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बोलो राम, जय जय राम, बोलो राम | Bhajan 136 | Bolo Ram Jai Jai Ram Bolo Ram...

Song Link Click Here   बोलो राम, जय जय राम, बोलो राम जन्म सफल होगा बन्दे, मन में राम बसा ले, भोले राम, आजा राम, भोले राम, हे राम नाम के मोती को, सांसो की माला बना ले, मन में राम बसा ले, राम पतित पवन करुनाकर, और सदा सुख दाता, भोले राम, आजा राम, भोले राम, सरस सुहावन अति मनभावन, राम से प्रीत लगा ले, मन में राम बसा ले, भोले राम, आजा राम, भोले राम, मोह माया है झूटा बन्धन, त्याग उसे तू प्राणी, राम नाम की ज्योत जला कर, अपना भाग जगा ले, मन में राम बसा ले, राम भजन में डूब के अपनी, निर्मल कर ले काया, राम नाम से प्रीत लगा के, जीवन पार लगा ले, मन में राम बसा ले, बोलो राम, जय जय राम, बोलो राम जन्म सफल होगा बन्दे, मन में राम बसा ले, भोले राम, आजा राम, भोले राम,

हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता। Bhajan 137 | Hamare Saath Shree Raghunath To Kis Baat Ki Chinta ...

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हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता। शरण में रख दिया जब माथ तो किस बात की चिंता। किया करते हो तुम दिन रात, क्यों बिन बात की चिंता किया करते हो तुम दिन रात, क्यों बिन बात की चिंता। तेरे स्वामी, तेरे स्वामी, तेरे स्वामी, तेरे स्वामी को रहती है, तेरे हर बात की चिंता। ॥ हमारे साथ श्री रघुनाथ तो...॥ न खाने की, न पीने की, न मरने की, न जीने की। न खाने की, न पीने की, न मरने की, न जीने की। रहे हर स्वास, रहे हर स्वास, रहे हर स्वास रहे हर स्वास में भगवान के प्रिय नाम की चिंता। ॥ हमारे साथ श्री रघुनाथ तो...॥ विभीषण को अभय वर दे किया लंकेश पल भर में। विभीषण को अभय वर दे किया लंकेश पल भर में। उन्ही का हाँ, उन्ही का हाँ, उन्ही का हाँ उन्ही का हाँ कर रहे गुण गान तो किस बात की चिंता। ॥ हमारे साथ श्री रघुनाथ तो...॥ हुई भक्त पर किरपा, बनाया दास प्रभु अपना। हुई भक्त पर किरपा, बनाया दास प्रभु अपना। उन्ही के हाथ, उन्ही के हाथ, उन्ही के हाथ, उन्ही के हाथ में अब हाथ तो किस बात की चिंता। ॥ हमारे साथ श्री रघुनाथ तो...॥

राम नाम लड्डू, गोपाल नाम घी । हरि नाम मिश्री, तू घोल-घोल पी ॥ Bhajan 135 | Ram Naam Laddu, Gopal Naam Ghee ...

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जय सीता राम की। जय राधे श्याम की ॥ राम नाम लड्डू, गोपाल नाम घी । हरि नाम मिश्री, तू घोल-घोल पी ॥... x3 हरे रामा, हरे रामा, रामा-रामा हरे-हरे । हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे-हरे ॥ राम तेरे मन में तो, श्याम जी घर में । काटते हैं भक्तों के, संकट क्षण में ॥... x2 ध्यान से सुनो, यह बात बड़ी काम की । हरि नाम मिश्री, तो घोल घोल पी ॥ ॥ राम नाम लड्डू...॥ हरे रामा, हरे रामा, रामा-रामा हरे-हरे । हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे-हरे ॥ राम राम राम  राम ,रटो श्याम श्याम रे । आयेगा अंत समय, बस यही काम रे ॥... x2 जय बोलो राम जी की,जय बोलो श्याम जी की । हरि नाम मिश्री तो घोल घोल पी ॥ ॥ राम नाम लड्डू...॥ हरे रामा, हरे रामा, रामा-रामा हरे-हरे । हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे-हरे ॥ मर्यादा पुरुषोत्तम, हैं श्री राम जी । प्रेम के सागर है, प्यारे घनश्याम जी ॥ ... x2 माला जपो सुबह शाम, इनकी नाम की । हरि नाम मिश्री तो घोल घोल पी ॥ ॥ राम नाम लड्डू...॥ हरे रामा, हरे रामा, रामा-रामा हरे-हरे । हरे कृष्णा, हरे कृष्णा, कृष्णा-कृष्णा हरे-हरे ॥

