़ावै राज । चालो ऐ सखियाँ...  ॥३॥

बिगड़ी मेरी बना दो भोलेनाथ जी ...| Bhajan - 77 | Shri Shiv Bhole Bhajan | Bigdi Meri Bana Do Bhole Nath Ji ...

For Audio Click Here :  Bigdi Meri Bana Do Bhole Nath Ji ( तर्ज : तूने ने मुझे बुलाया..) बिगड़ी मेरी बना दो भोलेनाथ जी , आया तेरे दर पे भोलेनाथ जी भोलेनाथ जी , ताड़कनाथ जी , हो विश्वनाथ जी ||   अन्तरा चरण पड़ा हूँ लाज तो रखना ,  अवगुण मेरे चित्त न धरना , हाथ दया का सिर पर रखना-२ कदम-कदम पर देना, मेरा साथजी ।। आया तेरे दर पे...   द्वार दया का जब तू खोले , पंचम स्वर में गूंगा बोले , अंधा देखे लंगड़ा चलकर-२ अजब तुम्हारी माया, भोलेनाथ जी  ।।   आया तेरे दर   पे...   तुझ से नाता जोड़ लिया है , झूठा बंधन तोड़ लिया है , जग से मुखड़ा मोड़ लिया है -२ दर पे शीश झुकाया, भोलेनाथ जी  ।।   आया तेरे दर   पे...   दर से खाली मोड़ न देना , मुझसे मुखड़ा मोड़ न लेना , झोली खाली तुम भर देना-२ तुम हो बाबा त्रिलोकी, के नाथ जी  ।।   आया तेरे दर   पे...

चली कॉवड़ियों की टोली ...| Bhajan - 76 | Shri Shiv Bhole Bhajan | Chali Kanwadiyon Ki Toli ...

For Audio Click Here :  Chali Kawadiyo Ki Toli ( तर्ज : देखो मटकी पे मटकी.... ) चली कॉवड़ियों की टोली , खाके भंगिया की गोली , कांधे गंगाजल की कावड़ उठाई रे , बोली हर हर बम की लगाई रे , लगाई बोली हर-हर... ॥   भोली जी के धाम चले, सभी संग संग में रंग गये सब कोई, भक्ति के रंग में कोई नाचे कोई गाये , ताली मिल के बजाये देखो जब ये सावन ऋतु आई रे , बोली हर हर..... ॥१॥   पहने कोई पीला वस्त्र , कोई लाल लाल है। दाढी मूंछे मुँह पे बढी, रुखे सूखे बाल है। बने भोले के दीवाने , चले बाबा को मनाने देखो सुधबुध जब बिसराई रे , बोली हर हर...... ।२।   आंधी आये पानी आये , चाहे तपे धाम है। अपने मगन चले, भोलेजी के धाम है। जंगल होवे या पहाड़ी , पाँवधरे ना पिछाड़ी चले बच्चे बूढ़े लोग लुगाई रे , बोली हर हर.... ।३।

काली की नगरिया में, भोले की दुअरिया ... | Bhajan - 75 | Shri Shiv Bhole Bhajan | Kaali Ki Nagariya Main Bhole Ki Duariya ...

( तर्ज : कौन दिशा में लेके..) काली की नगरिया में , भोले की दुअरिया , बैठे तारा माँ के साथ , मेरे बाबा भूतनाथ जरा जय करलो , जय करलो... ।। टेर।।   गंगा तट पर भूतनाथ का , भक्तों पावन धाम है , शमशानों का वासी है ये , सारे जग में नाम है , दुनियाँ आकर शीश झुकाये-२ , दर पे सुबहो शाम है , दूध चढ़ाये रे , चढ़ाये कोई भंगिया , बैठे तारा माँ के साथ... ।।१।   जलते मुर्दे की भस्मी से , आरती इनकी होत है , ज्योतिर्लिंगों के सम पावन , भूतेश्वर की ज्योत है , काला टीका हर माथे पर-२ , सोहे बनके भभूत है , भर के चढ़ाये कोई जल की गगरिया ,  बैठे तारा माँ के साथ... .।।२।।   सोमवार के दिन की भक्तों , महिमा बड़ी महान है , आने वाले हर सेवक को , मिलता दया का दान है , 'हर्ष' दिवाना भोले तेरा-२ , रोज करे गुणगान है , नाम पे तेरे नांचू बीच बजरिया ,  बैठे तारा माँ के साथ...  ।।३।।

मेरे बांके बिहारी लाल...| Bhajan - 74 | Shri Banke Bihari Krishna Bhajan | Mere Banke Bihari Lal ...

For Audio Click Here :  Mere Banke Bihari Lal मेरे बांके बिहारी लाल ,  तू इतना न करियो श्रृंगार नजर तोहे लग जायेगी - २ ।।  कान्हा ...  नजर तोहे लग .... तेरी मुरलिया पे, मन मेरा अटका , प्यारा लागे तेरा पीला पटका तेरी टेढ़ी-मेड़ी चाल ,  तू इतना ना करियो श्रृंगार , नजर तोहे लग जायेगी-२ ।। तेरी सुरतिया पे, मन मेरा अटका , प्यारा लगे तेरा नीला पटका , तेरे घुघर वाले बाल ,  तू इतना ना करियो श्रृंगार , नजर तोहे लग जायेगी-२ ।। तेरी कमरिया पे, मन मेरा अटका प्यारा लागे तेरा काला पटका , तेरे गल वैजयन्ती माल ,  तू इतना ना करियो श्रृंगार , नजर तोहे लग जायेगी-२ ।। तेरी पायलिया पे, मन मेरा अटका मीरा को लग गया तेरा चसका तेरे चरणों में जाऊँ बलिहार ,  तू इतना ना करियो श्रृंगार , नजर तोहे लग जायेगी-२ ।।

चुनड़ तो ओढ़ म्हारी दादी ....| Bhajan - 73 | Shri Rani Sati Dadi Maa Bhajan | Chunad To Odh Mhari Dadi ...

चुनड़ तो ओढ़ म्हारी दादी , सिंहासन बैठी जी । कोई , देवा भोत सहराई दादी म्हारी जी , सिंहासन बैठी जी । ।   हीरा पन्ना(मोती-मूंगा) सू जड़यो , थारो सिंहासन जी कोई ऊपर छतर हजार , दादी म्हारी जी। सिंहासन...   अंग कसूमल थारे , कब्जो तो सोवे जी , कोई गले में हीरा को हार , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   हाथां म दादी थारे मेहन्दी रची है जी , कोई बाजुबन्द की महिमा अपार , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   काना में कुण्डल थारे , हृद के विराज जी , कोई हाथा में लाल चूड़ो सोहे , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   चुनड़ का अल्ला-पल्ला , भोत लुभावे जी , कोई मांय तारी को सोहे जाल , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   हाथां म चूड़ो थारे , बायां में बाजुबन्द जी , कोई माथे पे लाल टीको सोहे , दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   मन में ले आशा दादी, कीर्तन में आया जी , कोई भक्ता री आश पुरावो ,  दादी म्हारी जी।।  सिंहासन...   भक्ता,री अर्जी दादी, मर्जी है थारी जी , कोई थारे बिना कुण सुणशी , म्हार...