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मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी .. | Matwali Mehendi Ae.. Dadi Ke Hatha Rachgi | Dadi Bhajan : 180

  मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी तर्ज : नखरालो देवरियो  मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी हाथां रचगी...माँ के हाथां रचगी... कामण गारी मेंहदी ए,दादी के हाथां रचगी... हे अनमोल सुहाग निशानी,तेरी किस्मत न्यारी दादी जी के हाँथ रची तू,लागे प्यारी प्यारी श्यामल गारी मेंहदी ए,हाथां की शोभा बणगी मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी घनी राचणी मेंहदी गंगाजल में म्हे घुलवायी चांदी की चौकी पर बैठी दादी हाँथ मण्डाई जादूगारी मेंहदी ए,दादी पर जादू करगी मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी सर्व-सुहागन हे बड़भागान तन्ने हाँथ रचावे लाल सुरंगी रचकर तू हाथां को मान बढ़ावे बड़ी प्यारी मेंहदी ए,दादी के मन बसगी मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी मेंहदी तेरा भाग अनोखा,दादी के मन भायी दादी जी किरपा ताईं तरसे लोग-लुगाई प्यारी-प्यारी मेंहदी ए,हरष के हिये रमगी मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी मतवाली मेंहदी ए दादी के हाथां रचगी हाथां रचगी...माँ के हाथां रचगी... कामण गारी मेंहदी ए,दादी के हाथां रचगी...

ओढ़ो जी ओढ़ो दादी, म्हारी भी चुनरिया | Odho Dadi Mhari Bhi Chunariya | Dadi Bhajan - 179

  ओढ़ो जी ओढ़ो दादी, म्हारी भी चुनरिया                                        तर्ज : खम्मा खम्मा ओढ़ो जी ओढ़ो दादी, म्हारी भी चुनरिया, शान से ल्याया थारा, टाबरिया थारा बालकिया, ओढो म्हारी भी चुनरिया, ओढो जी ओढो दादी, म्हारी भी चुनरिया ॥ राचणी मेहंदी थारे, हाथां में लगावा, गजरो बनावा थारे, जुड़े में सजावा, फूल मंगाया बढ़िया बढ़िया, ओढो म्हारी भी चुनरिया, ओढो जी ओढो दादी, म्हारी भी चुनरिया ॥ दादी जी आओ थारे, भोग लगावा, हलवा पूड़ी मेवा का, थाल सजावा, खीर बनवाई दादी केसरिया, ओढो म्हारी भी चुनरिया, ओढो जी ओढो दादी, म्हारी भी चुनरिया ॥ चुनड़ी ओढ़ाया म्हारो, मान बढ़ेगो, और भी थारो, सिणगार खिलेगो, ‘सोनू’ सरावेगी या सारी दुनिया, ओढो म्हारी भी चुनरिया, ओढो जी ओढो दादी, म्हारी भी चुनरिया ॥ ओढ़ो जी ओढ़ो दादी, म्हारी भी चुनरिया, शान से ल्याया थारा, टाबरिया थारा बालकिया, ओढो म्हारी भी चुनरिया, ओढो जी ओढो दादी, म्हारी भी चुनरिया ॥