भजमन राम चरण सुखदाई, भजमन राम चरण सुखदाई॥ Bhajan 134 | Bhajman Ram Charan Sukhdai ...

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भजमन राम चरण सुखदाई, भजमन राम चरण सुखदाई॥ जिहि चरनन से निकसी सुरसरि, संकर जटा समाई। जटासंकरी नाम परयो है, त्रिभुवन तारन आई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ जिन चरननकी चरनपादुका, भरत रह्यो लव लाई। सोइ चरन केवट धोइ लीने, तब हरि नाव चलाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ सोइ चरन संत जन सेवत, सदा रहत सुखदाई। सोइ चरन गौतमऋषि-नारी परसि परमपद पाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ दंडकबन प्रभु पावन कीन्हो, ऋषियन त्रास मिटाई। सोई प्रभु त्रिलोकके स्वामी कनक मृगा सँग धाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ कपि सुग्रीव बंधु भय-ब्याकुल, तिन जय छत्र फिराई। रिपु को अनुज बिभीषन निसिचर परसत लंका पाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ सिव सनकादिक अरु ब्रह्मादिक, सेष सहस मुख गाई। तुलसीदास मारुत-सुतकी प्रभु निज मुख करत बड़ाई॥ ॥ भजमन राम चरण सुखदाई...॥ भजमन राम चरण सुखदाई, भजमन राम चरण सुखदाई॥

आ जाओ भोले बाबा मेरे मकान मे | Bhajan 133 | Aa Jao Bhole Baba Mere Makan Main | Shiv Bhole Bhajan ...

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आ जाओ भोले बाबा मेरे मकान मे, तेरा डम डम डमरू बोले सारे जहान में॥ सुन डमरू की आवाज, गणपति जी आ गये, रिद्धि सिद्धि को लेकर के मेरे मकान मे, तेरा डम डम डमरू बोले सारे जहान मे ॥ आ जाओ ॥ सुन डमरू की आवाज, कान्हा जी आ गए, राधा माँ को लेकर के, मेरे मकान मे, तेरा डम डम डमरू बोले सारे जहान मे ॥ आ जाओ ॥ सुन डमरू की आवाज,विष्णु जी आ गए, लक्ष्मी माँ को लेकर के मेरे मकान मे, तेरा डम डम डमरू बोले सारे जहान मे ॥ आ जाओ ॥ सुन डमरू की आवाज, ब्रम्हा जी आ गए, माँ सरस्वती को लेकर, मेरे मकान मे, तेरा डम डम डमरू बोले सारे जहान मे ॥ आ जाओ ॥ सुन डमरू की आवाज, श्री राम आ गए, सीता माँ को लेकर के, मेरे मकान मे, तेरा डम डम डमरू बोले सारे जहान मे ॥ आ जाओ ॥

ढँक लै यशोदा नजर लग जाएगी, कान्हा को तेरे नजर लग जाएगी। Bhajan 132 | Dhank Le Yashoda Najar Lag Jayegi ...| Janmastami Bhajan

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ढँक लै यशोदा नजर लग जाएगी कान्हा को तेरे नजर लग जाएगी। तेरे लला के घूँघर वाले बाल हैं, मोर मुकुट को नजर लग जाएगी। ॥ ढँक लै यशोदा...॥ तेरे लला के बड़े बड़े नैन हैं, काजर की रेख, नजर लग जाएगी। ॥ ढँक लै यशोदा...॥ तेरे लला के छोटे छोटे हाथ हैं, बाँस की बन्सी, नजर लग जाएगी। ॥ ढँक लै यशोदा...॥ तेरे लला के छोटे छोटे पाँव हैं, रुनझुन पैंजनिया, नजर लग जाएगी। ॥ ढँक लै यशोदा...॥ ढँक लै यशोदा नजर लग जाएगी कान्हा को तेरे नजर लग जाएगी ।

लगन तुमसे लगा बैठे, जो होगा देखा जाएगा। Bhajan 129 | Lagan Tumse Lagaa Baithe ... | Shree Krishna Shyam Bhajan ...

