म्हारे सर पे है बाबा जी रो हाँथ....| Bhajan - 87 | Shri Khatu Shyam Bhajan | Mhare Sir Pe Hai Baba Ji Ro Hath ...
म्हारे सर पे है बाबा जी रो हाँथ , खाटू वाले रो साथ, कोई तोह म्हारे, काई करासी - २ || जो कोई म्हारे श्याम धनि ने, सांचे मन से ध्यावे , काल कपाल भी, सांवरिये के भगत से घबरावे , जे कोई पकड्यो है, बाबा जी रो हाँथ, कोई तोह बांको काई करासी , म्हारे सर पे है बाबा जी रो हाँथ..... जो आपके विस्वास करे, वो खुटी तान के सोवे , बैठे प्रवेश करे न कोई, बाल न बांका होवे , जानके मन में, नहीं है विस्वास, बांको तोह बाबा काई करासी , म्हारे सर पे है बाबा जी रो हाँथ..... कलियुग को यो देव बड़ो, दुनिया में नाम कमायो , जब जब भीड़ पड़ी भगत पर, डारयो डारयो आयो , यो तोह घाट घाट की जाने, सारी बात, कोई तोह म्हारो काई करासी , म्हारे सर पे है बाबा जी रो हाँथ.....