Jisne Bhi Sache Man Se Shiv Bhole... | जिसने भी हे सच्चे मन से, शिव भोले | Bhajan 171 |
॥ श्री शिव वन्दना ॥
(तर्ज : जाने वाले एक सन्देशा... )
जिसने भी हे सच्चे मन से, शिव भोले का ध्यान किया
खुश होकर के शिव भोले ने, मन चाहा वरदान दिया ॥टेर॥
देवों में देव निराला, मेरा डमरू वाला है
बातों की एक बात ये, भगतों का रखवाला हैं । |
भगतों का हर काम प्रभु ने, पल में तुरन्त संवार दिया ॥1॥ खुश होकर के शिव भोले ...
देवों को अमृत मंधन में, हीरे मोती लुटा दिये,
जब विष की बारी आई तो, उसको कैंसे कौन पिये ।
नीलकण्ठ था नाम पड़ा तेरा, जब तुमने विषपान किया ॥2॥ खुश होकर के शिव भोले ...
भांग धतूरा खा कर भोला, पर्वत ऊपर वास करे,
संग विराजे पारवती माँ, जो भगतों के कष्ट हरे ।
शिव शक्ति के सुमिरन ने, भगतों का बेड़ा पार किया ॥3॥ खुश होकर के शिव भोले ...
भोले अपने नाम को अब तो, कर साकार दिखादे तू,
हम सब है अज्ञानी वालक, ज्ञान की घूंट पिलादे तू ।
“भक्त मण्डल' आज प्रेम से, भोले तेरा नाम लिया ॥4॥ खुश होकर के शिव भोले ...
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