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लगन तुमसे लगा बैठे, जो होगा देखा जाएगा। तुम्हें अपने बना बैठे, जो होगा देखा जाएगा॥ कभी दुनिया से डरते थे, के छुप छुप याद करते थे। लो अब परदा उठा बैठे, जो होगा देखा जाएगा॥ ॥ लगन तुमसे लगा बैठे...॥ कभी यह ख्याल था दुनिया, हमें बदनाम कर देगी। शर्म अब बेच खा बैठे, जो होगा देखा जाएगा॥ ॥ लगन तुमसे लगा बैठे...॥ दीवाने बन गए तेरे, तो फिर दुनिया से क्या मतलब। तेरी चरणों में आ बैठे, जो होगा देखा जाएगा॥ ॥ लगन तुमसे लगा बैठे...॥ लगन तुमसे लगा बैठे, जो होगा देखा जाएगा। तुम्हें अपने बना बैठे, जो होगा देखा जाएगा॥

मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान् तुम्हारे चरणों में। Bhajan 128 | Milta Hai Sacha Sukh Kewal Bhagwan Tere Charnon Mei...

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मिलता है सच्चा सुख केवल भगवान् तुम्हारे चरणों में। यह विनती है पल पल छिन  छिन , रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥ चाहे बैरी सब संसार बने, चाहे जीवन मुझ पर भार बने। चाहे मौत गले का हार बने, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥ ॥ मिलता है सच्चा सुख केवल...॥ चाहे अग्नि में मुझे जलना हो, चाहे काटों पे मुझे चलना हो। चाहे छोडके देश निकलना हो, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥ ॥ मिलता है सच्चा सुख केवल...॥ चाहे संकट ने मुझे घेरा हो, चाहे चारों ओर अँधेरा हो। पर मन नहीं डग मग मेरा हो, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥ ॥ मिलता है सच्चा सुख केवल...॥ जिव्हा पर तेरा नाम रहे, तेरा ध्यान सुबह और शाम रहे। तेरी याद तो आठों याम रहे, रहे ध्यान तुम्हारे चरणों में॥ ॥ मिलता है सच्चा सुख केवल...॥

दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार | Bhajan 127 | Duniya Se Main Haraa to Aaya Tere Dwaar ...

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(तर्ज : सावन का महीना ...) दुनिया से मैं हारा तो आया तेरे द्वार, यहाँ पे भी जो हारा, कहाँ जाऊंगा सरकार॥ सुख में कभी ना तेरी, याद है आई, दुःख में सांवरिया तुमसे, प्रीत लगाई, सारा दोष है मेरा, में करता हूँ स्वीकार, यहाँ पे भी जो हारा, कहाँ जाऊंगा सरकार॥ मेरा तो क्या है में तो, पहले से हारा, तुमसे ही पूछेगा ये, संसार सारा, डूब गई क्यों नैया, तेरे रहते खेवनहार, यहाँ पे भी जो हारा, कहाँ जाऊंगा सरकार॥ सब कुछ गवाया बस, लाज बची है, तुझपे कन्हैया मेरी, आस टिकी है, सुना है तुम सुनते हो, हम जेसो की पुकार, यहाँ पे भी जो हारा, कहाँ जाऊंगा सरकार॥ जिनको सुनाया सोनू (भक्त), अपना फ़साना, सबने बताया मुझे, तेरा ठिकाना, सब कुछ छोड़ के आखिर, आया तेरे दरबार, यहाँ पे भी जो हारा, कहाँ जाऊंगा सरकार ॥

कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे, लताओं में बृज की गुजारा करेंगे। Bhajan 126 | Kanhaiya Kanhaiya Pukara Karenge ... | Shree Krisha Kanhaiya Bhajan

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कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे, लताओं में बृज की गुजारा करेंगे। कहीं तो मिलेंगे वो बांके बिहारी, कहीं तो मिलेंगे वो बांके बिहारी, उन्ही के चरण चित लगाया करेंगे कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे, लताओं में बृज की गुजारा करेंगे। बना करके हृदय में हम प्रेम मंदिर वहीँ उनको झूला झुलाया करेंगे ॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥ उन्हें हम बिठाएंगे आँखों में दिल में उन्ही से सदा लौ लगाया करेंगे ॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥ जो रूठेंगे हमसे वो बांके बिहारी चरण को पकड़ हम मनाया करेंगे ॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥ उन्हें प्रेम डोर से हम बाँध लेंगे तो फिर वो कहा भाग जाया करेंगे ॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥ उन्होंने छुडाये थे गज के वो बंधन वही मेरे संकट मिटाया करेंगे ॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥ उन्होंने नचाया था ब्रह्माण्ड सारा मगर अब उन्हें हम नचाया करेंगे ॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥ भजेंगे जहा प्रेम से नन्द नंदन कन्हैया छवि को दिखाया करेंगे ॥ कन्हैया कन्हैया पुकारा करेंगे...॥

मैं तो आई वृन्दावन धाम किशोरी तेरे चरनन में। Bhajan 125 | Main To Aayi Vrindavan Dham, Kishori Tere Charnan Main ... | Shree Radhe Bhajan ...

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मैं तो आई वृन्दावन धाम, किशोरी तेरे चरनन में। किशोरी तेरे चरनन में, श्री राधे तेरे चरनन में॥ ब्रिज वृन्दावन की महारानी, मुक्ति भी यहाँ भारती पानी। तेरे चन पड़े चारो धाम, किशोरी तेरे चरनन में॥ करो कृपा की कोर श्री राधे, दीन जजन की ओर श्री राधे। मेरी विनती है आठो याम, किशोरी तेरे चरनन में॥ बांके ठाकुर की ठकुरानी, वृन्दावन जिन की रजधानी। तेरे चरण दबवात श्याम, किशोरी तेरे चरनन में॥ मुझे बनो लो अपनी दासी, चाहत नित ही महल खवासी। मुझे और ना जग से काम, किशोरी तेरे चरण में ॥ श्री राधे श्री राधे, राधे राधे श्री राधे। श्री राधे श्री राधे, राधे राधे श्री राधे।

ऐसी सुबह ना आए, आए ना ऐसी शाम। Bhajan 131 | Aisi Subah Na Aaye, Aaye Na Aisi Shaam... Shiv Bhole Bhajan

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शिव है शक्ति, शिव है भक्ति, शिव है मुक्ति धाम। शिव है ब्रह्मा, शिव है विष्णु, शिव है मेरा राम॥ ऐसी सुबह ना आए, आए ना ऐसी शाम। जिस दिन जुबा पे मेरी, आए ना शिव का नाम॥ ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय॥ मन मंदिर में वास है तेरा, तेरी छवि बसाई। प्यासी आत्मा बनके जोगन, तेरी शरण में आई। तेरी ही शरण में पाया, मैंने यह विश्राम ॥ ऐसी सुबह ना आए॥ ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय॥ तेरी खोज में ना जेने, कितने युग मेरे बीते। अंत में काम क्रोध मद हारे, हे भोले तुम जीते। मुक्त किया तूने प्रभु मुझको, शत शत है प्रणाम ॥ ऐसी सुबह ना आए॥ ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय॥ सर्व कला संम्पन तुम्ही हो, हे मेरे परमेश्वर। दर्शन देकर धन्य करो अब, हे त्रिनेत्र महेश्वर। भाव सागर से तर जाउंगी, लेकर तेरा नाम ॥ ऐसी सुबह ना आए॥ ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय॥

धन जोबन और काया नगर की, कोई मत करो रे मरोर || Bhajan 130 | Dhan Joban Aur Kaya Nagar Ki....

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धन जोबन और काया नगर की,  कोई मत करो रे मरोर॥ क्यूँ चले से आंगा पांगा, चिता बिच तने धर देंगे नंगा, एक अग्नि का लेके पतंगा, तेरे फिर जाएंगे चारो ओर, ॥ धन जोबन और काया...॥ सिराणे खड़ी तेरी माई रोवे, भुजा पकड़ तेरा भाई रोवे, पायाँ खड़ी रे तेरी ब्याहि रे रोवे, जिसने ल्याया बाँध के मोल, ॥ धन जोबन और काया...॥ पांच साथ तेरे चलेंगे साथ में, गोसा पुला लेके हाथ में, इक पिंजरी का ले बांस हाथ में , तेरे देंगे सर में फोड़, ॥ धन जोबन और काया...॥ शंकर दास ब्राम्हण गावे, सब गुणियों को शीश झुकावे, अपणा गाम जो खोली बतावे, वो तो गया रे मुलाजा तोड़, धन जोबन और काया नगर की, कोई मत करो रे मरोर॥

श्यामा तेरे चरणों की, राधे तेरे चरणों की, गर धूल जो मिल जाए । Bhajan 124 | Shyama Tere Charno Ki Gar Dhul Jo Mil Jaye ....

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श्यामा तेरे चरणों की, राधे तेरे चरणों की, गर धूल जो मिल जाए । सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए ॥ श्यामा तेरे चरणों की, राधे तेरे चरणों की सुनता हूँ तेरी रहमत, दिन रात बरसती है । एक बूँद जो मिल जाए, दिल की कली खिल जाए ॥ श्यामा तेरे चरणों की, राधे तेरे चरणों की यह मन बड़ा चंचल है, कैसे तेरा भजन करूँ । जितना इसे समझाऊं, उतना ही मचल जाए ॥ श्यामा तेरे चरणों की, राधे तेरे चरणों की नजरों से गिराना ना, चाहे जितनी सजा देना । नजरों से जो गिर जाए, मुश्किल ही संभल पाए ॥ श्यामा तेरे चरणों की, राधे तेरे चरणों की श्यामा इस जीवन की बस एक तमन्ना है । तुम सामने हो मेरे और प्राण निकल जाए ॥ श्यामा तेरे चरणों की, राधे तेरे चरणों की, गर धूल जो मिल जाए । सच कहता हूँ मेरी तकदीर बदल जाए ॥

बड़ी देर भई, बड़ी देर भई, कब लोगे खबर मोरे राम | Bhajan 123 | Badi Der Bhai Kab Loge Khabar More Ram ....

बड़ी देर भई, बड़ी देर भई, कब लोगे खबर मोरे राम, बड़ी देर भई, कहते हैं तुम हो दया के सागर, फिर क्यूँ खाली मेरी गागर, झूमें झुके कभी ना बरसे, कैसे हो तुम घनश्याम , हे राम, हे राम बड़ी देर भई, बड़ी देर भई, ॥ कब लोगे खबर...॥ सुनके जो बहरे बन जाओगे , आप ही छलिया कह लाओगे, मेरी बात बने ना बने , हो जाओगे तुम बदनाम, हे राम, हे राम बड़ी देर भई, बड़ी देर भई, ॥ कब लोगे खबर...॥ चलते-चलते मेरे पग हारे, आई जीवन की शाम , कब लोगे खबर मोरे राम, हे राम, हे राम बड़ी देर भई, बड़ी देर भई, कब लोगे खबर मोरे राम, बड़ी देर भई,

ऐसे मेरे मन में विराजिये ... | Bhajan 122 | Shree Sita Ram Bhajan | Aise Mere Mann Main Biraajiye ...

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ऐसे मेरे मन में विराजिये ऐसे मेरे मन में विराजिये कि मै भूल जाऊं काम धाम गाऊं बस तेरा नाम भूल जाऊं काम धाम गाऊं बस तेरा नाम सीता राम सीता राम, सीता राम सीता राम सीता राम सीता राम, सीता राम सीता राम ॥ ऐसे मेरे मन में विराजिये...॥ तू चंदा हम है चकोर, दर्शन को मचाते है शोर। तेरी कृपा की नजर, अब हो जाये अपनी भी ओर। करुणा करिये मत लाजिए, कि मै भूल जाऊं काम धाम गाऊं बस तेरा नाम भूल जाऊं काम धाम गाऊं बस तेरा नाम सीता राम सीता राम, सीता राम सीता राम सीता राम सीता राम, सीता राम सीता राम ऐसे मेरे मन मैं विराजिये, ऐसे मेरे मन मैं.. प्रीती का सच्चा सुरूर, जिन्हें तुमने दिया है हुज़ूर। भक्ति की गहराईयाँ पा लेंगे वो प्रेमी जरूर। चरण कमल चित साजिए कि मै भूल जाऊं काम धाम गाऊं बस तेरा नाम भूल जाऊं काम धाम गाऊं बस तेरा नाम सीता राम सीता राम, सीता राम सीता राम सीता राम सीता राम, सीता राम सीता राम ऐसे मेरे मन मैं विराजिये, ऐसे मेरे मन मैं.. जीने का एक फल यही, जिसने जाना है ज्ञानी वही। प्रीतम हृदय में बसे बात संतो ने इतनी कही। सिया संग प्यारी छवि छाजिये। कि मै भूल जाऊं काम धाम गाऊं बस तेरा नाम भूल जाऊं काम...

अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता, ...| Bhajan 121 | Agar Shyam Sundar Ka Sahara Na Hota ...

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अगर श्याम सुन्दर का सहारा ना होता, तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता । मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम । जबसे मिली है दया हमको इनकी, तो राहें बदल दी मेरी जिन्दगी की । नजारे करम का इशारा ना होता, तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ॥ ॥ अगर श्याम सुन्दर का...॥ मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम । इन्ही के सहारे जीए जा रहे है, नाम का अमृत पीए जा रहे हैं । मेरा बिगड़ा जीवन संवारा ना होता, तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ॥ ॥ अगर श्याम सुन्दर का...॥ मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम । कोई नहीं था दुनियाँ में अपना, कन्हिया से मिलना लगता है सपना । कन्हिया ने हमको जो पुकारा ना होता, तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ॥ ॥ अगर श्याम सुन्दर का...॥ मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम, मेरे श्याम । भँवर में थी नैया, दिया है किनारा, इन्ही की कृपा से चले है गुजारा । कृपा भरी दृष्टि से निहारा ना होता, तो दुनियाँ में कोई हमारा ना होता ॥ ॥ अगर श्याम सुन्दर का...॥ मेरे श्याम, म...

मैं दो-दो माँ का बेटा हूँ | Bhajan 120 - Main Do Do Maa Ka Beta Hun ...

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मैं दो-दो माँ का बेटा हूँ, दोनों मैया बड़ी प्यारी है । एक माता मेरी जननी है, एक जग की पालनहारी है ॥ मैं जननी को जब माँ कहता, वो सिर पर हाथ फिराती है । त्रिशूल रुपणी दादी को, वो जग माता बतलाती है । मैं उसकी गोद में जाता हूँ, वो तेरी शरण दिखलाती है । अब शरण में तेरी आया हूँ, तू क्यों नहीं गले लगाती है ॥ ॥ मैं दो-दो माँ का बेटा हूँ...॥ मेरी जननी ओझल हुई, पर तुम तो समाने हो मेरे । वो इसी भरोसे छोड़ गई, कि तुम तो साथ में हो मेरे । अब दिल जो माँ को याद करे, वो सीधे तेरे दर जाए । हे जग जननी तेरी छवि में ही, मेरी मैया मुझे नजर आए ॥ ॥ मैं दो-दो माँ का बेटा हूँ...॥ जनंनी ने मुझको जन्म दिया, तुम बन के यशोदा पाली हो । मेरी जनंनी की भी जननी तुम, दादीजी झुंझुनुवाली हो । वो लोरी मुझे सुनाती है, तुम सत्संग मुझे कराती हो । वो भोजन मुझे खिलाती है, तुम छप्पन भोग जिमाती हो ॥ ॥ मैं दो-दो माँ का बेटा हूँ...॥ मैं दो-दो माँ का बेटा हूँ, दोनों मैया बड़ी प्यारी है । एक माता मेरी जननी है, एक जग की पालनहारी है ॥